Wednesday, October 27, 2021

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700 शहादतें एक हत्या की आड़ में धूमिल नहीं हो सकतीं

11 महीने पुराने किसान आंदोलन जिसको 700 शहादतों द्वारा सींचा गया व लाखों किसानों के खून-पसीने के निवेश को एक धार्मिक मुद्दे को लेकर हुई हत्या की आड़ में खत्म नहीं किया। हत्या की भर्त्सना करिये।आरोपी के लिए कड़ी...

छत्तीसगढ़: अपनी मांगों को लेकर कांकेर में 90 गांवों के 5 हजार से ज्यादा आदिवासी हुए लामबंद

कांकेर। छत्तीसगढ़ में लगातार आदिवासी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन के लिए बाध्य हो रहे हैं। अपने जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए आदिवासी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन मौजूदा सरकार आदिवासियों की मांगों को...

वामपंथी आंदोलनों और वकीलों का भारतीय संवैधानिक कानून के विकास में बड़ा योगदान: उड़ीसा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मुरलीधर

संवैधानिक कानून के विकास में वामपंथी वकीलों और वामपंथी झुकाव वाले वकीलों, न्यायविदों और वामपंथी आंदोलनों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है लेकिन उनके बारे में पर्याप्य न तो लिखा गया है न ही उनपर शोध हुआ है। यह...

तिकुनिया में शहीद किसानों का स्मारक बनेगा, टिकैत ने कहा-जब तक बापू-बेटा जेल में बंद नहीं होंगे, आंदोलन जारी रहेगा

तिकोनिया में घटनास्थल पर 5 किसानों का शहीदी स्मारक बनाया जाएगा। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन समिति लखीमपुर खीरी में पांच किसानों की याद में स्मृति स्थल बनाएगी। दिल्ली गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की तरफ से संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. दर्शनपाल...

लोहिया की पुण्यतिथि: सड़कें तो सुनसान नहीं रहीं लेकिन संसद जरूर आवारा हो गयी!

कल्पना कीजिए, यदि आज डॉ लोहिया जीवित रहते तो, साल भर से हो रहे किसान आंदोलन में, उनकी क्या भूमिका रहती। लोहिया को जानने वाले और उस कुजात गांधीवादी के लेखों, भाषणों का अध्ययन करने वाले एकमत से यही...

जेपी-लोहिया की विरासत को मजबूती देता किसान आंदोलन

आज समाजवादी चिंतक, प्रखर सांसद, सप्तक्रांति विचार को प्रतिपादित करने वाले,पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु की गद्दी को झकझोर देने वाले डॉ.राम मनोहर लोहिया की 54 वीं पुण्यतिथि है। कल 11 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 119 वी जयंती...

जन्मदिन पर विशेष: जवाहर के साथ था जेपी का घनिष्ठ रिश्ता

जवाहरलाल नेहरू (1889 -1964) और जयप्रकाश नारायण (1902 -1979) हमारे स्वतंत्रता आंदोलन की दो ऐसी विभूतियाँ हैं , जिनमें समानता के अनेक तत्व हैं, हालांकि विभेद के भी अनेक बिंदु हैं। दोनों ने विदेशों में शिक्षा पायी और दोनों...

आइडिया ऑफ इंडिया की रीढ़ थे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद

मौलाना आज़ाद के विचार और उनका लेखन सबसे कठिन होता है धार्मिक कट्टरता और धर्मान्धता से उबल रहे समाज में, सेक्युलर सोच या सर्वधर्म समभाव के, सार्वभौम और सनातन मूल्यों को बचाये रखना, उन पर टिके रहना और उनके पक्ष...

जज साहब! यह हमारी फ़ितरत नहीं

कौन बसाये गाँव रे भैयाकौन बसाये शहर?कौन गढ़े समय का घड़ाबाँधे कौन ये पहर?कौन घोलता अमृत प्यालाकौन पिये ये ज़हर?कौन तैरे नद सु़ख़न काबाँधे कौन ये बहर? (नाटक 'हक' के आरंभिक बोल) सर्वोच्च न्यायालय के अति-सम्माननीय जज साहब! आपने केंद्र सरकार...

किसान करेंगे 18 अक्तूबर को रेल जाम; मोदी, शाह योगी खट्टर के पुतले फूंके जायेगें दशहरा पर

तिकुनिया जनंसहार के अपराधियों को बचाने में लगी सरकार के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने आज फ्रेस कान्फ्रेंस करके अपने कार्यक्रमों की घोषणा की है। पहला कार्यक्रम है 12 अक्टूबर को। इस दिन तिकुनिया गांव में अरदास का...
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मंडियों में नहीं मिल रहा समर्थन मूल्य, सोसाइटियों के जरिये धान खरीदी शुरू करे राज्य सरकार: किसान सभा

अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा ने 1 नवम्बर से राज्य में सोसाइटियों के माध्यम से...
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