पिछले कुछ वर्षों में भारत में एक अजीब-सी पुनरावृत्ति देखने को मिल रही है। समय-समय पर कोई… Read More
Faith
ईश्वर है या नहीं – यह प्रश्न सदियों से मनुष्य के साथ चला आ रहा है। पर… Read More
इस दौर में जबकि मुल्क में बहुत से मसायल/समस्याएं आम आदमी को परेशानी की वजह बनी है,… Read More
1. आस्था : आस्था वो दलदल है जो प्रकृति,मानवता,विवेक,प्रगतिशीलता और विज्ञान को लील लेती है। आस्था गटर… Read More
“तुम जो अन्न खाते हो उसे उगाया है किसी ने तुम जो कपड़े पहनते हो उसे बुना… Read More
ईश्वर- यह शब्द जितना सरल प्रतीत होता है, उतना ही गूढ़ और बहुआयामी भी है। यदि हम… Read More
बर्ट्रेंड रसेल ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक Religion and Science सन 1935 में लिखी थी, जब दुनिया धार्मिक… Read More
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा रविवार, 29 जून को आयोजित उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा – 2025 में मात्र 50.47 प्रतिशत अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे यानी लगभग 49.53 प्रतिशत या 50,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया, जबकि उन्होंने इसके लिए आवेदन अवश्य किया था पिछले वर्ष 2024 में इसी परीक्षा में 47.67 प्रतिशत ही परीक्षार्थी उपस्थित हुए थे,जबकि आवेदकों की कुल संख्या करीब 1.5 लाख थी।इस बार आवेदन संख्या घटी है 1,01,964 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया लेकिन अनुपस्थित रहने वालों की संख्या अब भी लगभग आधी बनी हुई है। सरकार और आयोग इसे “बारिश के बावजूद भागीदारी में वृद्धि” कहकर अपनी पीठ खुद ठोक रहे हैं।लेकिन इस सतही संतोष के पीछे कुछ गहरे और चिंताजनक सवाल छिपे हैं। आखिर, बेरोजगारी के … Read More
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि गंगा की जिस पवित्रता का वर्णन हमारे… Read More
जितना पुराना धर्म है, उससे कहीं ज़्यादा पुराना शायद अंधविश्वास है। शुरुआत में हर धर्म सही मायने… Read More