सत्य ही विज्ञान है, सत्य एक निरंतर खोज है ठीक वैसे ही विज्ञान एक निरंतर शोध है।… Read More
संस्कृति-समाज
अनामिका हक्सर की फिल्म ‘घोड़े को जलेबी खिलाने जा रिया हूं’ बहुत गहरा प्रभाव छोड़ती है। यह… Read More
जबलपुर। प्रगतिशील लेखक संघ का 18वां राष्ट्रीय सम्मेलन 20, 21 और 22 अगस्त को जबलपुर में सम्पन्न… Read More
अगस्त के महीने को यदि हरिशंकर परसाई का महीना कहा जाए तो कम से कम साहित्य जगत… Read More
हरिशंकर परसाई हिंदी के पहले रचनाकार थे, जिन्होंने व्यंग्य को विधा का दर्जा दिलाया और उसे हल्के-फुल्के… Read More
पश्चिम के एक विद्वान हुए हैं चार्ल्स केटरिंग, उनकी स्थापना है कि “दुनिया परिवर्तन से नफरत करती… Read More
नई दिल्ली। भारत में मैला ढोने और शौचालयों की सफाई को एक जाति का काम बताने की… Read More
नई दिल्ली। यह अस्सी के दशक की बात है। मैं गांधीवादियों, समाजवादियों और आंबेडकरवादियों के विभिन्न आंदोलनकारी… Read More
शहरयार की लिखी गजल इस तरह है- ‘जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने / इस… Read More
अप्रैल,1986 में दिल्ली से पटना गया। अगले कुछ वर्षों के लिए तब पटना ही मेरा नया बसेरा… Read More