Tuesday, April 16, 2024

किसान-मजदूर महापंचायत में मध्य प्रदेश से आएंगे हजारों किसान

भोपाल। मध्य प्रदेश में 100 स्थानों पर डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) का पुतला दहन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान- मजदूर महापंचायत में शामिल होने की मध्य प्रदेश के किसान संगठनों द्वारा समीक्षा की गई। जिले स्तर पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और संपूर्ण कर्जा मुक्ति के लिए ‘दिल्ली चलो’ यात्राएं करने का निर्णय भी लिया गया।

बैठक में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अनावश्यक तौर पर किसान नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाले जाने को लेकर आक्रोश प्रकट किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी डॉ सुनीलम ने पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन, चंडीगढ़ बैठक में लिए गए निर्णयों तथा राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 14 मार्च की तैयारी के संबंध में जानकारी दी।

डॉ सुनीलम ने कहा कि शंभू बॉर्डर, खन्नौरी बॉर्डर पर हरियाणा सरकार द्वारा किसानों पर किए गए पुलिस दमन से पता चलता है कि भारतीय जनता पार्टी किसानों को अपना दुश्मन मानती है। उन्होंने पुलिस दमन के खिलाफ तथा एमएसपी की कानूनी गारंटी एवं कर्ज मुक्ति को लेकर मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में यात्राएं निकालकर प्रदेश के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित किसान-मजदूर महापंचायत में शामिल होने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार हमें दिल्ली जाने नहीं देगी तो हम उनके गांव में जाने पर सवाल खड़ा करेंगे, जैसे 380 दिन के आंदोलन में किया था।

डब्ल्यूटीओ का पुतला दहन करने का निर्णय संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा इसलिए किया गया है क्योंकि डब्ल्यूटीओ कृषि क्षेत्र पर सब्सिडी, मंडियां और जन वितरण प्रणाली समाप्त करने तथा आयात की जाने वाली फसलों, दूध और फलों पर आयात शुल्क को समाप्त करने का पक्षधर है। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा की मांग है कि भारत को डब्ल्यू टी ओ से बाहर आना चाहिए।

बैठक को संबोधित करते हुए बादल सरोज ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा, मध्य प्रदेश द्वारा संयुक्त किसान मोर्चा के हर राष्ट्रीय स्तर पर किए गए निर्णयों को जिले स्तर तक लागू करता रहा है। आशा है कि फसल कटाई के बावजूद भी प्रदेश के किसान बड़ी संख्या में 14 मार्च को दिल्ली में होने वाली किसान-मजदूर पंचायत में शामिल होंगे।

बैठक में अभाकि सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने बताया कि सरसों का समर्थन मूल्य 5650 रुपए प्रति क्विंटल है लेकिन वर्तमान में 4500 रुपए प्रति क्विंटल पर सरसों की खरीदी की जा रही है। फसल आने पर दाम और कम हो जाएंगे।

किसंस के इंदौर संभाग के संयोजक रामस्वरूप मंत्री ने कहा कि 29 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है। 4 गुना मुआवजा देने की मांग को लेकर 27 फरवरी को किसानों ने पदयात्रा निकालने का निर्णय किया है।

संयुक्त किसान मोर्चा रीवा के संयोजक एड शिवसिंह के कहा कि रीवा के बिहरा में 2 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा के दिल्ली चलो के आह्वान को लेकर एक बड़ी किसान महापंचायत आयोजित की गई है, जिसमें डॉ सुनीलम भी शामिल होंगे। आज भी तहसील गुढ़ के ग्राम पंचायत पाती में बड़ी किसान पंचायत आयोजित की गई।

बैठक में संयुक्त किसंस प्रदेश उपाध्यक्ष एड आराधना भार्गव, अभाकि सभा प्रदेश सचिव अखिलेश यादव, अभाकि सभा (अजय भवन) प्रदेश महासचिव प्रहलाद दास बैरागी, संकिमो सिवनी के संयोजक धर्मदास वासनिक, भाकि श्रमिक जनशक्ति यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर, सीताराम ठाकुर, ओबीसी महासभा के विश्वजीत रतौनिया, शहीद राघवेंद्र सिंह किसंस के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह शंखु, किसान जागृति संगठन प्रमुख इरफान जाफरी, भा कि यूं प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव, जगदीश पटेल, विजयसिंह मीणा, सागर से किसंस जिलाध्यक्ष अभिनय श्रीवास, नर्मदा बचाओ आंदोलन से मुकेश भगोरिया, बालाघाट से किसान गर्जना के अरविन्द चौधरी, नरसिंहपुर से बाबू पटेल एवं मुलताई से भागवत परिहार शामिल हुए।

(संयुक्त किसान मोर्चा, मध्यप्रदेश की प्रेस विज्ञप्ति)

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