संस्कृति-समाज

लोकतंत्रः जाति के लिए, जाति के द्वारा और जाति का

अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने उन्नीसवीं सदी में लोकतंत्र को परिभाषित करते हुए कहा था, “लोकतंत्र का… Read More

स्मृति शेष: सत्यजीत राय- वह जीनियस फ़िल्मकार जिसने पहली फिल्म से इतिहास रचा

सत्यजित राय देश के ऐसे फ़िल्मकार हैं, जिनकी पहली ही फ़िल्म से उन्हें एक दुनियावी शिनाख़्त और… Read More

ग्राउंड रिपोर्ट: अपनी विरासत सहेजने की जद्दोजहद करता कालबेलिया समुदाय

राजस्थान। भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां सबसे अधिक संख्या में धर्म, जाति और समुदाय… Read More

पुस्तक समीक्षा: निष्‍ठुर समय से टकराती औरतों की संघर्षगाथा दर्शाता कहानी संग्रह

शोभा सिंह का कहानी संग्रह, 'चाकू समय में हथेलियां', विविध समाजिक मुद्दों पर केंद्रित है, जैसे पितृसत्ता,… Read More

स्मृति शेष : जन कलाकार बलराज साहनी

अपनी लाजवाब अदाकारी और समाजी—सियासी सरोकारों के लिए जाने—पहचाने जाने वाले बलराज साहनी सांस्कृतिक कार्यों के ज़रिए… Read More

प्रलेस स्थापना दिवस: इजराइल के ज़ुल्मों के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीन की खुशहाली के ख़्वाब

इंदौर। प्रगतिशील लेखक संघ की इंदौर इकाई ने अपना स्थापना दिवस फिलिस्तीनी जनता के संघर्ष के नाम… Read More

कार्ल मार्क्स की अंतिम दैहिक विश्राम स्थली से: आइये, दुनिया को बदलें !

पूंजीवाद ने मार्क्सवाद को दफनाने का ऐलान काफी पहले कर दिया था। मार्क्स का दैहिक अंत हुए… Read More