Sunday, December 4, 2022

colonialism

दुनिया को विनाश की तरफ ले जा रही है धरती पर कब्जे की साम्राज्यवादी मुल्कों की लड़ाई

धरती के कुख्यात और इतिहास के सबसे शक्तिशाली साम्राज्य एक दूसरे पर चढ़ाई कर रहे हैं। एक खेमे का सिपहसलार जी7 (अमरीका, कनाडा, इटली, जर्मन, फ्रांस, ब्रिटेन और जापान) साम्राज्यवादी समूह हैं। दूसरे खेमे के सेनापति चीन और रूस...

अंग्रेजों ने इतिहास लेखन के जरिए भारत में बोया सांप्रदायिकता का बीज

(आज, हमारे आस-पास, नफरत का जो माहौल है, उसकी एक वजह, घृणित इतिहास लेखन भी है। और इसकी शुरुआत औपनिवेशिक काल से होती है। शायद इसकी शुरुआत, इलियट और डाउसन की 8 भागों में प्रकाशित (1849) पुस्तकों से होती...

घोड़े की गर्दन पर किसानों की गिरफ्त!

प्रत्येक व्यवस्था की अपनी अन्तर्निहित गतिकी (डाइनामिक्स) होती है, जिसके सहारे वह अपना बचाव और मजबूती करते हुए आगे बढ़ती है। भारत में निजीकरण-निगमीकरण के ज़रिये आगे बढ़ने वाली नवउदारवादी/वित्त पूंजीवादी व्यवस्था, जिसे नव-साम्राज्यवाद की परिघटना से जोड़ा जाता...

किसानों का यह संघर्ष ही भारतीय अर्थव्यवस्था के तमाम संकटों की कुंजी है

भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ पूंजीवाद का संबंध उपनिवेश और औपनिवेशिक शक्ति के बीच के संबंध का रूप ले चुका है। पिछले तमाम वर्षों में गांवों में निवेश और गांवों से धन की निकासी के बीच भारी फ़र्क़...

खाकी की होगी सत्ता और देश पर चलेगा कार्पोरेट लूट का राज

(1)पुलिसकर्मी अपने कार्यों, शक्तियों और कर्तव्यों का उपयोग सामान्य जनता और मौजूदा सरकार के निष्पक्ष सेवक के रूप में करेंगे.... किसी भी पुलिसकर्मी को,  उसके कार्यों या शक्तियों, या पुलिस संसाधनों का उपयोग करते वक्त, किसी भी राजनीतिक पार्टी...
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 मोदीराज : याराना पूंजीवाद की पराकाष्ठा

पिछले पांच वर्षों में विभिन्न कम्पनियों द्वारा बैंकों से रु. 10,09,510 करोड़ का जो ऋण लिया गया वह माफ...
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