Tuesday, January 18, 2022

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साहित्य के नोबेल विजेता लेखक अब्दुलरज़ाक गुरनाह: अस्तित्व के संघर्ष और अकेलेपन में झांकता उपन्यासकार

अरबी मूल के ‘सफ़ारी’ और अफ्रीका की स्वाहिली मूल के ‘मसाफ़ीरी’ शब्द से बना है प्रचलित स्वाहिली का शब्द ‘वासाफ़ीरी’ यानी सफ़री या यायावर। इसी नाम के एक प्रसिद्ध ब्रिटिश साहित्यिक-सामाजिक तिमाही जर्नल, वासाफ़ीरी के 107वें अंक में (अगस्त...

हम जेब में लेकर नहीं घूम सकते हैं अपना दुश्मन: पेगासस पर अरुंधति रॉय

भारत में मौतों की मनहूसी का मौसम बड़ी तेज़ी से जासूसी के मौसम में बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर उतर गई है, और अपने पीछे छोड़ गई है अंदाज़न 40 लाख भारतीयों की मौतें।...

न्यायिक हिरासत साईबाबा के लिए रोजाना का टॉर्चर है: अरुंधति रॉय

प्रसिद्ध लेखिका अरुंधति रॉय ने कहा है कि किसी आरोपित को जब पुलिस हिरासत में रखा जाता है तो पुलिस कस्टडी में इंटरोगेशन के नाम पर ज़्यादा टॉर्चर होता है। हमारे देश में क़ानून सबके लिए एक बराबर नहीं है।...

जुझारू तरीके से लड़ा जाए और खूबसूरत तरीके से जीता जाए, नफरत के खिलाफ मुहब्बत की लड़ाई: अरुंधति

(कल पुणे में एलगार परिषद की बैठक आयोजित की गयी थी। जिसमें तमाम बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मानवाधिकार कर्मियों के साथ मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय ने भी हिस्सा लिया। इस मौक़े पर हिंदी में दिया गया उनका भाषण जिसका अनुवाद...

लेखिका अरुंधति ने टिकरी जाकर जताई किसानों के साथ एकजुटता, कहा- आपने समझाया पूरे देश को एकता का अर्थ

(विख्यात लेखिका और सामाजिक-कार्यकर्ता अरुंधती रॉय ने दिल्ली में टीकरी बार्डर स्थित किसान आन्दोलन के संयुक्त दिल्ली मोर्चा से कल अपनी बात कही। उनके संबोधन का लिप्यान्तरण आप सब के लिये प्रस्तुत है-संपादक) इन्कलाब ! जिंदाबाद-जिंदाबाद !! मुझे यहाँ बहुत पहले आना...

हिंदू राष्ट्रवाद का खौफ़नाक मंजर पेश करती है अरुंधति की किताब ‘आज़ादी’

अरुंधति रॉय भारत की उन चंद लेखकों में हैं, जिनकी समकालीन भारत की नब्ज़ पर उंगली है और जो भारत की हर धड़कन को कान लगाकर सुनती हैं और उसे अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हैं। आज का भारत...

अरुंधति रॉय को शांति के लिए कोरिया का साहित्यिक ग्रैंड लॉरेट पुरस्कार

शांति के लिए ली हो छ साहित्यिक पुरस्कार की चयन समिति (एलएलपीपी) और युनपिंयोंग जू डिस्ट्रिक्ट ऑफिस ने अरुंधति रॉय को इस साल के ग्रैंड लॉरेट के रूप में चुना है। एलएलपीपी एक अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कार है जो कोरिया गणराज्य में...

किताब को पाठ्यक्रम में बनाए रखने के लिए लड़ना मेरा कर्तव्य नहीं: अरुंधति रॉय

नई दिल्ली।(मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय की किताब 'वाकिंग विद द कॉमरेड्स' को तमिलनाडु के मनोमणियम सुंदरानर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह फैसला संघ से जुड़े संगठन विद्यार्थी परिषद के दबाव में लिया...

लेखक, छात्र, राजनेता, मजिस्ट्रेट और जज सभी फ़ासीवाद के खिलाफ एकजुट हों: अरुंधति रॉय

नई दिल्ली। चर्चित लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति राय ने लेखकों, छात्रों, राजनेताओं, मजिस्ट्रेटों, जजों सभी से फ़ासीवाद के खिलाफ एकजुट हो जाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पूरा समाज सड़ चुका है। देश का हर अंग...
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पुस्तक समीक्षा: सर सैयद को समझने की नई दृष्टि देती है ‘सर सैयद अहमद खान: रीजन, रिलीजन एंड नेशन’

19वीं सदी के सुधारकों में, सर सैयद अहमद खान (1817-1898) कई कारणों से असाधारण हैं। फिर भी, अब तक,...
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