Saturday, May 28, 2022

crisis

सरकारी दावों पर पानी फेरता झारखंड के पानी का सच

कहा जाता है कि पहाड़ से पानी का रिश्ता सदियों पुराना है। प्रकृति के इसी गठबंधन की वजह से पहाड़ और जंगल से घिरे इलाकों में कभी पानी की कमी नहीं रही। लेकिन झारखंड में पिछले तीस साल के...

असली पत्रकारों के लिए खड़ा हो गया है अस्तित्व का संकट

प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन और उत्तरोत्तर गिरती स्थिति पर चर्चा और विमर्श जारी है। हाल के दिनों में पत्रकारों के दमन और उत्पीड़न के समाचारों की आवृत्ति भी चिंताजनक रूप से बढ़ी है। पत्रकारों को...

कैसे बचेगा पंजाब का अस्तित्व?

गुरुबाणी के संदेश ‘पवन गुरु, पानी पिता, माता धरा सामान’ में आस्था रखने वाले पंजाबियों के लिए वैज्ञानिकों ने दो साल पहले भविष्यवाणी की थी कि 2025 तक पंजाब के भूजल संसाधन सूख जाएंगे और अगले कुछ सालों में...

आखिर क्या है कांग्रेस पार्टी का संकट?

सन् 2020, 2021 और 2022 के विधान सभा चुनावों के परिणामों के यदि देखें तो ये परिणाम कांग्रेस पार्टी के लिए काफी निराशाजनक रहे हैं। 2019 के विधान सभा चुनावों में कांग्रेस की छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में...

जल संकट: गंगा भी न बुझा सकी अमरोहा की प्यास!

अमरोहा। देश में जल संकट की समस्या अब आम होती जा रही है।  ऐसा शायद ही कोई राज्य हो जो जल संकट से ना जूझ रहा हो। गांव-देहात में गिरता वाटर लेवल चिंताजनक है। हैंडपंप, सबमर्सिबल से धरती के...

 अदृश्य पानी, दिखता संकट

22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। ताजा पानी के महत्व को रेखांकित करने के लिए 1993 से यह आयोजन होता है। इस वर्ष के आयोजन का विषय भूजल है जो कम से कम भारत में पेयजल...

स्वास्थ्य बजट: कोरोना से नहीं लिया सरकार ने कोई सबक

वित्तीय वर्ष 2022-23 के स्वास्थ्य बजट से इस क्षेत्र के जानकार आहत,दुःखी और आक्रोशित हैं। पूर्व स्वास्थ्य सचिव भारत सरकार के. सुजाता राव कहती हैं- "कोविड-19 के कारण 30 लाख लोगों की मृत्यु होने का अनुमान है जो किसी...

ग्राउंड रिपोर्ट: आगरे की उजड़ती चमड़े की दुनिया!

यूपी में पहले चरण के चुनाव के लिए 10 फरवरी को मतदान किया जाएगा। जिसकी तैयारी जोरों-शोरों से चल रही है। पहले चरण में ही आगरा की सभी नौ सीटों पर मत डाला जाएगा। जिसके लिए लोगों में कहीं...

भारतीय गणतंत्र पर छाया संकट का घटाटोप

भारतीय गणतंत्र की स्थापना का 73वां शुरू होने जा रहा है। किसी भी राष्ट्र या गणतंत्र के जीवन में सात दशक की अवधि अगर बहुत ज्यादा नहीं होती है तो बहुत कम भी नहीं होती। इसमें कोई दो राय...

ऑक्सीजन की कमी से मरे नागरिकों को पेड़ लगाने की नसीहत

अप्रैल-मई 2021 कोरोना की दूसरी लहर में देश के नागरिकों को ऑक्सीजन की कमी से लोगों को तड़पा तड़पाकर मारने वाली सरकार के पर्यावरण मंत्री रहे प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हम जितने पेड़ लगाएं उतना ही बेहतर है।...
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नॉर्थ ईस्ट डायरी: असम में दोहराई जा रही यूपी की बुल्डोजर राजनीति?

क्या उपद्रवियों को दंडित करने के लिए बुल्डोजर को नवीनतम हथियार बनाकर  असम उत्तर प्रदेश का अनुसरण कर रहा...
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