Saturday, July 2, 2022

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खेती और बागवानी की उपेक्षा और अनियोजित और अमर्यादित पर्यटन का दंश झेल रहे हैं पहाड़ के किसान

सरकारों द्वारा किसानी, बागवानी और परम्परागत धंधों को मदद करने के बजाए पर्यटन के विस्तार पहाड़ में आर्थिक असंतुलन बढ़ रहा और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।  जिससे पहाड़ के लोगों में भारी आक्रोश देखने को...

छत्तीसगढ़ में जारी आंदोलन में एक किसान की मौत, चार लाख के मुआवजे से लोग संतुष्ट नहीं

रायपुर। “सियाराम मर गया। सियाराम किसान था। छत्तीसगढ़ में किसानों की सरकार है। एक किसान पुत्र मुख्यमंत्री है। सियाराम विस्थापित था। एक सरकार ने नई राजधानी बनाने के नाम पर उसकी जमीन छीनी तो दूसरी ने उसकी जिंदगी। उसने...

गन्ना किसानों का संकट पार्ट-1: करोड़ों गन्ना किसान और पूरा चीनी उद्योग आख़िर क्यों धँसे हुए हैं अतिरिक्त उत्पादन के दलदल में?

चीनी का उत्पादन घरेलू ख़पत से 25% ज़्यादा है, लेकिन हम न तो पर्याप्त निर्यात कर पा रहे हैं और ना ही इतना एथनॉल बना पा रहे जिससे चीनी उद्योग की सेहत सुधर सके। Surplus production के विकट संकट ने...

क्या और व्यापक होगा किसान आंदोलन का दायरा?

अपनी ऐतिहासिक विजय के बाद 31 जनवरी को किसान संगठन फिर जुट रहे हैं, अपने अभूतपूर्व और शांतिपूर्ण आंदोलन की समीक्षा के लिये वे 31 जनवरी का दिन, देश भर में “विश्वासघात दिवस” के रूप में मनाएंगे। यह विश्वासघात...

किसान मोर्चा 3 फरवरी से करेगा अपने ‘यूपी मिशन’ की शुरुआत

नई दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 31 जनवरी को देश भर में "विश्वासघात दिवस" मनाया जाएगा और जिला और तहसील स्तर पर बड़े रोष प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। मोर्चे से जुड़े सभी किसान संगठन जोर शोर से...

मोदी बहुत घमंड में थे, पूछा-500 किसान मेरे लिए मरे हैं: सत्यपाल मलिक

“मैं जब किसानों के मामले में प्रधानमंत्री जी से मिला तो मेरी पांच मिनट में ही उनसे लड़ाई हो गई। वो बहुत घमंड में थे। जब मैंने उनसे कहा, हमारे 500 लोग मर गए, तो उन्होंने कहा, मेरे लिए...

कॉरपोरेटी हिंदुत्व के फासीवादी फंदे से देश को निकालना ही नये साल का असली संकल्प

2021 के अंतिम तिमाही में कालिनेम, शिखंडी, खड्गसिंह और गोडसे का जिंदा होना क्या महज संयोग है कि सोचा समझा प्रयोग। 2021 की शुरुआत महामारी की क्रूर छाया और लोकतंत्र पर फासीवाद के मरणांतक हमले के साथ हुई थी।वहीं...

गौशाला की व्यवस्था न कर पाने पर सरकार खोले गायों का बाजार

28 दिसम्बर को हरदोई जिले के पांच गावों-चमका, ग्राम सभा सिकंदरपुर, फतेहपुर व बंजरा, ग्राम सभा घेरवा, जीवन खेड़ा, ग्राम सभा भरावन व दूलानगर, ग्राम सभा दूलानगर के ग्रामीण उप जिलाधिकारी को एक दिन पूर्व सूचना देकर अपने गांवों...

किसान आंदोलन: जश्न के बीच आशंकाओं के गहराते बादल

बहुत प्रयास करने के बाद भी किसान आंदोलन की सफलता के जश्न में शामिल न हो पाया। सिर्फ इतना ही नहीं जश्न मना रहे किसान नेताओं और बुद्धिजीवियों को कौतूहल, आश्चर्य एवं करुणा मिश्रित दृष्टि से देखता भी रहा।...

सरकार ने कहा- एक क़दम पीछे हटे हैं फिर आगे बढ़ेंगे, किसानों ने कहा- दिल्ली का रास्ता भूले नहीं हैं

"हम एक कदम पीछे हटे हैं लेकिन आगे फिर बढ़ेंगे।” केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के उक्त बयान से नरेंद्र मोदी सरकार की मंशा जाहिर हो गई है और ख्याल लगाए जा रहे हैं कि चुनाव बाद सरकार...
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कितना कारगर हो पाएगा प्लास्टिक पर प्रतिबंध

एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध एक जुलाई से लागू हो गया। प्लास्टिक प्रदूषण का बड़ा स्रोत है और...
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