बीच बहस

सती-विधवा प्रथा और स्त्री पराधीनता का कट्टर समर्थक है गीता प्रेस

‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता’ से लेकर ’नारी तुम केवल श्रद्धा हो….’ तक भारतीय संस्कृति और… Read More

जिनके ‘आदिपुरुष’ ही दादा कोंडके हैं, उनके रूप को नहीं सार को निहारिये! 

पिछले शुक्रवार 16 जून को रिलीज हुई 600 करोड़ की फिल्म ‘आदिपुरुष’ के टपोरी संवादों पर हिंदी भाषी… Read More