संस्कृति-समाज

किताब पर चर्चा; अब ज्यूडिशियरी की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए: वृंद्रा ग्रोवर

नई दिल्ली। ‘ये किताबें हमारे सामने क़ानून को कठघरे में रखती हैं ’, यह कहना है सुप्रीम कोर्ट… Read More

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: 34 साल बाद भी नहीं मिला रुचिका गिरहोत्रा को न्याय

महिला दिवस की पूर्व संध्या से दो दिन पहले आए एक फ़ैसले ने रुचिका गिरहोत्रा की हौलनाक… Read More

ग्रामीण अर्थतंत्र के बीच किसानों की जिजीविषा को बड़े परिदृश्य पर रखता हरियश राय का उपन्‍यास माटी-राग

वाणी प्रकाशन समूह द्वारा प्रकाशित हरियश राय के नये उपन्‍यास माटी- राग का लोकार्पण विश्व पुस्‍तक मेले… Read More

कर्फ़्यू की रात: ‘हर आतंकवादी मुसलमान ही क्यों होता है?’ सवाल का जवाब देती किताब

अक्सर ही हमें यह सुनने को मिलता है कि ‘हर मुसलमान आंतकवादी नहीं होता, मगर हर आतंकवादी… Read More

यूथ फॉर हिमालय 2024 में ‘भाखा बहता नीर’ का विमोचन

कांगड़ा। समस्त हिमालयी राज्यों के पर्यावरणवादी समूह यूथ फॉर हिमालय की संभावना संस्थान पालमपुर में आयोजित एक… Read More

‘आतंकवादी का फर्ज़ी ठप्पा’: राज्य व्यवस्था की क्रूरता की सच्ची दास्तां

भारतीय राज्य व्यवस्था के बेपर्दा और क्रूर चेहरे को करीब से देखना हो तो मोहम्मद आमिर ख़ान… Read More

एक टांग पर खड़ा बनारस शहर नहीं, समास है: केदारनाथ सिंह की कविता बनारस

कविता में सामान्य मनुष्य, स्थान का उल्लेख तो होता ही रहता है। किसी विशिष्ट या खास व्यक्ति… Read More

मुद्दा क्या है ! ‘घनचक्करों’ और ‘धनचक्रों’ का तिकड़म ताल: मुद्दा है लोकतंत्र अब हो बहाल!

गिने-चुने दिन रह गये हैं। आम चुनाव 2024 सामने है। विभिन्न राजनीतिक दल और गठबंधन अपने-अपने चुनावी… Read More