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‘भारत बंद’ का देशव्यापी असर! कई सूबों में रेल और सड़कें जाम, जगह-जगह गिरफ्तारियां

हालांकि मुख्य ‘भारत बंद’ केवल 4 घंटे (11 से 3 बजे तक चक्काजाम) का है लेकिन ‘भारत बंद’ का व्यापक असर सुबह से ही दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्टेश पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस रोक दी और पटरी घेरकर बैठ गये। वहीं सीपीआईएम ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और आंध्र प्रदेश में रेलवे पटरी पर बैठकर रेल सेवा बाधित किया है। बुलढाणा भुवनेश्वर में भी रेल सेवा बाधित करने की सूचना है।

गाजीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैट ट्रैक्टर लेकर खड़े हैं। उन्होंने टअपना गांव अपनी सड़क’ का नारा देते हुए अपील किया है कि किसान अपने गांव की सड़क जाम करके बैठें।

किसान नेता राकेश टिकैत ने दुकानदारों से गुजारिश की है कि वे लंच के बाद ही दुकानें खोलें। वहीं किसान नेता डॉ. दर्शन पाल ने कहा है कि हमारा शांतिपूर्ण ‘भारत बंद’ का आह्वान है। किसान भाई चार घंटों के संपूर्ण बंद में कोई हिंसा या जोर जबरदस्ती न करें।

नेशनल हाईवे, टोल प्लाजा  सब बंद हैं। एनएच 31 पर लेफ्ट कार्यकर्ता बैठे हैं, एनएच 44 बंद कर दी गई है। दिल्ली से लगे तमाम हाईवे और टोल प्लाजा बंद हैं। बंगाल के कोलकाता में सीपीआईएम समेत दूसरी लेफ्ट पार्टियों के कार्यकर्ता पटरियों पर बैठे हैं।

भारत बंद का राज्यों में व्यापक असर

राजस्‍थान में अनाज मंडियां बंद रहेंगी लेकिन आपात सेवाएं जारी रहेंगी। सूबे की 247 अनाज मंडियों को बंद रखने का फैसला किया गया है। झारखंड में परीक्षाएं टाल दी गई गई हैं। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी के बंद रहने का अनुमान है। महाराष्‍ट्र एसटी बसें बंद रखने की सूचना है। संवेदनशील रास्तों में बसों के परिचालन की मनाही है।

पंजाब और हरियाणा राज्‍यों में अधिकांश पेट्रोल पंप शाम पांच बजे तक बंद रहने का अनुमान है। हालांकि इमरजेंसी सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को तेल मिलेगा।

देश की तमाम फल सब्जी मंडिया बंद

देश भर की तमाम फल और सब्जी मंडियां आज भारत बंद के समर्थन में बंद रखी गई हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान के मंडी कारोबारी भारत बंद में शामिल हुए हैं। दिल्ली की आज़ादपुर, ओखला व गाज़ीपुर मंडियां बंद हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सबसे बड़ी फल व सब्जी मंडी नवीन मंडी आज किसानों के समर्थन में बंद रखी गई है। नवीन मंडी से रोजाना 2-3 करोड़ का कारोबार होता है। लखनऊ के आस पास के करीब एक दर्जन जिलों में फल और सब्ज़ी की सप्लाई इसी मंडी से होती है। इस मंडी में साढ़े छः सौ आढ़ती हैं। आढ़तियों का कहना है कि मंडी को किसानों के समर्थन में बंद रखा गया है । मंडी के लोग कह रहे हैं किसान हैं तभी तो हम हैं, किसान खेत से उगाकर लायेगा तभी तो मंडियां सजेंगी तभी तो हम बेचेंगे।

ट्रासपोर्ट सेवाएं प्रभावित

देश के तमाम ट्रांसपोर्ट संगठनों ने भारत बंद का समर्थन किया है।

तेलांगाना रोड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन के वर्कर्स ने ‘भारत बंद’ को समर्थन देते हुए आज सड़क पर अपने वाहन नहीं उतारने का फैसला किया है।

वहीं लुधियाना से चरणजीत सिंह लोहारा प्रधान पंजाब ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने कहा कि ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने किसानों के ‘भारत बंद’ के समर्थन में आज चक्का जाम करने का फैसला किया है। परिवहन संघ, ट्रक यूनियन, टेंपो यूनियन सभी ने बंद को सफल बनाने का फैसला किया है।

यूपी में बंद को लेकर बहुत ज्यादा सख्ती बरती जा रही है। वाराणसी में सीपीआईएमएल और एआईपीएफ के नेताओं को पुलिस ने घर में ही नजरबंद कर दिया है। यूपी में माले नेताओं की गिरफ्तारी, नजरबंदी जारी है। सुबह 10 बजे तक बनारस, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सीतापुर, बलिया में पार्टी व जनसंगठनों के कई नेताओं को गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया है और कइयों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। इनमें अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा (जमानिया, गाजीपुर), अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीराम चौधरी (सिकंदरपुर, बलिया), अनिल पासवान (जिला सचिव, चंदौली), अर्जुनलाल (जिला सचिव, सीतापुर), राजेश वनवासी (राज्य कमेटी सदस्य, गाजीपुर), ओमप्रकाश पटेल (किसान महासभा, मिर्जापुर) शामिल हैं। बनारस के पार्टी जिला सचिव का. अमरनाथ को पुलिस ने आधी रात हिरासत में लिया और सिंधौरा (बनारस) थाने ले गई। पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी बनारस इन नेताओं को हिरासत में लेने की कड़ी निंदा करती है और उन्हें अविलंब रिहा करने की मांग करती है।

बिहार में सीपीआई एमएल ने समस्तीपुर और दरभंगा में बड़ा प्रदर्शन किया है। पटना में सभी वाम दलों ने मिलकर जुलूस निकाला है।

एंबुलेंस और बारात के लिए रास्ता

किसान संगठनों ने कहा है कि कर्मचारी रोज की तरह अपने ऑफिस जा सकेंगे। उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा। एंबुलेंस और विवाह समारोहों में शामिल होने जा रहे लोगों और वाहनों को किसी तरह की रुकावट नहीं डाली जाएगी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा और हिंसा और उपद्रव की इजाजत नहीं होगी।

8 राज्यों की सरकारों ने किया ‘भारत बंद’ को समर्थन

आठ राज्य सरकारों ने ‘भारत बंद’ का समर्थन किया है। इनमें दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, केरल और महाराष्ट्र की सरकारें शामिल हैं। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने किसानों की मांगों का तो समर्थन किया है लेकिन ‘भारत बंद’ का समर्थन नहीं किया है।

किसानों के आज के ‘भारत बंद’ का कांग्रेस, राकांपा, माकपा, सपा, बसपा, शिवसेना, नेकां, पीडीपी, राजद, द्रमुक, एमएनएमए भाकपा टीआरएस, गुपकार अलायंस और आम आदमी पार्टी जैसे प्रमुख दलों ने समर्थन किया है।

वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर आज भी यही राग अलाप रहे हैं कि कार्पोरेट और नये कृषि कानून किसानों के हित में हैं। किसानों को विपक्ष बरगला रहा है।

गृहमंत्रालय ने जारी की एडवायजरी

देशव्यापी बंद को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है। जबर्दस्ती दुकान बाजार बंद करवाने वालों पर कार्रवाई के निदेश दिये गये हैं। वहीं झारखंड में परीक्षाएं टाल दी गई हैं। महाराष्ट्र में संवेदनशील रास्तों पर बसों के लिए मनाही कर दी गई है  लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में धारा 144 लागू किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र राजधानी दिल्ली से लगे तमाम सीमाओं और हाईवे को सील कर दिया गया है और वहां पर कड़ी निगरानी के और सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों को व्यापक संख्या में तैनात किया गया है। गृहमंत्रालय ने राज्यों को एडवायजरी भेजा है और उनसे  कहा है कि कानून तोड़ने पर कार्रवाई किया जाये।

वहीं राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र 100 से अधिक पैरामिलिट्री फोर्स उतारी गई हैं। ‘भारत बंद’ के समर्थन में महागठबंधन के कार्यक्रम को देखते हुए बिहार की राजधानी पटना में भी भारी संख्या में पैरामिलिट्री को उतारा गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी कर कहा है कि मंगलवार को ‘भारत बंद’ के दौरान सुरक्षा कड़ी करते हुए सभी जगह शांति सुनिश्चित की जाए। साथ ही इस दौरान कोरोना से बचाव को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन कराया जाए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा है कि बंद के दौरान जरूरी सेवाओं को रोकने और जबरदस्ती करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रूपनी ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को परेशान करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। मध्य प्रदेश के शिवराज ने भी उपद्रव करने वालों को चेताया है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on December 8, 2020 11:27 am

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