Thursday, October 28, 2021

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भाई जी का राष्ट्र निर्माण में रहा सार्थक हस्तक्षेप

आज जब भारत देश गांधी के रास्ते से पूरी तरह भटकता नज़र आ रहा है ऐसे कठिन दौर में एक महान गांधीवादी चिंतक और राष्ट्र निर्माण हेतु युवाओं के बीच सार्थक हस्तक्षेप करने वाले एस एन (सलेम नंजुन्दैया) सुब्बाराव...

माफीनामों के वीर हैं सावरकर

सावरकर सन् 1911 से लेकर सन् 1923 तक अंग्रेज़ों से माफी मांगते रहे, उन्होंने छः माफीनामे लिखे और सन् 1923 के बाद वह लगातार ही इस देश की जनता को बांटने की बात करते रहे। नफरत और हिंसा की...

क्या सीएम हटाओ की परिणति पीएम तक जाएगी ?

मोदी-भाजपा के साथ संघ की खाई निरंतर गहरी होती जा रही है इसका प्रमाण उत्तर प्रदेश से मुख्यमंत्री योगी को न हटाना और मोदी के प्रिय गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी को अचानक हटाने में साफ दिख रहा है।...

अंतिम किस्त: भारत को नए विभाजन की ओर धकेल रहे हैं मोदी

आरएसएस ने अपने को आज़ादी की लड़ाई से सिर्फ अलग ही नहीं रखा, बल्कि आजादी के लिए बलिदान करने वाले लोगों की तिरस्कारपूर्वक खिल्ली भी उड़ाई। संघ की निगाह में ऐसे लोग बहुत ऊंचा स्थान नहीं रखते। संघ का...

दूसरी किस्त: हेडगेवार-गोलवलकर ने स्वाधीनता संग्राम के प्रति अपनी नफरत को कभी नहीं छुपाया!

जिस तरह भारत-विभाजन की ऐतिहासिक विभीषिका इतिहास में अमिट है और जिसे कोई भुला या झुठला नहीं सकता, उसी तरह इस हकीकत को भी कोई नहीं नकार या नजरअंदाज कर सकता है कि मौजूदा सत्ताधीशों के वैचारिक पुरखों का...

पुस्तक समीक्षा: त्रासदियों की नींव पर घटती नई त्रासदियों की कहानी

'एक देश बारह दुनिया' पुस्तक अनूठे भाषा-प्रवाह और दृश्य-बिम्बों के कारण अपने पहले पन्ने से ही पाठकों को बांधकर आगे बढ़ती हुई नजर आती है। फिर भी पुस्तक की भाषा और भावपूर्ण प्रस्तुति इसकी दूसरा विशेषता कही जाएगी। इसकी...

मोदी मधोकत्व या होंगे आडवाणीगत; योगी बनेंगे कल्याण सिंह या फिर उमा भारती

सप्ताह भर से नागपुर-लखनऊ में जारी योगी-भागवत कथा का योगायोग यह जिज्ञासा उत्पन्न करता है कि भक्तों के ब्रह्मा जी नरेन्द्र मोदी आने वाले दिनों में बलराज मधोकत्व को प्राप्त होंगे या अडवाणीगत होंगे । थोड़ी दूर की कौड़ी...

जवाहर लाल नेहरू और उनका इतिहास बोध

जवाहर लाल नेहरू न केवल आज़ादी के लिए किये गए संघर्ष के शीर्षस्थ नेताओं में से एक रहे हैं, बल्कि वे देश के प्रथम प्रधान मंत्री भी रहे हैं। राजनीति में उनका एक अलग व्यक्तित्व रहा है। आधुनिक भारत...

बुद्ध पूर्णिमा पर विशेष: बुद्ध धम्म और भारत में प्रतिरोध की बहुजन-श्रमण प्रगतिशील परंपरा

मार्क्स ने कहा था "अब तक विद्यमान सभी समाजों का लिखित इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास है।" यह वर्ग-संघर्ष विचारों के संघर्ष के रूप में भी मुखर रूप से सामने आता है। भारत में वर्ग-संघर्ष ने खुद को वर्ण-संघर्ष...

हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के विलक्षण पैरोकार थे काजी नज़रुल इस्लाम

हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के विलक्षण पैरोकार और महत आकांक्षी बांग्ला कवि-लेखक काजी नज़रुल इस्लाम आधुनिक बांग्ला काव्य एवं संगीत के इतिहास में निस्संदेह एक युग प्रवर्तक थे। प्रथम महायुद्ध के उपरांत आधुनिक बांग्ला काव्य में रवीन्द्र काव्य को एक मात्र...
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विफल मोदी, फिर भी विपक्ष असफल क्यों

यह सतह पर दिखने वाला खुला तथ्य है कि भारत की केंद्रीय सत्ता एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूम रही...
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