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रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्णब गोस्वामी गिरफ्तार

नई दिल्ली। रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्णब गोस्वामी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि यह 2018 का कोई केस है जिसमें उन पर एक शख्स और उसकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। कार्रवाई रायगढ़ पुलिस ने की है। कोंकड़ रेंज के संजय मोहिते ने कहा कि “अर्णब गोस्वामी को अभी रायगढ़ ले जाया जा रहा है। उनसे पुलिस अफसर वहां पूछताछ करेंगे। और उसके बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।”

गिरफ्तार अर्णब गोस्वामी।

गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनको शारीरिक तौर पर चोट पहुंचायी है। रिपब्लिक टीवी पर सामने आए विजुअल्स में देखा जा सकता है कि पुलिस ने धक्का देकर उन्हें गाड़ी में बैठाया। बताया जा रहा है कि 2018 में एक आर्किटेक्ट और उसकी मां ने आत्महत्या कर ली थी। उसके पीछे प्रमुख वजह रिपब्लिक टीवी का बकाया नहीं देना था।

सूचना और प्रसारण मंत्री ने कहा कि यह घटना इमरजेंसी के दिनों की याद दिला दी। प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर कहा कि “हम महाराष्ट्र में प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले की निंदा करते हैं। यह प्रेस से व्यवहार करने का तरीका नहीं है। यह हमें इमरजेंसी के दिनों की याद दिलाता है जब प्रेस के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता था।” स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर कहा कि “जो फ्री प्रेस में हैं और आज अर्णब गोस्वामी को समर्थन नहीं दे रहे हैं आप टैक्टिकली फासीवाद को सहयोग दे रहे हैं।”

इस साल के मई महीने में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि सीआईडी फिर से उस मामले की जांच करेगी। पिछले साल रायगढ़ पुलिस द्वारा मामले को बंद कर दिया गया था। मई 2018 में अनवाय नाईक और उनकी मां कुमुद नाईक के शव अलीबाग में स्थित उनके बंगले में पाया गया था। नाईक की बेटी ने दावा किया था कि उसकी दादी और पिता रिपब्लिक टीवी द्वारा उनके बकाए को न दिये जाने के बाद ऐसा किए।

हालांकि रिपब्लिक टीवी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व इसको बेवजह हवा दे रहे हैं।

यह रिपब्लिक टीवी के खिलाफ चौथा मामला है। इनमें दो मामला सीधे एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी के खिलाफ दर्ज है। ये दोनों मामले पिढोनी और एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए हैं।

This post was last modified on November 4, 2020 10:54 am

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