Sunday, October 24, 2021

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poetry

साहित्य अकादमी पुरस्कार: अनामिका, कस्बाई यथार्थ की एक कवयित्री

दरवाजा मैं एक दरवाजा थी  मुझे जितना पीटा गया  मैं उतना खुलती गई  अंदर आए आने वाले तो देखा_  चल रहा है एक वृहद चक्र_  चक्की रूकती है तो चरखा चलता है,  चरखा रुकता है तो चलती है कैंची सुई  गरज यह है कि चलता ही रहता...

बेटी विंकल संधु की नज़रों में पिता पाश

(‘उसके छोटे-छोटे हाथ केक नहीं काट पा रहे थे। वह मोमबत्तियों के पहले जलने और फिर बुझ जाने के दृश्य को देखकर अचंभित थी।’’ उस समय विंकल एक साल की हो गयी थी। 38 साल पहले पाश ने अपनी...

चंद्रकांत देवताले की पुण्यतिथिः ‘हत्यारे सिर्फ मुअत्तिल आज, और घुस गए हैं न्याय की लंबी सुरंग में’

हिंदी साहित्य में साठ के दशक में नई कविता का जो आंदोलन चला, चंद्रकांत देवताले इस आंदोलन के एक प्रमुख कवि थे। गजानन माधव मुक्तिबोध, नागार्जुन, शमशेर बहादुर सिंह, केदारनाथ अग्रवाल जैसे कवियों की परंपरा से वे आते थे।...

सोचिये लेकिन, आप सोचते ही कहां हो!

अगर दुनिया सेसमाप्त हो जाता धर्मसब तरह का धर्ममेरा भी, आपका भीतो कैसी होती दुनिया न होती तलवार की धारतेज़ और लंबीन बनती बंदूकेनहीं बेवक्त मरते यमनमें बच्चेरोहंगिया आज अपनेसमुद्र में पकड़ रहे होतेमछलियांईरान आज भी अपनेसमोसे के लिये यादकिया...

इतिहास, कविता और अनुवाद से लेकर प्रशासन बेहद विस्तृत था वीरेंद्र बरनवाल का फलक

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और आधुनिक भारत के राजनीतिक व्यक्तित्वों के गंभीर अध्येता, साहित्यकार-अनुवादक वीरेंद्र कुमार बरनवाल का कल 12 जून को निधन हो गया। वीरेंद्र बरनवाल ने जहाँ ‘हिन्द स्वराज : नव सभ्यता-विमर्श’, ‘मुस्लिम नवजागरण और अकबर इलाहाबादी का...

कहीं भी कोई दुःखी नहीं है!

आज कहीं भी कोई दुःखी नहीं है भारत में चतुर्दिक सुख का राज्य है किसान सोने के हल से जोत रहे हैं खेत उनकी आत्म हत्या की खबरें अफवाह हैं कोई बेरोजगार नहीं सबके पास काम है सबको आराम है सभी जन परस्पर प्रेम में डूबे...

अजय सिंह: प्रतिबद्ध जीवन की आत्मीय कविता

नई दिल्ली। वरिष्ठ वामपंथी बुद्धिजीवी, एक्टिविस्ट, पत्रकार व कवि अजय सिंह के जो चाहने वाले पिछले सप्ताह उनके चिकनगुनिया जैसी बीमारी से पीड़ित होने को लेकर चिंतित थे, वे दो दिन पहले सोमवार को उनकी कविताएं सुनने के लिए दिल्ली के गांधी...
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कोविड काल के दौरान बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति का हुआ बड़े स्तर पर ह्रास

कोविड काल में बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति का काफी बड़ा नुकसान हुआ है। इसका खुलासा ज्ञान विज्ञान समिति...
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