Thursday, December 2, 2021

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मुक्ति कामना का प्रतीक ‘द व्हाइट टाइगर’

एक सफेद शेर है जो पिंजरे में कैद है और उसकी बेचैनी, उसका गुस्सा और उसकी तड़प- सब एक तरफ और दुनिया के झंझट और मुसीबतें एक तरफ,  अरविंद अडिगा के उपन्यास पर आधारित फिल्म "द व्हाइट टाइगर" को...

20 वर्षों का झारखण्ड : राजनीतिक महत्वाकाक्षाओं की भेंट चढ़ गए आदिवासियों के सपने

झारखंडी जनता की भावनाओं का राजनीतिकरण के साथ 'धरती आबा' यानी 'धरती पिता' की उपाधि हासिल किए बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर, 2000 को झारखंड अलग राज्य का गठन कर दिया गया। जिसके बाद 20 के दशक से...

बिहार के चुनाव मेले में क्या नहीं है?

बिहार एक राज्य जिसे 1970 के दशक में वीएस नायपॉल ने ‘वह स्थान जहां सभ्यता समाप्त होती है’ के रूप में वर्णित किया था, उसी बिहार में चुनाव मेला पूरी तरह से सज गया है। पहले चरण का चुनाव...

पाटलिपुत्र की जंग: बिहार के नौजवानों का अपमानजनक पलायन और भूमि सुधार का प्रश्न?

बिहार में चुनावी माहौल गरम होता जा रहा है, एक से बढ़कर एक वादे किए जार रहे हैं, आरोपों-प्रत्यारोपों की बौछार हो रही है, विविध रूप-रंग के गठबंधन दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं, जाति-धर्म के आधार पर वोटों की...

‘बेटी बचाओ’ नारा महज जुमला, हाथरस कांड से बेनकाब हुई भाजपाः भाकपा-माले

लखनऊ/पटना। भाकपा माले की राज्य इकाई ने कहा है कि हाथरस कांड में भाजपा एक बार फिर बेनकाब हो गई है। रविवार को हाथरस में भाजपा नेता के घर पर आरोपी पक्ष के लोगों की बैठक के बाद पीड़ित...
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अबूझमाड़ के आदिवासियों का हल्ला बोल! पुलिस कैंप के विरोध में एकजुट हुए ग्रामीण

बस्तर। बस्तर में आदिवासियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। सिलगेर, एड्समेटा के बाद अब नारायणपुर जिले...
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