Tuesday, October 26, 2021

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islam

उनके तालिबान तालिबान हमारे वाले संत !

अपने 20 साल के नाजायज और सर्वनाशी कब्जे के दौरान अफ़ग़ानिस्तान से लोकतान्त्रिक संगठनों, आंदोलनों और समझदार व्यक्तियों का पूरी तरह सफाया करने के बाद अमरीकी उसे तालिबानों के लिए हमवार बनाकर, उन्हें इस खुले जेलखाने की चाबी थमाकर...

हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के विलक्षण पैरोकार थे काजी नज़रुल इस्लाम

हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के विलक्षण पैरोकार और महत आकांक्षी बांग्ला कवि-लेखक काजी नज़रुल इस्लाम आधुनिक बांग्ला काव्य एवं संगीत के इतिहास में निस्संदेह एक युग प्रवर्तक थे। प्रथम महायुद्ध के उपरांत आधुनिक बांग्ला काव्य में रवीन्द्र काव्य को एक मात्र...

मौलाना कल्बे सादिक ने भारतीय सियासत में कभी अपनी दुकान नहीं चलाई

मौलाना कल्बे सादिक ऐसे समय में भारत के मुसलमानों को छोड़कर गये हैं, जब उनकी सबसे सख्त जरूरत थी। वह करीब एक साल से बीमार थे। मंगलवार रात दस बजे 84 साल के इस शिया धर्म गुरु ने लखनऊ...

मानव विरोधी हैं इस्लाम के नाम पर दुनिया में होने वाली हिंसक प्रतिक्रियाएं

फ्रांस में एक अध्यापक की बर्बर और गला रेत कर की गयी हत्या के कारण दुनिया भर में धर्मांधता, ईशनिंदा और ईशनिंदा पर हत्या तक कर देने की प्रवृत्ति पर फिर एक बार बहस छिड़ गयी है। हालांकि यह...

मजहब के नाम पर फिर बहा खून, फ्रांस में पैगंबर का कार्टून दिखाने वाले शिक्षक का कत्ल

शुक्रवार को फ्रांस में एक अठारह साल के आतंकवादी ने 47 वर्षीय स्कूल शिक्षक सैमुएल पैटी (Samuel Paty) के सिर को धड़ से सिर्फ़ इसलिए अलग कर दिया, क्योंकि उक्त शिक्षक ने अपनी क्लास के बच्चों को ‘अभिव्यक्ति की...

पुण्यतिथि पर विशेष: इस्लाम को शरीर और हिंदू धर्म को मस्तिष्क की संज्ञा देते थे स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद देश के महानतम प्रज्ञा पुरुष थे। 4 जुलाई, उनकी 118वीं पुण्यतिथि है। साल 1902 में आज ही के दिन पश्चिम बंगाल के बेलूर मठ में ध्यानावस्था में उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली थी। महज 39 साल की...

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जफरुल इस्लाम के घर पुलिस का छापा

नई दिल्ली। दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन डॉ. जफरुल इस्लाम खान के आवास पर आज दिल्ली पुलिस ने छापा मारा। बताया जा रहा है कि पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाना चाहती थी लेकिन उसके पास...

क्या कोरोना की चुनौती का सामना कर पाएंगे सत्ताधीश?

कोरोना शायद पहली विपदा है जिसने मानवीय जीवन को संचालित करने वाली सभी संस्थाओं को बुरी तरह झकझोर दिया है। इसमें राजनीतिक, आर्थिक तथा  धार्मिक संस्थाएं शामिल हैं। सबसे ज्यादा असुरक्षा धार्मिक संस्थाओें में दिखाई दे रही है। इसके...

शहादत सप्ताह: मैं नास्तिक क्यों हूँ?

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह ने यह लेख जेल में लिखा था। यह पहली बार 27 सितम्बर 1931 को तब अविभाजित हिन्दुस्तान के उत्तरी हिस्सा के सबसे बड़े नगर, लाहौर के 'द पीपुल ' अखबार में प्रकाशित हुआ।इसे भगत सिंह का सबसे महत्वपूर्ण लेख माना जाता है।   कोलकाता...

पाकिस्तान के इस्लामिस्ट आखिर नागरिकता संशोधन अधिनियम पर क्यों हैं फिदा ?

सिएटल सिटी कौन्सिल, जो संयुक्त राज्य अमेरिका की सबसे ताकतवर सिटी कौन्सिल में शुमार की जाती है, उसने पिछले दिनों इतिहास रचा। वह शेष दुनिया की पहली ऐसी चुनी हुई निकाय बनी जिसने यह प्रस्ताव पारित किया कि भारत सरकार...
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वाराणसी: अदालत ने दिया बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश

वाराणसी। पाई-पाई कमाई जोड़कर अपना आशियाना पाने के इरादे पर बिल्डर डाका डाल रहे हैं। लाखों रुपए लेने के...
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