बीच बहस

ख्वाजा अहमद अब्बास ने फिल्म ‘धरती के लाल’ के जरिये दिखायी बंगाल के अकाल की भयावहता

अकाल पहले भी पड़ते थे। भारत का किसान पहले भी दुर्दिनों में जीता था। साहूकारों और ज़मींदारों… Read More

पेगासस गेट: क्या जजों और संवैधानिक संस्थाओं को आतंकी मानती है सरकार?

पेगासस स्पाइवेयर विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ यह आया है कि देश के पांच पत्रकारों, जिनका नाम,… Read More

गिरते लोकतंत्र के बैरोमीटर पर ऊंचा होता भ्रष्टाचार का पैमाना

भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित तीन  महत्वपूर्ण  आकलन इस वर्ष जारी हुए हैं: प्रथम, वर्तमान में  भारत में… Read More