(हिंदी फ़िल्मों के प्रख्यात गीतकार शैलेंद्र का जन्म 30 अगस्त, 1923 को हुआ था और यह वर्ष… Read More
संस्कृति-समाज
फ़िराक़ गोरखपुरी हालांकि अपनी ग़ज़लों और मानीख़ेज़ शे’र के लिए जाने जाते हैं, मगर उन्होंने नज़्में भी… Read More
सत्य ही विज्ञान है, सत्य एक निरंतर खोज है ठीक वैसे ही विज्ञान एक निरंतर शोध है।… Read More
अनामिका हक्सर की फिल्म ‘घोड़े को जलेबी खिलाने जा रिया हूं’ बहुत गहरा प्रभाव छोड़ती है। यह… Read More
जबलपुर। प्रगतिशील लेखक संघ का 18वां राष्ट्रीय सम्मेलन 20, 21 और 22 अगस्त को जबलपुर में सम्पन्न… Read More
अगस्त के महीने को यदि हरिशंकर परसाई का महीना कहा जाए तो कम से कम साहित्य जगत… Read More
हरिशंकर परसाई हिंदी के पहले रचनाकार थे, जिन्होंने व्यंग्य को विधा का दर्जा दिलाया और उसे हल्के-फुल्के… Read More
पश्चिम के एक विद्वान हुए हैं चार्ल्स केटरिंग, उनकी स्थापना है कि “दुनिया परिवर्तन से नफरत करती… Read More
नई दिल्ली। भारत में मैला ढोने और शौचालयों की सफाई को एक जाति का काम बताने की… Read More
नई दिल्ली। यह अस्सी के दशक की बात है। मैं गांधीवादियों, समाजवादियों और आंबेडकरवादियों के विभिन्न आंदोलनकारी… Read More