Monday, December 5, 2022

 केजरीवाल ने पीएम से पूछा-कौन बांट रहा है रेवड़ी?

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प्रधानमन्त्री जी देश में लोकतंत्र है और सत्ता में बैठे लोग जनप्रतिनिधि हैं कोई राजा महाराजा नहीं हैं। देश की सरकार चुने हुए जनप्रतिनिधियों की है। देश की अर्थव्यवस्था जनता से वसूले गये टैक्स से चलती है। देश किसी व्यक्ति की जागीर नहीं है। इसलिए जनता के लोककल्याण पर यदि कोई सरकार (केंद्र या राज्य) खर्च करती है तो यह  मुफ्त की संस्कृति नहीं है। आखिर आपके ऊपर जो भी धन खर्च हो रहा है, आपके मंत्रियों, गवर्नरों और नौकरशाहों पर जो खर्च हो रहा है उसे जनता से मिले टैक्स से ही तो पूरा किया जा रहा है। पिछले 8 सालों में आपने जितनी विदेश यात्रायें की उसका खर्च भी तो टैक्स से पूरा किया गया।   

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें पीएम मोदी ने मुफ्त में सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली राजनीति की तीखी आलोचना करते हुए कहा था कि यह रेवड़ी कल्चर (किसी को मुफ्त में कुछ देना) देश के विकास के लिए बहुत घातक है। केजरीवाल ने कहा कि अपने देश के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देना और लोगों का मुफ्त में इलाज करवाना, इसे फ्री की रेवड़ी बांटना नहीं कहते।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से वोट के लिए सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराने की राजनीति की तीखी आलोचना किये जाने के बीच शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख केजरीवाल समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार की मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और बिजली की योजनाएं ‘मुफ्त उपहार’ नहीं हैं बल्कि भारत को दुनिया का नंबर एक देश बनाने की नींव रखने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि अगर ईश्वर की इच्छा से वह ऐसा करने की स्थिति में हैं तो देश में सभी के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त होंगी।

इससे पहले यूपी के जालौन में 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करते हुए, पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों को वोट के लिए मुफ्त उपहार देने की “रेवड़ी संस्कृति” के खिलाफ आगाह किया और कहा कि यह देश के विकास के लिए “बहुत खतरनाक” है। मोदी ने ‘रेवड़ी’, एक लोकप्रिय उत्तर भारतीय मिठाई, जिसे अक्सर त्योहारों के दौरान वितरित किया जाता है, का इस्तेमाल विभिन्न दलों द्वारा सत्ता हथियाने के लिए मुफ्त उपहारों के रूप में किया जाता है और कहा कि लोगों, विशेष रूप से युवाओं को इससे बचना चाहिए।

बिना किसी का नाम लिए केजरीवाल ने कहा कि मैं आपको बताऊंगा कि कौन ‘रेवड़ी’ बांट रहा है और मुफ्त में दे रहा है। केजरीवाल ने कहा कि आज दो किस्म की राजनीति चल रही है। एक ईमानदारी और दूसरी भ्रष्टाचार की। एक में अपने लोगों, दोस्तों को हजारों करोड़ों के ठेके दिए जाते हैं। मंत्रियों को सुविधाएं देते हैं। दोस्तों को ठेके देते हैं।जो लोग मुझे गाली दे रहे हैं, उन्होंने अपने लिए निजी हवाई जहाज खरीदने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं। केजरीवाल हवाई जहाज नहीं खरीदते। वह उस पैसे को बचाता है और माताओं और बहनों के लिए बस यात्रा मुफ्त करता है। केजरीवाल क्या गलत कर रहे हैं?।

केजरीवाल ने कहा कि एक बड़ी कंपनी है जिसने विभिन्न बैंकों से कर्ज लिया। खा गए वो लोन। उन्होंने कर्ज निगल लिया और बैंक दिवालिया हो गए। उस कंपनी ने एक राजनीतिक दल को कुछ करोड़ का चंदा दिया और इस कंपनी के खिलाफ सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह मुफ्त रेवड़ी है।जब आप अपने दोस्तों द्वारा हजारों करोड़ का कर्ज माफ करते हैं, तो वह मुफ्त रेवड़ी है। जब आप विदेश यात्रा पर जाते हैं और उस यात्रा को अपने कुछ दोस्तों के लिए विदेशी सरकारों के साथ अनुबंध तय करने के बहाने के रूप में इस्तेमाल करते हैं, तो यह मुफ्त रेवड़ी है।

दिल्ली के सीएम ने कहा कि मुझ पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि केजरीवाल फ्री की रेवड़ियां बांट रहा है। फ्री का बीज दे रहा है।मुझे गालियां दी जा रही हैं।मेरा मजाक उड़ाया जा रहा है। आज मैं देश के लोगों से पूछना चाहता हूं कि मैं क्या गलत कर रहा हूं। दिल्ली के गरीबों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में शानदार शिक्षा दे रहा हूं।फ्री में शिक्षा दे रहा हूं। मैं देश के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या मैं फ्री की रेवड़ियां दे रहा हूं।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 18 लाख बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों का भविष्य अंधकार में था अभी तक। पहले पढ़ाई नहीं होती थी।बोर्ड डेस्क नहीं थे। बच्चों का भविष्य बर्बाद था। आज मैं इनका भविष्य बनाना रहा हूं। 75 साल में पहली बार 99 प्रतिशत से ज्यादा रिजल्ट आया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट को पीछे छोड़ दिया है। 4 लाख बच्चों ने प्राइवेट से नाम कटवाया और सरकारी में दाखिल करवाया है।

बिना किसी का नाम लिए केजरीवाल ने कहा कि मैं आपको बताऊंगा कि कौन ‘रेवड़ी’ बांट रहा है और मुफ्त सौगात दे रहा है। दोस्तों का हजारों करोड़ रुपये का कर्ज माफ करना और दोस्तों के लिए विदेशी दौरों से हजारों करोड़ रुपये का ठेका लेना मुफ्त उपहार है। एक कंपनी ने कई बैंक से लोन लिया और पैसे खा गए। बैंक दिवालिया हो गया और उस कंपनी ने एक राजनैतिक पार्टी को कुछ करोड़ों रुपए का चंदा दे दिया और उस कंपनी के खिलाफ सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ‘रेवड़ी बांटकर धन्यवाद अभियान चलवाने वाले’ शासकों को इसके बजाय युवाओं को नौकरियां उपलब्ध करानी चाहिए।रेवड़ी शब्द असंसदीय तो नहीं?

कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दल मोदी सरकार पर कुछ कॉरपोरेट घरानों का पक्ष लेने का आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने आरोपों को खारिज किया है। भारतीय ट्राइबल पार्टी के नेता एवं गुजरात से विधायक छोटूभाई वसावा ने ट्वीट कर कहा कि अगर गरीबों के लिए प्रोत्साहन ‘रेवड़ी’ है, तो कारपोरेट घरानों के लाखों-करोड़ों रुपये की कर्जमाफी को क्या कहेंगे?

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)

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