Tuesday, January 18, 2022

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सरकार की शह पर जारी है देश में गृहयुद्ध के हालात पैदा करने के प्रयास

उत्तराखंड के हरिद्वार और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हिंदुत्ववादी संगठनों की हाल ही में हुई तथाकथित धर्म संसद में जिस तरह की बातें कही गईं, वैसी बातें अगर मुसलमानों, ईसाइयों या सिखों की किसी मजलिस या जलसे में...

सिविल सोसाइटी सदस्यों ने कहा- हरिद्वार हेट कॉन्क्लेव का सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान

सिविल सोसायटी और वरिष्ठ एक्टिविस्ट और वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह हरिद्वार के हेट कॉन्क्लेव का संज्ञान लेकर यूएपीए के तहत भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। हरिद्वार हेट कॉन्क्लेव के वीडियो...

सिविल नेचर के विवाद को आपराधिक केस का रंग दिया जाना अस्वीकार्य: सुप्रीमकोर्ट

उच्चतम न्यायालय की जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने कहा है कि हाईकोर्ट को इस बात की जांच करनी चाहिए कि जिस अपराध के बारे में शिकायत की गई है उसमें आपराधिक तत्व मौजूद हैं...

सर्विलांस तकनीक के इस्तेमाल पर रोक के लिए सिविल सोसाइटी संगठनों और विशेषज्ञों ने लिखा खुला खत

सर्विलांस तकनीक की बिक्री, लेनदेन और इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाने के लिए सरकारों का आह्वान करता हुआ सिविल सोसाइटी संगठनों और विशेषज्ञों का साझा खुला खत- हम सब अधोहस्ताक्षरी नागरिक समाज संगठन और स्वतंत्र विशेषज्ञ NSO ग्रुप के स्पाइवेयर...

निरर्थक है कॉमन सिविल कोड के अनुच्छेद 44 पर बहस

कुछ महत्वपूर्ण पदों या संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को पूरी वस्तु स्थिति (हकीकत) जानने के बाद भी बौद्धिक जुगाली करने की आदत होती है, भले ही उसके बाद कितना भी विवाद हो और अंतिम परिणाम शून्य हो। अब...

समान नागरिक संहिता फिर जेरे बहस है!

समान नागरिक संहिता पर बहस पुनः शुरू हो गयी है, पर समान नागरिक संहिता का प्रारूप क्या होगा और किस प्रकार से एक बहुलतावादी देश में नाना प्रकार के धर्मों, सम्प्रदाय, जाति, वर्ण और क्षेत्र के बीच समानता के...

113 पूर्व सिविल सेवकों ने पीएम को लिखा पत्र, कहा- सरकार अब प्रभावी कार्रवाई करे

कॉन्स्टिट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप से जुड़े, 113 रिटायर्ड सिविल सेवा के अधिकारियों, जिनमें आईएएस, आईएफएस, आईपीएस और आईआरएस अधिकारी सम्मिलित हैं, ने प्रधानमंत्री मोदी को एक खुला पत्र लिखा है। पत्र मूल रूप से अंग्रेजी में है जिसका हिंदी अनुवाद रिटायर्ड...

हिरासत में अत्याचार से व्यक्ति की मौत सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय कई बार कह चुका है कि हिरासत में अत्याचार से किसी व्यक्ति की मौत सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। इसके बावजूद देश के किसी न किसी कोने से कस्टोडियल डेथ की ख़बरें आती ही रहती हैं...

संस्थाओं को आपस में लड़ा कर देश को गृहयुद्ध में झोंक रहे हैं मोदी

अभी एक हफ्ता भी नहीं बीता होगा जब यूपी के बलिया से एक तस्वीर आयी थी। एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें खुले खेत में दो पक्षों के बीच लाठी-डंडों और असलहों से मार-पीट हो रही थी। और आखिर...

मुझे फंसाने के लिए अब एनसीपीसीआर का किया जा रहा है इस्तेमाल: हर्ष मंदर

(सिविल सोसाइटी के सदस्यों को तरह-तरह से परेशान करने और उन्हें फंसाने की कोशिश में सरकार नये-नये रास्ते इजाद कर रही है। अभी तक इस काम में सरकार ने अपनी उन एजेंसिंयों को लगा रखा था जो सीधे अपराध...
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पुस्तक समीक्षा: सर सैयद को समझने की नई दृष्टि देती है ‘सर सैयद अहमद खान: रीजन, रिलीजन एंड नेशन’

19वीं सदी के सुधारकों में, सर सैयद अहमद खान (1817-1898) कई कारणों से असाधारण हैं। फिर भी, अब तक,...
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