Monday, January 24, 2022

Add News

Development

देश के लिए विनाशक साबित हो रहा है मोदी सरकार का ‘विकास’

सन 2022, इलेक्शन के दंगल का वर्ष है और यह देश की दशा एवं दिशा को निर्धारित करेगा। शब्दों के बाण अभी से चलने शुरू हो गए हैं। विकास इलेक्शन का प्रमुख मुद्दा होगा-होना भी चाहिए। विकास, प्रधानमंत्री मोदी जी के...

फिर वही सपनों की सौदागरी!

अकारण नहीं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भीतर का सपनों का सौदागर एक बार फिर जाग उठा है। 2014 में उनके भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने के बाद से ही यह परम्परा-सी बन गई है...

वाराणसी: विकास के बुल्डोजर ने ढहा दिया गांधी चौरा

वाराणसी। शहर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृतियों को समेटे बेनियाबाग स्थित गांधी चौरा को विकास के बुल्डोजर ने ढहा दिया है आने वाले समय में शहर के मध्य स्थित इस विशाल मैदान में लोगों को चमकता हुआ मल्टीप्लेक्स...

प्रधानमंत्री मोदी की देन: हर क्षेत्र में सिर्फ तबाही ही तबाही

अपने जीवन के 72वें साल में प्रवेश कर रहे नरेंद्र मोदी ने सात साल पहले प्रधानमंत्री बनने के ढाई महीने बाद जब स्वाधीनता दिवस पर लाल किले से पहली बार देश को संबोधित किया था तो उनके भाषण को...

देश के पैमाने पर मनरेगा में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ियां आयीं सामने

ग्रामीण विकास विभाग के सामाजिक लेखा परीक्षा इकाई (एसएयू) ने पाया है कि पिछले चार सालों में मनरेगा की विभिन्न योजनाओं में 935 करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी हुई है।  उपरोक्त जानकारी अंग्रेज़ी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने ग्रामीण विकास...

विकास ही सबसे अच्छा गर्भ-निरोधक है

विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन के अनुसार, क्षय रोग (टीबी) का सबसे बड़ा खतरा कु-पोषण है। ज़ाहिर सी बात है कि यदि टीबी उन्मूलन के सपने को साकार करना है तो कु-पोषण को नज़रंदाज़ नहीं...

स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक विकास के बीच है गहरा रिश्ता

हाल की वैश्विक कोरोना त्रासदी में भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता से यह स्पष्ट हो चुका है कि,  देश में स्वास्थ्य-सुविधाओं का ढांचा अत्यधिक कमजोर है। अतः देश के नीति निर्धारकों को देश के भावी विकास और उसमें...

विकास, जो जिंदगी पर पड़ रहा है भारी!

लॉक डाउन ख़त्म होते ही प्रदूषण फिर से अपने मानक को पार करने लगा है। गाजियाबाद के जिस वसुंधरा इलाके में मैं जहां रहता हूं वहां आजकल विकास कार्यों की धूम है। दस किमी का एक फ्लाईओवर बन चुका...

बच्चे पालने के सवाल पर स्त्री और पुरुष के बीच पैदा हुआ पहला श्रम विभाजन

मानव विज्ञान में खुद को लगा देने का उनका संकल्प महज किसी बौद्धिक उत्सुकता का परिणाम नहीं था । इसका गहरा राजनीतिक-सैद्धांतिक मकसद था । गहन ऐतिहासिक ज्ञान के आधार पर वे वास्तविकता के सबसे करीब के उस क्रम...

रामप्रसाद काजले: समाज सेवा ही जिसके जीवन का उद्देश्य बन गया

हरदा जिला मप्र के सम्पन्न जिलों में से एक है जहां नर्मदा के पानी की वजह से खेती उन्नत है और अमूमन लोग दो से तीन फसलें ले लेते हैं, घने जंगलों से आच्छादित यह जिला संयुक्त वन प्रबंधन...
- Advertisement -spot_img

Latest News

यूपी चुनाव में जो दांव पर लगा है

यह कहावत बहुचर्चित है कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है। यानी अक्सर यह होता है कि...
- Advertisement -spot_img