Monday, October 18, 2021

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bhagat singh

पीएम मोदी के नाम एक पूर्व माओवादी के बेटे का खत

भाकपा (माओवादी) के केन्द्रीय कमेटी सदस्य प्रमोद मिश्रा के पुत्र सुचित मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 27 जुलाई, 2021 को एक खुला खत लिखा है, जिसे 28 जुलाई को रजिस्टर्ड डाक से भी उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा है। मालूम...

अद्भुत शख्सियत के मालिक थे भगत सिंह

हवा में रहेगी मेरे ख्याल की बिजली- देशवासियों को ‘‘इंकलाब जिंदाबाद’’ और ‘‘साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’’ का क्रांतिकारी नारा दे, जंग-ए-आज़ादी में निर्णायक मोड़ लाने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 23 मार्च को 90 वीं पुण्यतिथि है। बरतानिया हुकूमत ने सरकार के...

‘इंकलाब जिन्दाबाद’ बन गया व्यवस्था परिवर्तन और साम्राज्यवाद विरोध का नारा

भगत सिंह की देश भक्ति की तरह उनकी नास्तिकता भी निर्विवाद है। उन्होंने फांसी से कुछ समय पहले लिखा, मैं नास्तिक क्यों हूं। मानो यह भी बताने को कि देश प्रेम और धार्मिकता पृथक स्पेस हैं। इसी सहजता से...

जयंतीः उम्र में छोटे भगत सिंह को गुरु बना लिया था उधम सिंह ने

पंजाब की सरजमीं ने यूं तो कई वतनपरस्तों को पैदा किया है, जिनकी जांबाजी के किस्से आज भी मुल्क के चप्पे-चप्पे में दोहराए जाते हैं, पर राम मुहम्मद सिंह आज़ाद उर्फ उधम सिंह की बात ही कुछ और है।...

अशफ़ाक़ का जन्मदिवस: हैरान करने वाली खुशी से फांसी पर चढ़ा मस्ताना शायर- भगत सिंह

(जनवरी, 1928 के ‘किरती में भगत सिंह ने काकोरी के शहीदों के बारे में ‘विद्रोही’ नाम से लिखा था। यह लेख ‘भगत सिंह के सम्पूर्ण दस्तावेज’ में संग्रहीत है, जिसका संपादन प्रोफेसर चमन लाल ने किया है। इस लेख...

भगत सिंह के प्रिय दार्शनिक-चिंतक और साहित्यकार

अरे! बेकार की नफरत के लिए नहीं,न सम्मान के लिए, न ही अपनी पीठ पर शाबासी के लिएबल्कि लक्ष्य की महिमा के लिए,किया जो तुमने भुलाया नहीं जाएगा साढ़े तेईस वर्ष की उम्र में 23 मार्च 1931 को फांसी पर...

पेरियार पर आईं पुस्तकें बदलेंगी हिंदी पट्टी का दलित चिंतन

साहित्य के शोधकर्ताओं के लिए यह एक शोध का विषय है कि ईवी रामासामी पेरियार (17 सितंबर, 1879-24 दिसंबर, 1973) के मूल लेखन का कोई संग्रह आज तक उस तरह से हिंदी साहित्य में क्यों उपलब्ध नहीं था,...

शहादत सप्ताह: मैं नास्तिक क्यों हूँ?

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह ने यह लेख जेल में लिखा था। यह पहली बार 27 सितम्बर 1931 को तब अविभाजित हिन्दुस्तान के उत्तरी हिस्सा के सबसे बड़े नगर, लाहौर के 'द पीपुल ' अखबार में प्रकाशित हुआ।इसे भगत सिंह का सबसे महत्वपूर्ण लेख माना जाता है।   कोलकाता...

शहादत सप्ताह: भगत सिंह की फांसी पर लिखा गया डॉ. आंबेडकर का लेख ‘तीन बलिदानी’

(भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की फाँसी के बाद बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर ने एक लेख लिखा था जो 'जनता' में संपादकीय के तौर पर प्रकाशित हुआ था। शहादत सप्ताह के तहत आज उनके इस लेख को यहाँ...

पुण्य तिथिः हवा में रहेगी मेरे ख्याल की बिजली…

जंग-ए-आज़ादी में निर्णायक मोड़ देने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 23 मार्च को 89वीं पुण्यतिथि है। 23 मार्च, 1931 को बरतानिया हुकूमत ने सरकार के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंकने के इल्जाम में उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी।...
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झारखंड में भी बेहद असरदार रहा देशव्यापी रेल रोको आंदोलन

18 अक्टूबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पूर्व घोषित देशव्यापी रेल रोको कार्यक्रम के तहत रांची में किसान...
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