Wednesday, April 17, 2024

अंगद की तरह अड़ गईं प्रियंका, राहुल गांधी हिरासत में, कई कांग्रेस सांसदों को पुलिस ने पीटा

मानसून सत्र में संसद के दोनों सदनों में महंगाई और बेरोज़गारी के मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछती आ रही कांग्रेस पार्टी आज इन्हीं जन मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरी। आज सदन में जहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महंगाई और बेरोज़गारी के मुद्दे पर सांसदों के विरोध का नेतृत्व किया वहीं दूसरी ओर सड़क पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मोर्चा संभाला। दिल्ली में कांग्रेस सांसद आज काले कपड़े और काली पगड़ी पहनकर सड़कों पर उतरे। कांग्रेस सांसदों ने ‘चलो राष्ट्रपति भवन’ कार्यक्रम के तहत विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला, इसका नेतृत्व पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कर रहे थे। मार्च शुरू करने से पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित किया।

राहुल गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रपति भवन की तरफ बढ़ रहे कांग्रेसी सांसदों को पुलिस ने धारा 144 का हवाला देते हुये रोक दिया और सबको हिरासत में ले लिया। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। वहीं हिरासत में लिए गए राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा है कि जब वे राष्ट्रपति भवन की तरफ मार्च निकाल रहे थे, दिल्ली पुलिस ने न केवल उन्हें रोक दिया बल्कि उसके द्वारा कई कांग्रेसी सांसदों को बुरी तरह से घसीटा गया और पीटा गया है।और उसके बाद कई सांसदों को हिरासत में ले लिया गया।

दिल्ली पुलिस हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं को किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन लेकर गई है। यहां मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश और रंजीत रंजन, शशि थरूर सहित अन्य कांग्रेसी सांसदों, तथा प्रियंका गांधी समेत तमाम कार्यकर्ताओं को लाया गया है। 

एक ओर जहां कांग्रेस पार्टी के सांसदों ने संसद से ‘चलो राष्ट्रपति भवन’ का आयोजन किया वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ कांग्रेस नेता ‘पीएम हाउस घेराव’ कार्यक्रम में भाग लिये जिसका नेतृत्व कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने किया। प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने का कार्यक्रम बनाया था लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने ही नहीं दिया। दिल्ली पुलिस ने सुबह से ही बैरिकेड्स लगाकर कांग्रेस मुख्यालय की घेरेबंदी कर रखी थी, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ता आगे न बढ़ सकें। सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ कार्यालय में जमा हो रही थी। जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कांग्रेस मुख्यालय से बाहर आईं तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे, लेकिन प्रियंका गांधी बैरिकेड्स फांदकर आगे बढ़ीं तो पुलिस ने उन्हें घेर लिया। वो वहीं कांग्रेस मुख्यालय के सामने ही सड़क पर धरना देकर बैठ गईं। जिसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें घसीटकर पुलिस वैन में भरा और न्यू पुलिस लाइंस किंग्सवे कैंप की ओर रवाना कर दिया। उनके साथ अजय माकन, सचिन पायलट, हरीश रावत, अविनाश पांडे सहित कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को हिरासत में लिया गया।

हिरासत में लिये जाने के बाद कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार को लगता है कि विपक्ष में जो भी है उनको दबा सकते हैं। उनको लगता है कि अपनी फौज दिखाने के बाद हम समझौता करे लेंगे। कांग्रेस महासचिव ने आगे कहा कि इनके मंत्री कहते हैं कि महंगाई नहीं है। हम प्रधानमंत्री आवास तक जाकर महंगाई दिखाना चाहते हैं। उनके लिए महंगाई नहीं है, क्योंकि मोदी जी ने पूरे देश की संपत्ति अपने दोस्तों को दे दी है। उन पर कोई कार्रवाई नहीं है। 2-4 लोग रईस हो गए हैं लेकिन आम जनता तड़प, तरस रही है। उनको महंगाई इसलिए नहीं दिखती क्योंकि उनके पास पैसा ही पैसा है। सब चीजें महंगी हो चुकी हैं।

तमाम राज्यों के राजभवन का घेराव

राजधानी दिल्ली के अलावा देश के तमाम राज्यों में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता काले कपड़े पहनकर सड़कों पर उतरे और राजभवनों का घेराव किया। बिहार, तेलंगाना, पंजाब, उत्तराखंड, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में राजभवनों का घेराव करके विरोध-प्रदर्शन किया गया। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करण महारा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों और कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बेरोज़गारी, जीएसटी और अग्निपथ योजना के विरोध में देहरादून में राजभवन का घेराव किया। पुलिस गिरफ़्तार करने आई तो सड़कों पर लेट गये। बावजूद इसके उत्तराखंड पुलिस ने तमाम कांग्रेसी विधायकों समेत महिला पुरुष कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर लिया।  

चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस चीफ अमरिंदर सिंह राजा की अगुवाई में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस कर्मियों द्वारा वाटर कैनन इस्तेमाल किया गया । 

तेलंगाना में भी इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ हैदराबाद में विरोध प्रदर्शन किया।

झारखंड में भी महंगाई और बेरोज़गारी के मुद्दे को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के बैनर तले राजभवन मार्च निकाला गया। प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजभवन गेट तक पहुंचकर केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाये। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए राजभवन के गेट के पास पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर समेत कई कांग्रेसी सुरक्षा व्यवस्था तोड़ते हुए राजभवन गेट के पास पहुंच गये और गेट के सामने ही धरने पर बैठ कर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं को जबर्दस्ती वहां से उठाया और प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और विधायक दीपिका पांडे सिंह को हिरासत में ले लिया। जहां उन्हें मोरबादी कैम्प जेल में रखा गया है।

वहीं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की ओर से महंगाई और जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर प्रदर्शन कर रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों को पुलिस ने शुक्रवार को राजभवन की ओर जाने से रोक दिया। लखनऊ में पुलिस ने राज्यपाल के आधिकारिक आवास राजभवन की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेड लगा दिया। कांग्रेस के कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर तिरंगा लहराते हुए सुबह पार्टी मुख्यालय पर एकत्रित हुए और करीब 11:30 बजे जब उन्होंने राजभवन की तरफ कूच करने का प्रयास किया तो पुलिस द्वारा उन्हें रोक दिया गया।

पटना में कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने राजभवन मार्च निकाला। मार्च कुछ दूर ही निकला था कि पुलिस ने उसे रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को हिरासत में ले लिया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस गाड़ी को घेर लिया और विरोध करने लगे।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस ने देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर विरोध-प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौक में धरना देने के बाद प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत कुछ कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राज भवन में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर धरना-प्रदर्शन का समापन किया

हिटलर भी चुनाव जीतकर आया था

इससे पहले आज सुबह राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि विपक्ष कानूनी ढांचा, न्यायिक संरचना, चुनावी संरचना के बल पर लड़ता है। यह सब ढांचे सरकार का समर्थन कर रहे हैं क्योंकि सरकार ने अपने लोग इन संस्थानों में बैठा रखे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान का कोई भी संस्थान स्वतंत्र नहीं है, वह RSS के नियंत्रण में है। उन्होंने प्रेस कान्फ्रेंस में आगे कहा कि हिटलर भी चुनाव जीतकर आया था। हिटलर कैसे चुनाव जीतता था? सारे संस्थान उसके हाथ में थे। उसके पास पूरा ढ़ांचा था। मुझे पूरा ढांचा दे दो फिर मैं दिखाऊंगा चुनाव कैसे जीता जाता है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रेस कान्फ्रेंस में आगे कहा कि हम महंगाई, बेरोज़गारी, समाज में हिंसा की स्थिति का मुद्दा उठाना चाहते हैं। हमें संसद के बाहर और भीतर बोलने नहीं दिया जाता है। सरकार दो-तीन बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि क्या आप तानाशाही का मजा ले रहे हैं, यहां रोज लोकतंत्र की हत्या हो रही है। इस सरकार ने 8 साल में लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया।70 साल में देश बना, लेकिन बीजेपी ने 8 साल में इसे खत्म कर दिया। चाहे बेरोज़गारी, हिंसा और महंगाई का मुद्दा हो, सरकार का सिर्फ यही एजेंडा है, कि इन मुद्दों का न उठाया जाए।

इस दौरान कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार हमें महंगाई के ख़िलाफ़ विरोध करने से रोकना चाहती है, इसलिए लगातार कांग्रेस नेताओं को परेशान कर रही है। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर  आरोप लगाते हुये कहा कि राहुल जी ने जो कहा कि आप समझ लें कि देश में क्या हालात हैं। किसी ने नहीं सोचा होगा कि देश में लोगों को लोकतंत्र समाप्त होते देखना होगा। देश में ED, इनकम टैक्स, CBI का आतंक है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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