ज़ाहिद खान

जन्मदिवस विशेष: थोड़े में बहुत कुछ कहने वाला अफसानानिगार राजिंदर सिंह बेदी

उर्दू अफ़्सानवी अदब बात हो, और वह राजिंदर सिंह बेदी के नाम के ज़िक्र के बिना ख़त्म… Read More

पुस्तक समीक्षा: ‘अधूरे’ एक रूपक है, इंसानी ज़िंदगी के अधूरेपन का

‘अधूरे’ तेलुगु कहानी संग्रह है, जिसका हिंदी अनुवाद डॉ. एस.के. साबिरा ने किया है। संग्रह की सारी… Read More

स्वतंत्रता दिवस विशेष: जब लेखकों-कलाकारों ने अवाम में जगाया आज़ादी का अलख

देश की आज़ादी लाखों-लाख लोगों की क़ुर्बानियों का नतीजा है। जिसमें लेखक, कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों ने भी… Read More

प्रेमचंद के साहित्य में प्रतिरोध के स्वर

हिन्दी-उर्दू साहित्य में कथाकार प्रेमचंद का शुमार, एक ऐसे रचनाकार के तौर पर होता है, जिन्होंने साहित्य की पूरी… Read More

जन्म दिवस विशेष: ‘अंगारे’ के अहम अफ़साना निगार अहमद अली

हिंदुस्तानी अदब में प्रोफ़ेसर अहमद अली की पहचान ‘अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ’ के संस्थापक सदस्य और… Read More

जनकवि नागार्जुन जन्म दिवस विशेष: ‘जनकवि हूं साफ़ कहूंगा क्यों हकलाऊं’

‘जनता पूछ रही क्या बतलाऊं, जनकवि हूं साफ़ कहूंगा क्यों हकलाऊं।’ ये पंक्तियां बाबा नागार्जुन की कविता… Read More