Wednesday, October 20, 2021

Add News

पंड्या हत्या पर फैसला: धराशायी हो गयी न्याय की पीठ!

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

एक भाजपा का नेता था

वह गुजरात का था

वह नरेंद्र मोदी की गुजरात सरकार में मंत्री था

उसका नाम हरेन पंडया था

जब गुजरात में दंगे हुए

तो उस मंत्री ने एक मुसलमान की जान बचाने में मदद करी थी

बाद में उस मंत्री ने एक जांच दल को बताया था कि मोदी ने ही अधिकारियों की मीटिंग करी थी और उनसे कहा था कि मुसलमानों को बचाने की ज़रूरत नहीं है

बाद में मोदी अपने ही मंत्री हरेन को निकाल दिएफिर अगले चुनाव में मोदी ने हरेन को चुनाव लड़ने के लिए भाजपा का टिकट भी नहीं दिया

हांलाकि जेटली और अडवाणी ने मोदी से कहा कि हरेन को टिकट दो लेकिन मोदी ने बात नहीं मानी

कुछ महीने बाद हरेन की लाश उसकी गाड़ी में मिली

हरेन की हत्या से पहले पुलिस ने उस जगह खड़े होकर सामान बेचने वाले लोगों को हटा दिया था

पुलिस अगर हत्या वाली जगह को पहले से खाली करवा रही हो

तो हत्या करने वाला सरकार में बैठा होगा

हरेन को गोली मारी गई थी

लेकिन गाड़ी में खून की एक भी बूंद नहीं थी

गाड़ी में कोई गोली भी नहीं मिली

साफ़ था हरेन को कहीं और मार कर गाड़ी में लाकर लाश को बैठा दिया गया गया था

पुलिस ने हरेन को मारने के इल्ज़ाम में कुछ मुसलमानों को जेल में डाल दिया

ज़िला अदालत ने उन मुसलमानों को सज़ा भी सुना दी

लेकिन हाईकोर्ट ने सभी मुसलमानों को बेक़सूर मानते हुए बरी कर दिया

पुलिस के पास इन मुसलमानों के खिलाफ कोई सबूत नहीं था

फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में आया

सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की बेंच ने फैसला दिया कि इन मुसलमानों ने ही हरेन को मारा था

इन दो जजों में से एक थे अरुण मिश्रा

इसी अरुण मिश्रा ने जस्टिस लोया की मौत का मुकदमा सुप्रीम कोर्ट से खारिज कर दिया था

इसी जज अरुण मिश्रा को मुख्य जज दीपक मिश्रा सरकार के फंसने वाले सारे मुकदमें देते थे

जिनमें अरुण मिश्रा सरकार को बचा देते थे

इसी जज अरुण मिश्रा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कांफ्रेंस करी थी

तो हरेन पंडया की हत्या में उन मुसलमानों को सज़ा देने वाले एक तो यही बदनाम अरुण मिश्रा थे

हरेन पंड्या हत्या मामले में निर्दोष मुसलमानों के खिलाफ अरुण मिश्रा के साथ यह फैसला देने वाले जज हैं विनीत शरण

तो विनीत शरण की जनम पत्री भी सुन लीजिये

विनीत शरण के पिता एबी शरण इलाहबाद हाईकोर्ट में वकील थे

विनीत शरण ने अपनी वकालत अपने पिता के जूनियर के रूप में शुरू करी थी

जज विनीत शरण के पिता एबी शरण इलाहाबाद के विश्व हिन्दू परिषद् के चीफ थे

लेखिका मंजरी काटजू ने सन 2010 में एक किताब लिखी थी जिसका नाम था ‘विश्व हिन्दू परिषद एंड इंडियन पालिटिक्स’

इस किताब में लेखिका मंजरी काटजू ने बाकायदा एबी शरण का इंटरव्यू छापा था

इस इंटरव्यू में एबी शरण ने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद लोगों ने आरएसएस से दूरी बना ली थी और अपने बच्चों को उसमें भेजना बंद कर दिया था इसलिए अब आरएसएस ने विश्व हिन्दू परिषद बनाई है

जज विनीत शरण ने तीन और अन्य जजों के साथ मिलकर इलाहबाद के एक बंगाली परिवार की ज़मीन हड़प ली थी

इलाहबाद हाईकोर्ट के जज एपी साही ने जज विनीत शरण के खिलाफ फैसला भी दे दिया था

लेकिन जल्दी ही हाईकोर्ट ने जज के खिलाफ यह फैसला वापस ले लिया और फैसला देने वाले जस्टिस साही का तबादला भी कर दिया

जज विनीत शरण का तबादला भी कर्नाटक कर दिया गया

कुछ समय बाद जज विनीत शरण को ओडिशा का मुख्य जस्टिस बना दिया गया

ओडिशा में जज विनीत शरण ने अडानी के पक्ष में कई फैसले दिए और समुद्र का तट अडानी को सौंप दिया

इलाहाबाद के उस बंगाली पीड़ित परिवार ने राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री को लिखा और सर्वोच्च न्यायलय में अपील करी

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस विनीत शरण के खिलाफ मुकदमा सुने बिना ही पहली सुनवाई में खारिज कर दिया

सन 2018 में विनीत शरण को सर्वोच्च न्यायलय का जज बनाया गया

इसी जज विनीत शरण ने जज अरुण मिश्रा के साथ मिलकर मंत्री हरेन पंडया की हत्या के मामले में बरी हो चुके मुसलमानों को सज़ा सुना दी और सत्ता में बैठे असली कातिलों को बचा लिया

(हिमांशु कुमार गांधीवादी कार्यकर्ता हैं और आजकल हिमाचल प्रदेश में रहते हैं।)

(नोट: लेख में दिए गए विचार लेखक के निजी हैं। उसके लिए जनचौक किसी भी रूप में जिम्मेदार नहीं होगा।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

1 COMMENT

  1. In case the above statement has any iota of truth in it,then, it’s very sad and disturbing as it may happen that India’s Judiciary and Democracy would face black days in future and ultimate doom.

Latest News

अब तो चेतिये हुजूर! जम्मू-कश्मीर आपके साम्प्रदायिक एजेंडे की कीमत चुकाने लगा

शुक्र है कि देर से ही सही, जम्मू कश्मीर में नागरिकों की लक्षित हत्याओं को लेकर केन्द्र सरकार की...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -