Friday, October 22, 2021

Add News

नज्म

फ़ैज़ की जयंतीः ‘अब टूट गिरेंगी ज़ंजीरें, अब जिंदानों की खैर नहीं’

उर्दू अदब में फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का मुकाम एक अजीमतर शायर के तौर पर है। वे न सिर्फ उर्दू भाषियों के पसंदीदा शायर हैं, बल्कि हिंदी और पंजाबी भाषी लोग भी उन्हें उतनी ही शिद्दत से मोहब्बत करते हैं।...

पुण्यतिथिः वामिक जौनपुरी की नज्म ‘भूका है बंगाल’ सुनकर देश भर ने भेजी थी मदद

वामिक जौनपुरी का शुमार उन शायरों में होता है, जिनकी वाबस्तगी तरक्कीपसंद तहरीक से रही। उन्होंने अपने कलाम से सरमायेदारी और साम्राज्यवाद दोनों पर एक साथ हमला किया। समाज के सबसे दबे-कुचले लोगों के हक में अपनी आवाज बुलंद...

मजाज़ः आंसू पोंछकर आंचल को परचम बनाने की बात करने वाला शायर

असरार उल हक ‘मजाज़’ उर्दू  साहित्य के उन महत्वपूर्ण शायरों में से एक हैं, जिनकी नज़्मों में इश्क़ो-मुहब्बत तो था ही साथ ही उनमें बगावती तेवर भी थे। मजाज़ ने अदबी दुनिया मे कई रंग बिखेरे। जरिया चाहे नज़्म...
- Advertisement -spot_img

Latest News

अब सुप्रीमकोर्ट ने कहा-कृषि कानूनों का मामला लंबित होने पर भी किसानों को प्रदर्शन का अधिकार

उच्चतम न्यायालय के जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रविकुमार की एक अन्य पीठ के इस विचार जिसमें पीठ...
- Advertisement -spot_img