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बादल परिवार के चैनल को गुरबाणी प्रसारण के कॉपीराइट से पंजाब में विवाद

बादल परिवार के एकमुश्त कब्जे वाला पीटीसी चैनल एक बार फिर गंभीर विवादों में है। ताजा विवाद श्री दरबार साहिब के दैनिक हुकुमनामे और पवित्र गुरबाणी के सीधे प्रसारण पर चैनल के एकाधिकार के दावे से खड़ा हुआ है। गौरतलब है कि दुनिया भर के श्रद्धालु सिखों के लिए प्रतिदिन सुबह अमृतसर  स्थित श्री हरमंदिर साहिब से हुकुमनामा जारी किया जाता है, जिसका सुदूर देशों तक सिख शिद्दत से इंतजार करते हैं।

साथ ही गुरबाणी का विभिन्न यूट्यूब चैनलों और फेसबुक मंचों के जरिए भी इसे देखा-पढ़ा जाता है। कुछ अन्य देशी-विदेशी पंजाबी चैनल भी इसका सीधा प्रसारण करते हैं। अब पीटीसी ने सीधा इस पर एकाधिकार जता दिया है।

सूत्रों के अनुसार ऐसा सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई वाली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सीधी मिलीभगत से किया गया है। चैनल को इससे भारी आर्थिक मुनाफा होना तय है। पीटीसी को गुरबाणी और हुकुमनामे के सर्वाधिकार अथवा कॉपीराइट मिलने से अन्य कोई चैनल इसे नहीं दिखा पाएंगे और दिखाने के लिए शुल्क अदा कर के पीटीसी चैनल से इसकी बाकायदा अनुमति लेनी पड़ेगी।

पंजाब के विभिन्न राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। इस बाबत शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने फिलहाल यह कहकर पल्ला झाड़ लिया है कि वह पीटीसी के प्रबंधक से बात करके पूरी स्थिति स्पष्ट करेंगे, जबकि सब कुछ शीशे की मानिंद साफ है। सूत्रों के मुताबिक बादल परिवार के चैनल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बीच इस मामले में औपचारिक करार हो चुका है।

श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार रणजीत सिंह के मुताबिक पहले गुरबाणी और हुकुमनामा के सीधे प्रसारण के अधिकार जिन चैनलों अथवा कंपनियों के पास थे, वे विज्ञापनों से हासिल आमदनी का एक बड़ा हिस्सा अनुबंध के तहत एसजीपीसी को दिया करते थे। यह रकम करोड़ों रुपये की थी। अब यह राशि शायद ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के खाते में पहुंचे, क्योंकि इस पर भी असल में बादल परिवार काबिज है और पीटीसी चैनल भी बादलों के स्वामित्व में है।

यह मिलीभगत से हुआ एक बड़ा घोटाला है, जिसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। पूर्व जत्थेदार ने हैरानी जताई कि श्री दरबार साहिब से प्रसारित जो पावन गुरबाणी और हुकुमनामा सर्व सांझी है, उसे महज एक चैनल तक कैसे महदूद किया जा सकता है।

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पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी सारे विवाद के लिए  शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि सभी चैनलों को श्री दरबार साहिब से गुरबाणी के सीधे प्रसारण की अनुमति दी जाए। गुरबाणी के प्रसारण पर किसी निजी संस्था द्वारा अपने व्यापारिक हितों की खातिर रोक लगाना सिख सिद्धांतों और गुरुओं के मूल फ़लसफे के खिलाफ है। जाखड़ ने अकाली सरपरस्त पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से अपील की है कि वह इस मामले में व्यक्तिगत दखल देकर गुरबाणी और हुकुमनामा प्रसारण के अधिकार सभी चैनलों को दिलवाएं।

फिलहाल सुखबीर सिंह बादल इस पूरे प्रकरण पर खामोश हैं और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष यह कहकर मीडिया से बच रहे हैं कि वह पीटीसी प्रबंधकों से विस्तृत बातचीत करके मामले की समीक्षा करेंगे, तभी कुछ कह पाएंगे।

पंजाब में यह विवाद तूल पकड़ रहा है तो विदेशों में भी विरोध शुरू हो गया है। जिक्रेखास है कि पीटीसी चैनल बादल परिवार के अरबों रुपये के विशुद्ध मुनाफे वाले व्यापक व्यापारिक प्रतिष्ठान का एक अहम हिस्सा है और अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार के वक्त इस पर तमाम नियम कायदे ताख पर रखकर लाभ पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और जालंधर में रहते हैं।)

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