Sunday, October 17, 2021

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डॉ. सिद्धार्थ

13 करोड़ परिवारों को भूख, कुपोषण एवं अकाल से बचाने के लिए चिदंबरम का सुझाव

लॉक डाउन के चलते पैदा हुए आर्थिक हालात के चलते पहले से ही गरीबी रेखा के नीचे या कगार पर खड़े भारत के 13 करोड़ परिवार भूख, कुपोषण और अब अकाल की स्थिति की तरफ बढ़ रहे हैं। यदि...

मुंबई में मजदूरों के विद्रोह के लिए मोदी जी के तुगलकी फरमान हैं जिम्मेदार!

प्रधानमंत्री द्वारा देशव्यापी लॉक डाउन को 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा के चंद घटों बाद ही मुंबई के उपनगर बांद्रा ( पश्चिम) में हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूरों का सड़कों पर उतर आना और अपने घर जाने...

आत्म मुग्ध प्रधानमंत्री का आत्म प्रशंसात्मक प्रवचन

आज तीसरी बार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कोरोना संकट से संदर्भ में देश को करीब 25 मिनट तक संबोधित किया। पूरा संबोधन आत्ममुग्धता और आत्मप्रशंसा से प्रवचन की शैली में था। चूंकि प्रधानमंत्री जी के संबोधन की...

जयंती पर विशेष: हिंदू राष्ट्र के बारे में क्या सोचते थे डॉ. आंबेडकर

आज जब हम भारत के संदर्भ में राष्ट्रवाद के प्रश्न पर विचार कर रहे हैं, तो यह कोई अमूर्त अकादिमक विमर्श का प्रश्न नहीं, बल्कि बर्बर हिंदू राष्ट्रवाद अपने खूंख़ार नख-दंत के साथ हमारे सामने है। हिंदू राष्ट्र का...

आधुनिक भारत के प्रस्तोता ज्योतिबा फुले, डॉ. आंबेडकर और राहुल सांकृत्यायन

(स्वतंत्रता, समता और भाईचारे पर आधारित आधुनिक भारत का सपना देखने वाले तीन महापुरुषों के जन्मदिन का समय है। 9 अप्रैल 1893 राहुल सांकृत्यायन, 11 अप्रैल 1827 जोतिबा फुले और 14 अप्रैल 1891 बाबा साहब भीमराव आंबेडकर। इन तीनों...

जयंती पर विशेष: भारतीय पुनर्जागरण के जनक जोतीराव फुले हैं, राजाराम मोहनराय नहीं

(भारत की देशज शोषण-उत्पीड़न और गैर-बराबरी की आर्य-ब्राह्मणवादी व्यवस्था (भारतीय सामंतवाद) को आधुनिक युग में पहली बार चुनौती देने वाले पहले व्यक्तित्व फुले दंपति- जोतीराव फुले और सावित्रीबाई फुले हैं। जिन्होंने सत्य शोधक समाज (1873) के माध्यम से वर्ण-जाति...

जन्मदिन पर विशेष: हिंदुओं के धर्म, ईश्वर और जाति का विनाश क्यों चाहते थे राहुल सांकृत्यायन?

राहुल सांकृत्यायन (9 अप्रैल 1893-14 अप्रैल 1963) बचपन का नाम केदारनाथ पाण्डेय, वैरागी साधु बनने पर नाम पड़ा राम उदार दास और बौद्ध धम्मानुयायी बनने पर नाम हो गया राहुल सांकृत्यायन। यह नाम परिवर्तन उनकी वैचारिक यात्रा को दर्शाता...

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के आगे झुककर मोदी जी ने देश को शर्मसार किया है

नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में कई बार शर्मसार किया। लेकिन पता नहीं क्यों यह उम्मीद फिर भी बची थी कि जब देश की संप्रभुता एवं सम्मान का प्रश्न आएगा, तो भारत के एक नागरिक के...

वैश्विक महामारी, मानवीय त्रासदी और मौत का जश्न

ऐसे समय में जब विश्व समुदाय कोरोना वायरस ( कोविड-19) की महामारी का तेजी से शिकार बन रहा है, 6 अप्रैल (आज तक) तक 69 हजार 456 मौतों की पुष्टि विश्व स्वास्थ्य संगठन कर चुका है। 45,592 लोग गंभीर...

कोरोना संकट: भारत के विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों की मोदी को सलाह

नई दिल्ली। एनडीटीवी के प्रणय रॉय के साथ 1 घंटे से अधिक समय की बातचीत में भारत के विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों एवं नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी, अमर्त्य सेन, पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन और कौशिक बसु आदि ने...

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11 महीने पुराने किसान आंदोलन जिसको 700 शहादतों द्वारा सींचा गया व लाखों किसानों के खून-पसीने के निवेश को...

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