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पार्टी और उसके नेतृत्व को कमजोर करने की किसी को अनुमति नहीं: कांग्रेस कार्यसमिति

(कांग्रेस कार्यसमिति की आज बैठक हुई। बैठक में बेहद गहमागहमी रही। 23 वरिष्ठ नेताओं द्वारा लिखे गए पत्र के साये में हुई यह बैठक अपने आम में अभूतपूर्व थी। कांग्रेस के हाल के इतिहास में यह पहला मौका है जब पार्टी को इस तरह की ‘दबी बगावत’ का सामना करना पड़ा। बताया जाता है कि बैठक में आरोपों- प्रत्यारोपों का दौर भी चला। और बाद में कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा उनका खंडन भी किया गया। लेकिन बैठक से पहले, उसके दौरान और उसके बाद की स्थितियों को देखकर यह बात बिल्कुल साफ हो गयी कि पार्टी पर गांधी परिवार की पकड़ रत्ती भर भी कमजोर नहीं हुई है। यह बात कार्यसमिति के पारित प्रस्ताव में बिल्कुल साफ-साफ देखी जा सकती है। जब उसके एक हिस्से में कहा गया कि “इस महत्वपूर्ण मोड़ पर पार्टी एवं इसके नेतृत्व को कमजोर करने की अनुमति न तो किसी को दी जा सकती है और न ही किसी को दी जाएगी”। इस वाक्य के साथ सोनिया गांधी के अंतरिम अध्यक्ष बने रहने का प्रस्ताव इस बात को और ठोस कर देता है। पेश है कार्यसमिति का पूरा प्रस्ताव-संपादक)

कांग्रेस कार्य समिति (‘सीडब्ल्यूसी’) ने कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा महासचिव (संगठन) को लिखे गए पत्र एवं कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा कांग्रेस अध्यक्षा को लिखे हुए पत्र का संज्ञान लिया। सीडब्ल्यूसी ने इन पत्रों पर गहन विचार-विमर्श किया एवं विस्तृत चर्चा के बाद निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले:

पहला, पिछले छः महीनों में देश पर अनेकों विपत्तियां आई हैं। देश के सामने आई चुनौतियों में (1) कोरोना महामारी है, जो हजारों जिंदगी ले चुकी है; (2) तेजी से गिरती अर्थव्यवस्था व आर्थिक संकट; (3) करोड़ों रोजगारों का नुकसान एवं बढ़ती गरीबी तथा (4) चीन द्वारा भारतीय सीमा में घुसपैठ व कब्जे के दुस्साहस का संकट है।

दूसरा, इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार की हर मुद्दे पर संपूर्ण विफलता को उजागर करने व विभाजनकारी राजनीति एवं भ्रामक प्रचार-प्रसार का पर्दाफाश करने वाली सबसे ताकतवार आवाज श्रीमती सोनिया गांधी और श्री राहुल गांधी की है। प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर श्रीमती सोनिया गांधी के सटीक सवालों ने भाजपा सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित की। श्रीमती सोनिया गांधी ने सुनिश्चित किया कि कांग्रेस-शासित राज्यों में कोरोना महामारी को प्रभावशाली तरीके से सम्हाला जाए तथा स्वास्थ्य सेवाएं व इलाज समाज के हर वर्ग को उपलब्ध हो सके।

उनके नेतृत्व ने उच्च पदों पर बैठे लोगों को झकझोरा भी और सच्चाई का आईना भी दिखाया। श्री राहुल गांधी ने भाजपा सरकार के खिलाफ जनता की लड़ाई का दृढ़ता से नेतृत्व किया। कांग्रेस के हर आम कार्यकर्ता की व्यापक राय व इच्छा को प्रतिबिंबित करते हुए, कांग्रेस कार्यसमिति की यह बैठक श्रीमती सोनिया गांधी एवं श्री राहुल गांधी के हाथों व प्रयासों को हर संभव तरीके से मजबूत करने का संकल्प लेती है। सीडब्ल्यूसी की स्पष्ट राय है कि इस महत्वपूर्ण मोड़ पर पार्टी एवं इसके नेतृत्व को कमजोर करने की अनुमति न तो किसी को दी जा सकती है और न ही किसी को दी जाएगी। आज हर कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं नेता की जिम्मेदारी है कि वह भारत के लोकतंत्र, बहुलतावाद व विविधता पर मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे कुत्सित हमलों का डटकर मुकाबला करे।   

तीसरी व एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे इन दोनों नेताओं की बुलंद आवाज ने, कांग्रेस के अंदर व बाहर, देशवासियों के साथ खड़े हो भाजपा सरकार से जवाबदेही मांगने व सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया है, जबकि सरकार जनता को अपने खोखले व स्वनिर्मित मुद्दों में उलझाकर रखना चाहती है। उनके नेतृत्व में करोड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता व समर्थक बाहर निकल पड़े, ताकि मौजूदा भाजपा सरकार के अधीन शासन की भारी कमियों की भरपाई हो, जिनकी वजह से गरीब व मध्यम परिवार के लोगों को अपने अधिकारों व आजीविका से वंचित होना पड़ा।

चौथा, सीडब्ल्यूसी ने इसका भी संज्ञान लिया कि पार्टी के अंदरूनी मामलों पर विचार विमर्श मीडिया के माध्यम से या सार्वजनिक पटल पर नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस कार्यसमिति ने सभी कार्यकर्ताओं व नेताओं को राय दी की पार्टी से संबंधित मुद्दे पार्टी के मंच पर ही रखे जाएं, ताकि उपयुक्त अनुशासन भी रहे और संगठन की गरिमा भी।

पाँचवां, सीडब्ल्यूसी कांग्रेस अध्यक्षा को अधिकृत करती है कि उपरोक्त चुनौतियों के समाधान हेतु जरूरी संगठनात्मक बदलाव के कदम उठाएं।

उपरोक्त विचार विमर्श एवं निष्कर्ष के प्रकाश में सीडब्ल्यूसी एकमत से श्रीमती सोनिया गांधी से निवेदन करती है कि कोरोना काल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अगले अधिवेशन के बुलाए जाने तक वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षा के गरिमामय पद का नेतृत्व करें।

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This post was last modified on August 25, 2020 7:36 am

Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi

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