देश की आज़ादी लाखों-लाख लोगों की क़ुर्बानियों का नतीजा है। जिसमें लेखक, कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों ने भी… Read More
ज़ाहिद खान
राहत इंदौरी बेहद आन-बान और शान वाले शायर थे। पूरे तीन दशक तक मुशायरों में उनकी बादशाहत… Read More
हिन्दी-उर्दू साहित्य में कथाकार प्रेमचंद का शुमार, एक ऐसे रचनाकार के तौर पर होता है, जिन्होंने साहित्य की पूरी… Read More
‘नबान्न’ और ‘जबानबंदी’ भारतीय जन नाट्य संघ के आरंभिक दिनों के नाटक हैं, जिनसे इप्टा को पूरे… Read More
हिंदुस्तानी अदब में प्रोफ़ेसर अहमद अली की पहचान ‘अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ’ के संस्थापक सदस्य और… Read More
‘जनता पूछ रही क्या बतलाऊं, जनकवि हूं साफ़ कहूंगा क्यों हकलाऊं।’ ये पंक्तियां बाबा नागार्जुन की कविता… Read More
तृप्ति मित्रा, भारतीय जन नाट्य संघ यानी इप्टा से इब्तिदाई दौर में जुड़ने वाली अदाकारा में से… Read More
‘उद्भावना’, हिन्दी-उर्दू साहित्य पर केन्द्रित एक वैचारिक पत्रिका है। मैंने इसमें ‘उर्दू साहित्य’ का समावेश इसलिए किया… Read More
भारतीय सिनेमा में मृणाल सेन एक ऐसे निर्देशक हुए हैं, जिन्होंने अपनी प्रयोगशील और समाजी-सियासी तौर पर… Read More
मजनूं गोरखपुरी की शख़्सियत एक संस्था की हैसियत रखती थी तरक़्क़ीपसंद तहरीक में मजनूं गोरखपुरी का नाम बड़े… Read More