कांकेर, छत्तीसगढ़ के 4 बच्चों को सोलापुर के एक ठेकेदार ने बनाया बंधक

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छत्तीसगढ़ (कांकेर)। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चार मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में बंधुआ बना लिया गया है। इन बच्चों के परिजनों ने उन्हें मुक्त करा कर वापस लाने के लिए जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है। 

कांकेर कलेक्टर के पास आवेदन लेकर आए श्यामा बाई मतलाम ने बताया कि उनके गाँव कोमलपुर के सरोज मातलाम (16 वर्ष),  निकेश कुमार कावडे (17 वर्ष) , वीरेंद्र नेताम (23 वर्ष)  और हीरा जुर्री निवासी ग्राम कुकडादाह केशकाल, जिला कोंडागाँव लगभग एक वर्ष से अधिक समय से महाराष्ट्र के सोलापुर ज़िले के मुकाम महोद में बँधुआ मज़दूर बन कर काम कर रहे हैं।

बच्चे घर आना चाहते हैं लेकिन उनका ठेकेदार ( मालिक ) उन्हें आने नहीं दे रहा है और कहता है कि सीजन के बाद जाने देगा । इसके साथ ही उनकी मजदूरी का भुगतान भी नहीं कर रहा है।

परिवार वालों के मुताबिक बच्चों ने फोन पर बताया कि जब काम पर लगाया था तब 9000 रूपये मासिक देने का वादा किया था। परन्तु 13 महीने की अवधि में अब तक मात्र 10 हजार रूपये ही मिले हैं। वह राशि भी उनसे खर्च हो चुकी है। लिहाज़ा मौजूदा समय में उनके पास कोई पैसे नहीं हैं।

बताते चलें कि बच्चों को राहुल पाटिल नाम के एक ठेकेदार ने अपने फार्म हाउस में रखा है और उनसे बोर गाड़ी में काम करवाता है। बदहाली का आलम यह है कि उनके स्वास्थ्य तक का ध्यान नहीं दिया जाता है। इसके चलते परिजन बेहद परेशान हैं।

परिजनों ने कलेक्टर से गुहार लगा कर उनसे कहा कि शासन अपने स्तर पर प्रयास कर उनके बच्चों को ले आने की कोशिश करे।

बता दें कि कांकेर जिले के वनांचल ग्रामों में छोटी उम्र में ही बच्चे दूसरे राज्यों में काम की तलाश में पलायन कर जाते हैं। जहां उन्हें कम मजदूरी देकर बहुत ज्यादा काम लिया जाता है। 

(जनचौक संवाददाता तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट।)

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