राजनीति

वंदे मातरम के मौजूदा दौर में अरबपतियों की तूती, अंतिम व्यक्ति के हिस्से में रेवड़ी और झूठ 

पिछले दिनों संसद में तीन दिन तक वंदे मातरम पर बहस हुई। बहस इसलिए क्योंकि इसके जरिये… Read More

बिहार : निर्वाचित एकतंत्र की प्रयोगशाला; ज़रुरत है तीसरी आज़ादी की?

करीब डेढ़ सौ बरस पहले किसी क्रांतिकारी चिंतक ने कहा था कि राज्यसत्ता का चरित्र निरपेक्ष नहीं… Read More