Tuesday, October 19, 2021

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Socialist

डॉ.लोहिया के ‘गैर कांग्रेसवाद’ के नारे पर खेल रहे हैं पीएम मोदी

आज जिस 'कांग्रेस मुक्त भारत' नारे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेल रहे हैं। असल में यह डॉ. राम मनोहर लोहिया का 'गैर कांग्रेसवाद' का नारा था। दरअसल आजादी के बाद कांग्रेस की गलत नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले...

स्व-श्रेष्ठता के दंभ में हर किसी को खारिज करने के खतरे

अभी हाल की बात है, एक दिन मैंने अपने फेसबुक पेज पर दक्षिणपंथी खेमे के एक वरिष्ठ संपादक की असमय मौत पर दुख प्रकट करते हुए संक्षिप्त श्रद्धांजलि-लेख लिखा। इस पर कुछ ‘वामपंथी’ और ‘समाजवादी’ किस्म के बुद्धिजीवी खासे...

जाति जनगणना आखिर क्यों है जरूरी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व कद्दावर समाजवादी नेता लालू प्रसाद यादव ने जातिगत जनगणना को लेकर एक ट्वीट किया जो सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है। लालू यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, "अगर 2021 जनगणना...

आखिर क्यों बीजेपी को चलाना पड़ता है उधार के नेताओं से काम

एक बात डंके की चोट पर कही जा सकती है कि बीजेपी को शासन चलाना नहीं आता है। कर्नाटक में सत्ता फेरबदल ने एक बार फिर इस बात को साबित कर दिया है। जोड़-तोड़ से बनी कर्नाटक की येदुरप्पा...

समाजवादी पार्टी की दावेदारी, अभी रोड़े हैं इस राह में

केन्द्रीय सत्ता की चाबी और राजनीति का ताला जैसा उत्तर प्रदेश, चुनावी दंगल के करीब है। बिसात बिछाने और गठबन्धन बनाने की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। ट्विटर से उलझन के बावजूद, ट्वीट के माध्यम से घात-प्रतिघात जारी है।...

इस संकट में वामपंथी, अंबेडकरवादी, समाजवादी और गांधीवादियों को होना होगा एकजुटः अखिलेंद्र

किसान आंदोलन के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए स्वराज अभियान लोकतांत्रिक संगठनों, बुद्धिजीवियों व सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में स्वराज अभियान के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह और आईपीएफ के बिहार...

लाल टोपी तो सबसे पहले जेपी ने पहनी थी!

समाजवादियों की लाल टोपी विवादों में है। अब देश में टोपी पहनने वाले राजनीतिक कार्यकर्ता बहुत कम बचे हैं, जिसमें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बचे हुए हैं। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता लाल टोपी पहनते हैं, और जब वे विधानसभा...

फर्स्ट क्लास में टायर की चप्पल यानी खांटी समाजवादी चंचल!

किसी फक्कड़ समाजवादी को देखा है आपने, नहीं देखा है तो चंचल से मिल लीजिये। चित्रकार, पत्रकार, कलाकार और छात्र राजनीति के इतिहास पुरुष। आज उनका जन्म दिन है। जब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पढ़ने गए तो पढ़े भले...

डॉ. सुनीलम, एक आंदोलनकारी की डायरी

मेरे लिए 2020 का वर्ष सिखाने वाला और ज्ञानवर्धक रहा। यह वर्ष जन आंदोलनों के नाम रहा। इस वर्ष की शुरुआत नागरिक संशोधन कानून के खिलाफ संघर्ष से हुई तथा अनिश्चितकालीन किसान आंदोलन के साथ 2020 खत्म हो गया। पिछले...

बोलिविया में समाजवादियों की बड़ी वापसी

सारी दुनिया में यह बहस खड़ी करने के लिए बड़े यत्न किए जाते हैं कि समाजवादी /साम्यवादी और वामपंथी मोर्चे पर पार्टियां बनाने और उनके द्वारा चुनाव लड़ने की कोशिश लोगों और वामपंथियों को कहीं न पहुंचाने वाली आवारा...
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मजाज़ जन्मदिन विशेष: एक शायर जिसका गम से था ख़ास रिश्ता

कहने की जरूरत नहीं कि आज मजाज दुनिया पे छाए हुए हैं। लेकिन, हिंदी हो या उर्दू अदब, मजाज...
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