Tuesday, October 26, 2021

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प्रधानमंत्री का स्वतन्त्रता दिवस उद्बोधन: वे बोले तो बहुत किंतु कहा कुछ नहीं

यह पहली बार हुआ है कि देश के प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस उद्बोधन को किसी गंभीर चर्चा के योग्य नहीं समझा गया। यहाँ तक कि आदरणीय मोदी जी के प्रशस्तिगान हेतु लालायित सरकार समर्थक मीडिया ने भी स्वयं को...

सत्ता के सामने नतमस्तक भारतीय मीडिया

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का काम यह होना चाहिए था कि वह लोगों को जागरूक करे किन्तु टीआरपी के चलते समाचार चैनल इन दिनों किसी भी खबर को सनसनी बनाकर पेश करने से नहीं चूक रहे। यह चिंताजनक स्थिति है। अगर...

अदालतों ने बजाई आजादी की घंटी

जब-जब हमारी उम्मीद टूटने लगी है, तब तब एक संकेत जरूर उभरा है कि व्यक्ति स्वातंत्र्य की सुरक्षा कोई गुम हुआ अभियान नहीं है। जब भारत पर विदेशियों का शासन था, तब भारत में यह विचार बहुत देर से...

सभ्यता के इतिहास के पैमानों पर भारत का किसान संघर्ष

भारत का किसान लगता है जैसे अपनी कुंभकर्णी नींद से जाग गया है। अपने इतने विशाल संख्या-बल के बावजूद संसदीय जनतंत्र में जिसकी आवाज का कोई अलग मायने नहीं रह गया था, फिर भी वह गांव के शांत जीवन...

संविधान दिवस पर विशेष: डॉ. आंबेडकर को ही भारतीय संविधान का निर्माता क्यों कहा जाता है?

26 नवंबर 1949 को डॉ. भीमाराव आंबेडकर ने भारतीय संविधान को राष्ट्र को समर्पित किया था। संविधान सभा के निर्मात्री समिति के अध्यक्ष डॉ. आंबेडकर की 125वें जयंती वर्ष 2015 में भारत सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस...

लाला लाजपत राय की पुण्यतिथिः ‘मेरा मज़हब हक़परस्ती, मेरी मिल्लत क़ौमपरस्ती है’

सारे देश में ‘पंजाब केसरी’ के नाम से मशहूर लाला लाजपत राय की पहचान, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गरम दल के अहम नेता के तौर पर है। 28 जनवरी, 1865 को फिरोजपुर, पंजाब में जन्मे स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख...

नेहरू की बनाई नींव पर खड़ी हुई भारतीय लोकतंत्र की बुलंद इमारत

एक बार नेहरू से किसी ने पूछा कि भारत के लिए उनकी विरासत क्या होगी, तो उन्होंने उत्तर दिया, “यकीनन स्वयं पर शासन करने में सक्षम चालीस करोड़ लोग।” ये लोकतंत्र पर नेहरू का दृढ़विश्वास ही था। महत्वपूर्ण मुद्दों...

मौलाना आजाद: आजादी का वह सिपाही जिसने रखी देश में शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद

हज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती हैबड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदामौलाना अबुल कलाम आज़ाद इस्लाम धर्म के प्रसिद्ध विद्वान, देशभक्त, सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जज़्बा रखने वाले महत्वपूर्ण शख्सियत थे। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम...

दिखावटी आत्मविश्वास और कैमरों के लिए भी न मुस्कुराना

यह साधारण पंद्रह अगस्त नहीं था। पिछले तिहत्तर साल में ऐसा कभी नहीं हुआ, जब स्वतंत्रता दिवस बिना बच्चों, बिना झंडों, मिठाइयों और उल्लास के मनाया गया हो और इस बार भीड़ तो नहीं ही थी। इससे पहले कभी...

देश भर में वामपंथी कार्यकर्ताओं ने ली एकता और संविधान बचाने की शपथ

वाम दलों के संयुक्त आह्वान पर 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर संविधान की रक्षा और देश की आजादी को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। सीपीआई, सीपीएम और भाकपा माले के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने  संकल्प लिया। जगह-जगह...
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वाराणसी: अदालत ने दिया बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश

वाराणसी। पाई-पाई कमाई जोड़कर अपना आशियाना पाने के इरादे पर बिल्डर डाका डाल रहे हैं। लाखों रुपए लेने के...
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