Sunday, June 4, 2023

5 राज्यों में ओमिक्रॉन के 22 मरीज; विदेश से लौटे 475 लोग लापता, जनवरी में आ सकती है तीसरी लहर

रविवार को देश में ओमिक्रॉन के एक साथ 18 केस मिले हैं। इसके साथ ही देश में इस वैरिएंट के 5 राज्यों में 22 केस हो गए हैं। इनमें राजस्थान में सबसे ज्यादा 9 मरीज हैं। राजस्थान में एक परिवार के 4 सदस्य हाल में दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे। उनके संपर्क में आए 5 और लोगों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। इससे पहले पुणे महाराष्ट्र में एक और इससे सटे जिले पिंपरी चिंचवाड़ में 7 लोगों में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन मिला था।

पिंपरी चिंचवाड़ में ओमिक्रॉन से संक्रमित मिले 7 लोगों में से 4 अभी विदेश से लौटे थे। इन सभी का टेस्ट कराया गया था, जिसमें ये पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद इनके संपर्क में आने वाले 3 अन्य का भी टेस्ट कराया गया था। ये तीनों भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इन सभी के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे, जिसकी रिपोर्ट रविवार को आई है। संक्रमितों में नाइजीरिया से आई एक महिला, उसका भाई और दो बेटियां भी शामिल हैं।

दिल्ली में भी ओमिक्रॉन के पहले केस का पता चला है। ​​​​​​संक्रमित तंजानिया से आया था। एयरपोर्ट पर जांच के बाद उसके ओमिक्रॉन संक्रमित होने की जानकारी मिली। LNJPअस्पताल के एमडी सुरेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में भर्ती ओमिक्रॉन मरीज के गले में सूजन, थकान और शरीर में दर्द के लक्षण दिख रहे हैं। संक्रमित ने वैक्सीन के दोनों डोज ले लिए थे, इसलिए उस पर हल्के लक्षण ही नजर आ रहे हैं।

सबसे पहले कर्नाटक में गुरुवार को दो मरीज मिले। इनमें एक विदेशी है, जो नवंबर में भारत आया था। दूसरा केस गुजरात के जामनगर शहर में मिला है। ओमिक्रॉन से संक्रमित मिला शख्स 28 नवंबर को जिम्बाब्वे से जामनगर आया था।

भारत में जनवरी में आ सकती है तीसरी लहर

IIT कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल की ओर से ओमिक्रॉन वैरिएंट पर किए गए डेटा एनालिसिस में यह तथ्य सामने आया है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के भारत में केस आने के बाद कोरोना वायरस की तीसरी लहर नए साल की शुरुआत यानी जनवरी 2022 में आ सकती है। गौरतलब है कि देश में कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान प्रोफ्रेसर अग्रवाल का कोरोना को लेकर किए गए डेटा एनालिसिस काफी सुर्खियों में रहा था।

प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल कहते हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में हमें साउथ अफ्रीका से जो डेटा मिला है उसका अध्ययन करके हमने अपने निष्कर्ष निकाले हैं। अगले साल के शुरुआती महीनों, जनवरी से तीसरी लहर दस्तक दे सकती है और फरवरी तक इसका पीक बन सकता है। फरवरी में जब पीक बनेगा तो डेली कोविड केस डेढ़ लाख तक जा सकते हैं। साउथ अफ्रीका में कुछ महीनों पहले ही ओमिक्रॉन वैरिएंट आ चुका था, लेकिन इसका संक्रमण काफी धीरे-धीरे फैल रहा था। इसके पीछे वजह ये थी कि वहां के 80% से ज्यादा लोगों में नेचुरल इम्यूनिटी आ चुकी है। ये ऐसे लोग हैं जो पहले ही संक्रमित हो कर ठीक हो चुके हैं। इसकी वजह से बहुत कम ऐसे लोग हैं जिनको संक्रमण होने की संभावना थी, लेकिन हाल के दिनों में ओमिक्रॉन के केस तेजी से बढ़े हैं।

बच्चों के टीकाकरण पर NTAGI की बैठक आज

कोरोना वैक्सीनेशन पर बने नेशनल टेक्निकल ग्रुप (NTAGI) की सोमवार को बैठक होगी। इसमें बच्चों के वैक्सीनेशन और बड़ों को एडिशनल डोज लगाने पर बात हो सकती है। इससे पहले न्यूज एजेंसी ANI ने रिपोर्ट दी थी कि NTAGI एडिशनल डोज और बच्चों को वैक्सीन लगाने के बारे में पॉलिसी लाने की तैयारी में है। बता दें कि एडिशनल डोज बूस्टर डोज से अलग होता है।

गौरतलब है कि बूस्टर डोज दोनों टीके लगवा चुके सभी लोगों को एक तय समय के बाद लगाया जाता है। वहीं एडिशनल डोज उन्हें दिया जाता है जिनके इम्यून सिस्टम में दिक्कत है। ऐसे लोगों में पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडी डेवलप नहीं हो पाती। इसलिए उन्हें वैक्सीन की एक्स्ट्रा डोज दी जाती है। यह फैसला नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए लिया गया है। इसके अब तक भारत में 22 मामले सामने आ चुके हैं। हाल में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने संसद में बताया था कि एक्सपर्ट्स का ग्रुप वैज्ञानिक आधार पर इस मसले पर विचार कर रहा है।

विदेश से आये कई लोग ग़लत पता देकर लापता

ऐसे 556 लोगों को अलग-अलग शहरों में तलाशा जा रहा है जो एट रिस्क कैटेगरी वाले देशों से भारत आए और अब उनका कोई अता-पता नहीं है। अगर ये लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित हुए होंगे तो इस नए वैरिएंट के सुपर स्प्रेडर बन सकते हैं, क्योंकि न तो इनका कोरोना टेस्ट हुआ है और न ही ये कहीं पर क्वारंटीन हैं।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में विदेश से 300 लोग लौटे। इनमें से 13 गलत पते और जानकारी देकर लापता हो गए। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक इनमें से 7 दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे।

वहीं बेंगलुरु एयरपोर्ट से भी कम से कम 10 यात्री लापता हो गए हैं। ये सभी दक्षिण अफ्रीकी बताए जा रहे हैं। आंध्र प्रदेश में भी इंटरनेशनल फ्लाइट से आए 30 लोग लापता हैं। यहां पिछले 10 दिन में कुल 60 यात्री आए थे। इनमें से तीन दक्षिण अफ्रीका से आए थे। 60 में से 30 यात्री विशाखापट्टनम में रुके हैं और बाकी 30 अलग-अलग जगह चले गए। अब उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इनमें से कई फोन भी नहीं उठा रहे हैं।
विदेश से छत्तीसगढ़ के रायपुर आए 16 लोगों की जानकारी प्रशासन को नहीं मिल पा रही है। इनमें से 10 लोगों ने गलत नंबर दिए और 4 से फोन पर कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 27 नवंबर से 2 दिसंबर तक विदेश से रायपुर आने वालों की तादाद 243 है। इसमें अमेरिका और ब्रिटेन से आने वाले भी शामिल हैं। इसके अलावा बिलासपुर में भी 17 नवंबर से अब तक आए 57 में से 15 लोगों को ही तलाश कर टेस्ट कराया जा सका है। इनमें USA से आए दो लोग पॉजिटिव मिले हैं। बाकी 42 की तलाश की जा रही है।

पटना में गुरुवार रात तक कुल 560 लोग विदेश से वापस आए हैं, इनमें से महज 85 लोगों को ही ट्रेस किया जा सका जबकि 475 लापता हैं। लापता लोगों में कई के मोबाइल नंबर बंद हैं। उनकी तलाश में स्पेशल टीम लगाई गई है। इस काम में पुलिस की मदद भी ली जा रही है। वहीं ट्रेस किये गये 85 लोगों में से 55 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है जबकि 20 की रिपोर्ट का अभी इंतजार है।

वहीं चंडीगढ़ में दक्षिण अफ्रीका से लौटी एक महिला के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया गया है। महिला बुधवार को भारत आई थी और उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। उसे एक सप्ताह के लिए होम क्वारंटीन रहने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने अगले ही दिन घर लौटने से पहले होटल में चेक-इन करने के लिए आइसोलेशन तोड़ दिया।

कर्नाटक में करीब 69 स्टूडेंट्स और एक टीचर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चिकमंगलूर जिले के सीगोडू गांव के जवाहर नवोदय विद्यालय के 40 स्टूडेंट्स और एक टीचर का कोविड टेस्ट कराया गया था। सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। ये सब स्कूल कैंपस में ही रेजिडेंशियल हॉस्टल में रह रहे हैं। पॉजिटिव मिले बाकी 29 स्टूडेंट्स शिवमोगा जिले के एक प्राइवेट नर्सिंग स्कूल से संबंधित हैं।

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