Monday, November 29, 2021

Add News

human

मानवाधिकार दिवस पर विशेष: महिलाओं के बिना असंभव थी मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा

यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स (यूडीएचआर) को उसका निर्णायक और अंतिम स्वरूप देने में महिलाओं की भूमिका प्रायः अचर्चित रही है जबकि वास्तविकता यह है कि बिना महिलाओं के योगदान एवं हस्तक्षेप के मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा सर्वसमावेशी...

डाल्टनगंज में भी हुआ स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी का विरोध

पलामू। पलामू जिला मुख्यालय डाल्टनगंज में जन संगठनों, चर्च से जुड़े संगठनों, राजनीतिक दलों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला बना कर 83 वर्षीय मानवाधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी का विरोध किया। इस मौके पर लोगों ने न...

एनआईए ने किया अब मानवाधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी को गिरफ्तार

रांची। अभी-अभी खबर मिली है कि भीमा कोरेगांव मामले में झारखंड के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी (Stan Swamy) को रांची के बगाईचा (नामकुम) स्थित उनके आवास से एनआईए उठाकर ले गयी है। मालूम हो कि मूल रूप से...

एक्टिविस्टों की रिहाई पर वेबिनार: ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बिना हमारी नागरिकता पूरी नहीं होती’

भीमा कोरेगांव मामले में जेल में बंद 12 लोगों के समर्थन के लिए मानवाधिकार संगठन पीयूसीएल ने कल एक वेबिनार का आयोजन किया, जिसमें देश भर से 496 लोग जूम के जरिये जुड़े। ज़ूम एप की क्षमता आमतौर पर...

यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम से नाजीवाद, चुनावी राजनीति, मानवाधिकार जैसे विषयों को हटाना तर्कसंगत सोच पर हमला: रिहाई मंच

लखनऊ। छात्रों पर बस्ते का बोझ कम करने के नाम पर विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और नागरिक शास्त्र आदि विषयों से संक्रामक बीमारियों सम्बंधी जानकारी, राजनीति, मानवाधिकार, विश्व बंधुत्व और सामाजिक कुप्रथाओं पर आधारित कई महत्वपूर्ण अध्यायों को शिक्षा के...

विशेष लेख: यह सुप्रीम कोर्ट का काला दौर है

पहले कुछ तारीखों पर गौर कर लिया जाए-  30 जनवरी, 2020 को केरल राज्य के त्रिशूर जिले में कोरोना के  पहले मरीज की पहचान हुई जो चीन के यूहान प्रांत से आया एक छात्र था।4 फरवरी, 2020 को केरल की...

यूपी में लिखी जा रही है तानाशाही की नई इबारत

मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा (The Universal Declaration of Human Rights) की धारा 11 कहती है, " दंडनीय अपराध के प्रत्येक आरोपी को तब तक निर्दोष माना जाएगा जब तक उसे public trial के माध्यम से कानूनन अपराधी साबित नहीं...

अफ़ग़ान मानवाधिकार कार्यकर्ता फ़ातिमा ख़लील की हत्या

24 साल पहले पाकिस्तान में रह रही एक शरणार्थी प्रसूता एक बच्ची को जन्म देने की प्रक्रिया में होती है। प्रसव कराने आई दाई 500 रुपए मांगती है। तंगहाल परिवार अपने तंगहाली का रोना रोता है और दाई गुस्से...

आखिरी वक्त में भी हाथ उठाकर बंधी रही चितरंजन भाई की मुट्ठी!

चितरंजन भाई अपने गांव लौट गए थे। कुछ महीने पहले। ग्राम सुल्तानपुर, तहसील बांसडीह, जिला बलिया, घाघरा का कछार और दियारे के एक कोने में ऊंचाई पर टिका गांव। चितरंजन भाई अपने जीवन का वृत्त पूरा कर रहे थे। सोचने...

स्मृति शेष: ‘जुल्म और दमन के खिलाफ इंसाफ और लोकतंत्र की निर्भीक आवाज थे भाई चितरंजन सिंह’

आदरणीय चितरंजन भाई से अभी 10 अक्टूबर को टॉउनहाल बलिया में बहुत दिनों बाद मुलाकात हुई थी। PUCL के साथियों द्वारा जय प्रकाश जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का अवसर था। उन्हें बेहद अस्वस्थ देखकर धक्का लगा था।...
- Advertisement -spot_img

Latest News

भारत-माता का संदर्भ और नागरिक, देश तथा समाज का प्रसंग

'भारत माता की जय' भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान सबसे अधिक लगाया जाने वाला नारा था। भारत माता का...
- Advertisement -spot_img