Saturday, May 28, 2022

महापंचायतों में जुट रही है भारी भीड़, आंदोलन को लंबा खींचने की सरकार की रणनीति पर किसानों ने फेरा पानी

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महापंचायतों का असर बेशक पहले दिन से ही दिखना शुरू हो गया है। कल सुनेहड़ा, मेवात, दादरी-चर्खी की महापंचायतों में उमड़े जनसैलाब ने सत्ता के होश फाख्ता कर दिए हैं। वहीं आज हरियाणा के सोनीपत में होने वाली बैठक में किसान संगठन आंदोलन को तेज करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए रणनीति तैयार करेंगे।

कल रविवार को 300 किसान शंभू बॉर्डर पर पहुंचे हैं। जुलाना से सैकड़ों महिला किसानों ने दिल्ली के लिए कूच कर दिया है। वहीं, हरियाणा से प्रतिदिन 500 किसान पहुंच रहे हैं। चक्का जाम के बाद कुरुक्षेत्र में टोल प्लाजा पर फिर से किसान जुट रहे हैं। 9 फरवरी को गुमथलागढ़ू की अनाज मंडी में होने वाली राकेश टिकैत की रैली के लिए गांव-गांव जाकर किसान लोगों को न्योता दे रहे हैं।

जलालाबाद (फिरोजपुर) के गांव चक जंड वाला की ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसमें कहा गया है कि गांव के हर घर से एक व्यक्ति दिल्ली धरने में शामिल होने जाएगा, नहीं जाने पर 2100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पंचायत के फैसले को नहीं मानने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं रेवाड़ी के खेड़ा बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए राजस्थान के कई जिलों से किसान पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर टीकरी और ढांसा बॉर्डर पर किसान के अलावा खापों के प्रतिनिधि भी पहुंचे हैं। जींद के खटकड़ और बद्दोवाल टोल प्लाजा पर धरना जारी है। कल सीटू कार्यकर्ताओं ने उचाना में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के कार्यालय का घेराव किया।

कल रविवार को तीन किसानों की मौत हो गई। बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर पर दो और ढांसा बॉर्डर पर एक किसान की रविवार को मौत हो गई। टीकरी बॉर्डर के निकट जींद के किसान ने पार्क में पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली, जबकि बॉर्डर एरिया में ही पंजाब के दो किसानों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इनमें से एक पंजाब के संगरूर और दूसरे मोगा जिले के रहने वाले थे।

वहीं 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान गिरफ्तार किसानों की रिहाई की मांग पंजाब में उठने लगी है। रविवार को गिरफ्तार किसानों के समर्थन में पंजाब में कई स्थानों पर सद्भावना मार्च निकालकर रिहाई की मांग की गई, जबकि गिरफ्तार किसानों के परिजनों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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