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नये नागरिकता कानून के खिलाफ साझी लड़ाई को संचालित करने के लिए बदायूं में हुआ “संविधान रक्षक सभा” का गठन

बदायूँ। नागरिकता संशोधन कानून, जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ बेरोजगारी, महंगाई व किसान संकट समेत जनमुद्दों पर साझा आंदोलन चलाया जाएगा। इसके लिए आंदोलन का साझा मंच ‘संविधान रक्षक सभा’ बनाया गया है। इसकी जानकारी सभा के उपाध्यक्ष और लोकमोर्चा के संयोजक अजीत सिंह यादव ने दी।

उन्होंने बताया कि सभा का गठन सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ताओं व नागरिक समाज की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से किया गया।

सूबे ही नहीं पूरे मुल्क में मशहूर हजरत शाह सकलैनी एकेडमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुमताज मियां सकलैनी को संविधान रक्षक सभा का अध्यक्ष बनाया गया है। अजीत सिंह यादव को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। अली फरशोरी को कोषाध्यक्ष, सचिव लल्लन पटेल, सहसचिव वीरेंद्र जाटव, कानूनी सलाहकार अनवर आलम एडवोकेट पूर्व डीजीसी, कन्वेनर सफीरूद्दीन एडवोकेट , को कन्वेनर सलीमुद्दीन एडवोकेट को बनाया गया है। इसके अतिरिक्त 21 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया गया है।

बैठक में बोलते हुए नवगठित ‘संविधान रक्षक सभा’ के अध्यक्ष मुमताज मियां सकलैनी ने कहा कि मोदी सरकार ने  नागरिकता संशोधन कानून व नागरिकता रजिस्टर के जरिये संविधान और जनता पर हमला बोल दिया है।  धर्म के आधार पर नागरिकता का प्रावधान हमारे संविधान की मूल भावना और संविधान निर्माताओं के विचारों के विरुद्ध तो है ही यह देश और समाज को तोड़ने की बड़ी साजिश है। कोई भी देशभक्त नागरिक धर्म के आधार पर नागरिकता स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई , किसान संकट और अर्थव्यवस्था के संकट को हल करने में नाकाम मोदी व योगी सरकार जनता के विरोध प्रदर्शन पर बर्बर पुलिस दमन कर देश पर फासीवादी तानाशाही लादने की ओर बढ़ रही है और बड़े कारपोरेट घरानों को देश लूटने की खुली छूट दे रही है। इसके विरुद्ध भारतीय गणतंत्र, संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए सभी नागरिकों को व्यापक मोर्चा बनाकर एकजुट होने की जरूरत है।

संविधान रक्षक सभा के उपाध्यक्ष अजीत सिंह यादव ने कहा कि लोकतंत्र व संविधान बचाने को अंतिम दम तक संघर्ष किया जाएगा। देश व प्रदेश में चल रहे आंदोलनों से तालमेल कर संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा। उत्तरप्रदेश में योगी सरकार ने आपातकाल से भी बदतर हालात बना दिये हैं। भाजपा के लोगों को नागरिकता कानून के पक्ष में झूठा प्रचार करने की छूट है लेकिन नागरिकता संशोधन कानून का शांतिपूर्ण विरोध करने वालों को जेल में कैद किया जा रहा है।

सचिव लल्लन पटेल ने कहा कि जनता के बीच सरकार के झूठ को बेनकाब करने से धारा 144 के बहाने पुलिस के बल पर रोका जा रहा है। पूरे प्रदेश में असहमति की आवाज का दमन कर भय और आतंक का माहौल बना दिया गया है। लेकिन सरकार के दमन के सामने किसी कीमत पर लोकतंत्र नहीं झुकेगा।

कन्वेनर सफीरूद्दीन एडवोकेट ने कहा कि संविधान रक्षक सभा  जनजागरण अभियान चलाकर जनता के बीच सरकार के झूठ को बेनकाब करेगा और जनविरोधी, संविधान विरोधी  नागरिकता संशोधन कानून, नागरिकता रजिस्टर और जनसंख्या रजिस्टर के विरोध में जनता को गोलबंद करेगा।

को कन्वेनर सलीमुद्दीन एडवोकेट ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और किसान संकट जैसे जनता के जीवन से जुड़े जनमुद्दों को भी आंदोलन में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों स्वराज अभियान नेता और लोकमोर्चा संयोजक अजीत सिंह यादव की नागरिकता संशोधन कानून के शांतिपूर्ण विरोध करने पर की गई गिरफ्तारी और जेल भेजने के मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में पुलिस प्रशासन के विरुद्ध याचिका डाली जाएगी। इसके साथ ही लोकतांत्रिक संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन करने वालों पर यदि  पुलिस दमन होता है तो उसका लोकतांत्रिक प्रतिवाद किया जाएगा और हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यवाही भी की जाएगी।

बैठक में पुलिस हिंसा में मारे गए निर्दोष नागरिकों की याद में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और 7 सूत्रीय प्रस्ताव पास हुआ।

आंदोलन की आगामी योजना की घोषणा आगे संविधान रक्षक सभा के पदाधिकारियों की बैठक के बाद की जाएगी ।

This post was last modified on January 6, 2020 8:14 pm

Janchowk

Janchowk Official Journalists in Delhi

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