Tuesday, October 19, 2021

Add News

जनता को खड़ा ही होना होगा सरकार की अराजकता और विपक्ष के नकारेपन के खिलाफ

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

नई दिल्ली। ऐसा लग रहा है कि जैसे लोग भांग खाये घूम रहे हों। पूंजीपतियों के दबाव में मोदी सरकार ने किसानों को उसके खेत में और मजदूरों को फैक्टरियों, निजी कार्यालयों में बंधुआ बनाने की पूरी तैयारी कर ली है। आदमी जो थोड़ा बहुत अपने हक के लिए लड़ता था, उस पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। निजी संस्थाओं में पहले से ही शोषण और दमन का खेल चरम पर है। ऊपर से यह सरकार 44 श्रम कानूनों में बदलाव करने जा रही है। ये सब संशोधन पूंजीपतियों के पक्ष और श्रमिकों के विरोध में होने हैं। मतलब श्रमिक जो थोड़ा बहुत अन्याय से लड़ लेता था उसको पूरी तरह से पंगु बनाने की तैयारी कर ली गई है।

भूमि अधिग्रहण में संशोधन कर किसानों, आदिवासियों की जमीन को पूंजीपतियों को सौंपने का रास्ता साफ कर दिया गया है। अब तक देश में चल रही लूट-खसोट व दूसरी जानकारियां आरटीआई के तहत मांगी जाती रही हैं। लिहाजा सरकार ने उसको भी दफ्न करने की दिशा में आगे कदम बढ़ा चुकी है। चुनावी चंदे के मामले में पहले ही सरकार के अटार्नी जनरल वेणुगोपाल ने कह दिया है कि जनता को उससे क्या मतलब। उसे तो अपने उम्मीदवार से मतलब होना चाहिए। मतलब जनता की औकात बताने की कोशिश इस सरकार ने की है। ये वही लोग हैं जो चुनाव के समय जनता को जनार्दन कहते हैं। बढ़ते एनपीए के चलते अर्थव्यवस्था पूरी तरह से डावांडोल है। ये जो लोग जिस शेयर मार्केट का गाना गाते नहीं थकते थे। उसमें अरबों का नुकसान हो चुका है। लाखों डिग्रीधारी युवा मजदूरी करने को मजबूर हैं। निजी संस्थानों में 10-12 घंटे काम लिया जा रहा है। वह भी स्तर से गिरकर। पैसा तो नौकरी में रहा ही नहीं अब मान और सम्मान भी नहीं बचा है।
जो लोग पेंशन ले रहे हैं या फिर पहली कमाई से संपन्न हैं। वे अपने बच्चों से आज के मार्केट की स्थिति के बारे में पूछें। मंथन करें कि इस व्यवस्था में उनके बच्चों का क्या होगा।

खुद तो पेंशन ले रहे हैं पर उनके बच्चों को यह नहीं मिलेगी। हां देश में यदि कोई एक दिन के लिए भी जनप्रतिनिधि बन जाए उसे जिंदगी भर पेंशन मिलेगी। पर साठ साल तक नौकरी करने वाले को नहीं। इस पर प्रधानमंत्री नहीं बोलेंगे ?
संविधान की रक्षा करने वाली संस्थाएं न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया इस सरकार ने पूरी तरह से पंगू बना दी हैं। अपने पक्ष में सन सबका इस्तेमाल कर रही है। जो लोग अमरीका, चीन, रूस जैसे देशों से प्रधानमंत्री से अ’छे संबंध की बात कर रहे हैं। वे यह बात अ’छी तरह से समझ लें कि इन सब देशों को व्यापार करना है। उन्हें मालूम है कि हमारे देश में उनका सामान खरीदने के लिए लोग तो है ही। उनके कारोबार के लिए न केवल जमीन सस्ती उपलब्ध हो जाएगी बल्कि श्रम भी। इसका वादा मोदी ने इन देशों से कर दिया है। भूमि अधिग्रहण और श्रम कानून में तो पिछली सरकार में ही संशोधन होने वाला था। वह तो राज्यसभा में बहुमत न होने की वजह नहीं हो पाया था। अब हो जाएगा। जनता ने अपनी बर्बाद की व्यवस्था खुद ही कर दी है।

भ्रष्टाचार को लेकर विपक्ष के नेताओं को तो टारगेट बनाया जा रहा पर सत्तापक्ष के एक भी नेता पर अभी तक शिकंजा नहीं कसा गया। क्या सत्ता में बैठे सभी नेता हरिश्चंद्र हैं? ये जो दूसरे दलों से नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं सभी क्या दूध के धुले हुए हैं? तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, सपा, इनेलो समेत विभिन्न दलों से जो नेता भाजपा में शामिल हुए उनकी छवि के बारे में किसी को बताने की जरूरत नहीं है। मतलब यदि बचना है तो भाजपा में शामिल हो जाओ। अब तो पूरा देश जान गया है कि भाजपा एक ऐसी गंगा हो गयी है जो भ्रष्ट और अपराधियों को भी पवित्र कर देती है। लिहाजा हर फंसा हुआ शख्स उसमें डुबकी लगाने के लिए तैयार है।

जिन-जिन प्रदेशों में चुनाव आने वाले हैं। बीजेपी ने पहले से ही उसकी तैयारी शुरू कर दी है। उसकी यह तैयारी दूसरे दलों के मुकाबले कुछ अलग किस्म की होती है। इसमें सबसे पहले उन विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है जो उसकी सत्ता की राह में रोड़े खड़े कर सकते हैं। चुनाव जीतते ही इन नेताओं पर कसा जा रहा शिकंजा ढीला कर दिया जाएगा। ये सभी ईमानदार हो जाएंगे। मतलब सरकार को देश और समाज का कोई भला नहीं करना है। अपनी सत्ता के लिए संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल करना है। जैसा कि उत्तर प्रदेश में हुआ जब लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव को आय से अधिक संपत्ति मामले में क्लीन चिट दिलवा दी गयी। अब जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव आ रहे हैं तो फिर से अखिलेश यादव पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गयी है। 

केंद्र सरकार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अधिकतर जजों को भी अपने पक्ष में कर लेती है। उनको किसी आयोग के चेयरमैन या फिर उसी तरह के किसी लाभ के पद का लालच दे दिया जाता है। हर कोई अपना बुढ़ाना सुधारना चाहता है। जमीर तो लोगों के अंदर बचा नहीं है। 
आज देश जिस मुकाम पर आकर खड़ा हो गया है। उसमें न केवल उसकी पहचान बल्कि उसका पूरा वजूद दांव पर लगा हुआ है। इस मामले में मोदी सरकार की भूमिका बेहद ही नकारात्मक है। जनता को खड़ा होकर भ्रष्टाचार मामले में विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों के भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलना होगा। सरकार से रोजगार और सुरक्षा के मामलों में जवाब मांगना होगा।
जाति और धर्म के नाम पर भटकने की जगह युवाओं को अपने भविष्य की चिंता करनी होगी। अन्याय का विरोध करना होगा। राजनीतिक दल  सत्ता के लिए जाति और धर्म के नाम पर लड़ाकर युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दे रहे हैं।

देश में सभी नीतियां पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं। ऐसा हो भी क्यों न जब ये दल इन्हीं के पैसे से राजनीति करते हैं और इनके ही पैसे से चुनाव लड़ते हैं तो फिर इनके लिए ही काम करेंगे न। कभी लोगों ने यह जानने की कोशिश की है कि मोदी जिस हेलीकाप्टर से चुनाव में घूमते रहे आखिर इस पर कितना खर्च आ रहा है। या फिर इसका खर्च निकालने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री बनकर कितना जनता का नुकसान करना पड़ रहा होगा। मोदी के मित्र अडानी पर 72 हजार करोड़ का कर्ज है। बैंकों का पूंजीपतियों पर पांच लाख करोड़ का कर्ज है। 3 लाख रुपये एनपीए यानी कि बट्टा खाते में डाल दिया गया। इनके नाम भी लोगों को नहीं बताए जा रहे हैं क्योंकि ये इज्जतदार लोग हैं। यदि इनका पता जनता को चल जाए तो इनकी इज्जत चली जाएगी। आज रिजर्व बैंक की स्थिति यह है कि उसका रिजर्व पैसा भी सरकार ने निकाल लिया है। अच्छी छवि वाले व्यावसायियों के कर्जे लौटाने के लिए भी बैंकों के पास पैसा नहीं है। 

इन सबके बावजूद यह कहा जा रहा है कि देश में सब कुछ अच्छा चल रहा है। मोदी ने देश को विश्वगुरु बना दिया है। अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस सभी देश मोदी के पीछ-पीछे घूम रहे हैं। कहीं ऐसा न हो कि पाकिस्तान को औकात बताते-बताते हमारी ही औकात पूरी दुनिया जान जाए। यदि लोग अभी भी जाति और धर्म से बाहर निकलकर इस अराजकता के खिलाफ न खड़े हुए तो फिर ये लोग खड़ा होने का मौका भी न देंगे।
हां, मैं भी इस बात के पक्ष में हूं कि विपक्ष में बैठे लुटेरों की संपत्ति जब्त कर उन्हें जेल में डाला जाए पर इसके साथ ही सत्ता में बैठे लुटेरों, चोरों और अपराधियों को भी न बख्शा जाए। (चरण सिंह पत्रकार हैं और आजकल नोएडा से निकलने वाले एक दैनिक समाचार पत्र में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

श्रावस्ती: इस्लामी झंडे को पाकिस्तानी बताकर पुलिस ने युवक को पकड़ा

श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती ज़िले में एक बड़ा मामला होते-होते बच गया। घटना सोमवार दोपहर की है जहां...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.