Tuesday, October 26, 2021

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हमें पैसा नहीं, न्याय चाहिए- किसान न्याय रैली में प्रियंका गांधी

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लखीमपुर खीरी में जो हुआ, इस देश के गृह राज्यमंत्री के बेटे ने अपनी गाड़ी के नीचे 6 किसानों को निर्ममता से कुचल दिया। 6 के 6 परिवार यह कहते हैं कि हमें पैसे नहीं चाहिए, हमें मुआवजा नहीं चाहिए, हमें न्याय चाहिए। उपरोक्त बातें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने वाराणसी के जगतपुर इंटर कालेज मैदान में किसान न्याय रैली संबोधित करते हुये कही। 

उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ राज्य मंत्री और उनके बेटे पर 3 अक्टूबर को लखीमपुर में किसानों को कुचलने का आरोप है, पीड़ित परिवारों को न्याय की कोई उम्मीद नहीं है। गांधी ने वाराणसी में ‘किसान न्याय’ रैली को संबोधित करते हुए आगे कहा कि “मैंने किसी भी देश में किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में नहीं सुना, जिसने लोगों की हत्या की हो, जिन्हें पुलिस ने उनसे बात करने के लिए ‘आमंत्रित’ किया हो।”

हाथरस कांड का ज़िक्र कर उन्होंने कहा कि – “हाथरस के मामले में पीड़ित परिवार ने भी मुझे कहा कि दीदी हमें इस सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं है। लेकिन हमें न्याय चाहिए: हाथरस के मामले में सरकार ने अपराधियों पर आक्रमण नहीं किया, सरकार ने अपराधियों को नहीं रोका। सरकार ने परिवार को सदस्यों को अपनी बेटी की चिता जलाने से रोका, पुलिस ने बेटी की चिता जला दी। “

कोरोनाकाल में मदद मांगने वालों के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई करने की योगी सरकार के कारनामों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि -” अगर कोई कहता था मेरे पास सुविधा नहीं है, मेरे पास ऑक्सीजन नहीं है, कोई अस्पताल कहता था कि हमारे पास ऑक्सीजन नहीं है, तो सरकार मदद की बजाये उन पर आक्रमण कर रही थी। कोरोना के समय जहाँ-जहाँ से रिपोर्ट आई, रिपोर्ट में यही आया कि जनता त्रस्त है, परेशान है और सरकार मदद की बजाय आक्रामक हो गई है। 

इसके बाद सोनभद्र में आदिवासी जनसंहार की घटना का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि – “यहाँ से कुछ ही दूर सोनभद्र में एक घटना हुई, 13 आदिवासी खेत में काम कर रहे थे। जब पुलिस प्रशासन की सहमति से कुछ लोग उनकी जमीन लेने की कोशिश कर रहे थे। वह लोग ट्रैक्टर-जीप लेकर आते, गोली चलाई और 13 आदिवासियों को शहीद किया, सोनभद्र में नरसंहार हुआ। 

उन्होंने आगे कहा कि – “जब मैं उनसे मिलने गई, मेरे मन में एक बात मुझे स्पष्ट लगी। जिस परिवार के पास मैं जा रही थी, वे कह रहे थे कि हमें मुआवजा नहीं चाहिए, हमें न्याय चाहिए। लेकिन हमें न्याय की उम्मीद नहीं हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उनके पिता जी ने मुझसे कहा कि उन्हें घर के बाहर निकाल कर पीटा गया था, उनके बच्चों को धमकाया गया था, उनकी 9 साल की पोती को भी धमकाया गया था। लेकिन उनको न्याय की कोई उम्मीद नहीं थी, वह सिर्फ न्याय चाहते थे। उन मामलों में भाजपा के एक पूर्व विधायक, भाजपा के एक प्रधान के बेटे, भाजपा के एक कार्यकर्ता; तीनों मामलों में वे शामिल थे। इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी काशी स्थित माँँ अन्नपूर्णा के मंदिर में दर्शन करने गई और फिर विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर बाबा विश्वनाथ से देश और उत्तर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। 


प्रियंका वाड्रा के साथ मंच पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा, राज्यसभा के पूर्व सदस्य प्रमोद तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, प्रदीप जैन आदित्य, राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी, बाजीराव खाड़े, पूर्व सांसद डा. राजेश मिश्र, पूर्व विधायक अजय राय, विधायक आराधना मिश्रा, जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे रहेंगे।

वहीं लखीमपुर खीरी मामले भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार को असहज करने वाले वरुण गांधी ने एक बार फिर ट्वीट करके हमला बोला है। अपने ट्वीट में वरुण गाँधी ने लिखा है, “लखीमपुर खीरी की घटना को हिंदू बनाम सिख की लड़ाई में तब्दील करने की कोशिश हो रही है। ये न सिर्फ़ अनैतिक है बल्कि झूठ भी हैै। ऐसा करना ख़तरनाक है और उन जख़्मों को कुरेदने जैसा है, जिन्हें ठीक होने में पीढ़ियाँ लगीं। हमें तुच्छ राजनीति को राष्ट्रीय एकता के ऊपर नहीं रखना चाहिए। “गौरतलब है कि दो दिन पहले ही शुक्रवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि उन्होंने वरुण गाँधी को बुलाकर बात की थी। नड्डा ने ये भी कहा था कि अब इस मामले सब कुछ ठीक हो जाएगा।


लखीमपुर खीरी में तीन अक्तूबर को हुई हिंसक घटना के बाद से वरुण गांधी लगातार किसानों के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं। वह इस संबंध में योगी सरकार को खत भी लिख चुके हैं और पीड़ित परिवारों के लिए इंसाफ और दोषियों के लिए सजा की मांग कर चुके हैं।
वरुण गांधी ने तीन अक्तूबर की घटना के बाद एक वीडियो को पोस्ट कर लिखा है कि, ‘यह वीडियो बिल्कुल साफ है। प्रदर्शनकारियों को हत्या से चुप नहीं कराया जा सकता। मासूम किसानों का जो खून बहा है उसकी जवाबदेही तय होनी ही चाहिए और न्याय मिलना ही चाहिए। किसानों के सामने ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि हम क्रूर हैं।इसके बाद पांच अक्तूबर को भी भाजपा सांसद वरुण गांधी ने लखीमपुर खीरी हिंसा का एक वीडियो अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ियों से जानबूझकर कुचलने का यह वीडियो किसी की भी आत्मा को झखझोर देगा। उन्होंने पुलिस से इस वीडियो का संज्ञान लेकर गाड़ियों के मालिकों, इनमें बैठे लोगों और इस प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों को चिन्हित कर तत्काल गिरफ्तार करने को कहा था। 

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