अल्पसंख्यकों के लिए मंत्रिमंडल में कोटा निर्धारित करने के बाबा साहब के सपने को पूरा करे सरकार: शाहनवाज़ आलम

अलीगढ़। ‘गांधी-अंबेडकर संवाद यात्रा’ के पहले चरण की शुरुआत गुलमर्ग होटल में आयोजित सम्मेलन से हुई। यात्रा ‘हम भारत के लोग’ बैनर तले हो रही है जो 18 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेगी।

अलीगढ़ के गुलमर्ग होटल में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने यात्रा के माध्यम से उठाए जा रहे 10 बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि संविधान सभा में डॉ अंबेडकर ने मंत्रिमंडल में अल्पसंख्यकों के लिए कोटा निर्धारित करने की मांग की थी। यह प्रस्ताव तब 8-7 से गिर गया था। उन्होंने कहा कि आज संविधान संशोधन के माध्यम से अल्पसंख्यकों के लिए मंत्रिमंडल में कोटा का प्रावधान सुनिश्चित किया जाना लोकतंत्र को समावेशी बनाने के लिए ज़रूरी है। 

नेशनल यूथ मूवमेंट के संयोजक मसिहुज़्ज़मा अंसारी ने कहा कि दलित एक्ट की तर्ज पर अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए क़ानून बनाने की ज़रूरत है। 

रिहाई मंच के महासचिव राजीव यादव ने कहा कि यात्रा के माध्यम से फ़र्ज़ी एनकाउंटरों में शामिल पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त क़ानून बनाने की मांग की जा रही है। 

जेएनयू के छात्रने ता मोहम्मद कैफ़ ने कहा कि राज्य सांप्रदायिक हिंसा को रोक पाने में न सिर्फ़ असफल रहा है बल्कि उसमें शामिल भी पाया गया है। राज्य की विफलता का ख़ामियाज़ा नागरिक नहीं भुगत सकते। इसलिए सांप्रदायिक हिंसा के पीड़ितों के लिए शिक्षा और रोज़गार में आरक्षण दिया जाना चाहिए।

एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज़ ने आबादी के अनुपात में मुसलमानों को राजनीतिक दलों में हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया।

एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष माजिन हुसैन ने परिसीमन में मुस्लिम बहुल सीटों के आरक्षित कर दिए जाने को मुसलमानों की राजनीतिक भागीदारी में बाधा बताया।

तमज़ीद अहमद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए सख़्त निर्देश दिए हैं। लेकिन भाजपा शासित प्रदेश सरकारें सुप्रीम कोर्ट की अवमानना कर रही हैं और आश्चर्यजनक रूप से कोर्ट अपनी अवमानना पर भी कार्रवाई नहीं कर रहा है। 

शोएब ख़ान ने कहा कि त्योहारों का हवाला देकर सरकार नॉन वेज की दुकानों को महीनों बंद करवाने का असंवैधानिक आदेश दे दे रही है और कोर्ट उसका संज्ञान तक नहीं ले रही है। जिससे मौलिक अधिकार ही ख़तरे में पड़ गए हैं। 

एएमयू के वरिष्ठ छात्र नेता फ़राह शाज़ली ने मुस्लिम और ईसाई दलितों को अनुसूचित वर्ग को मिलने वाले आरक्षण के दायरे में लाने की मांग की। 

संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता एएमयू ओल्ड ब्वायज़ एसोसिएशन के वरिष्ठ नेता सबीह महमूद ने की। संचालन ख़ालिद मोहम्मद ख़ान ने की।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

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