बहुत लंबे समय से ‘लपूझन्ना’ मेरी पुस्तकों के रैक में पड़ी रही। इस अगस्त की बारिश ने… Read More
संस्कृति-समाज
मीठी गोलियों का जादू यानि होम्योपैथी अब भारत के साथ कई देशों में लोगों के सिर चढ़कर… Read More
हिन्दी लघु पत्रिकाओं का क्षेत्र बेहद विस्तृत है। इनमें से कई पत्रिकाएं ऐसी हैं, जो अपने वैचारिक… Read More
आज पूंजी, पूंजीवाद से अलग हो सिर्फ़ पूंजी का एकाधिकार चाहती है। उसी का संघर्ष अमेरिका में… Read More
राजगोपाल सिंह वर्मा का नाम आज किसी तआरुफ़ का मोहताज नहीं। बीते पांच साल में ऐतिहासिक सब्जेक्ट… Read More
आज के दौर में जब प्रजातंत्र कठघरे में है संविधान खतरे में है। अवाम दहशत में है।… Read More
अजय जी ने इस फानी दुनिया से विदा ले ली है। अपना सब कुछ इसी दुनिया में… Read More
हिंदी विश्वविद्यालय इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां प्रेमचंद की जयंती पर महज अभिवादन… Read More
हैदराबाद। ‘तेलंगाना प्रगतिशील लेखक संघ’, ‘तेलंगाना साहित्य अकादमी’ और ‘तेलंगाना उर्दू अकादमी’ के संयुक्त तत्वावधान में हैदराबाद… Read More
जिस समय प्रेमचंद ने लिखना शुरू किया, वह भारत के इतिहास का एक संक्रमणकाल था। एक ओर… Read More