Tuesday, January 18, 2022

Add News

uapa

अपराधी जमात में तब्दील हो गयी है त्रिपुरा की बिप्लब देब सरकार

त्रिपुरा का दंगाई मुख्यमंत्री और उसका प्रशासन एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उसने पत्रकार श्याम मीरा सिंह के खिलाफ यूएपीए के तहत मुकदमा दर्ज किया है और एफआईआर में उनके ट्विटर पर लिखे गए तीन शब्दों 'त्रिपुरा...

न कोई वकील रखूंगा, न कोई अपील करूंगा: यूएपीए लगने पर श्याम मीरा

(न्यूज़ क्लिक पोर्टल में कार्यरत पत्रकार श्याम मीरा सिंह पर त्रिपुरा सरकार ने यूएपीए लगा दिया है। वह भी महज इसलिए कि उन्होंने त्रिपुरा दंगों पर टिप्पणी करते हुए ट्विटर पर tripura is burning लिख दिया था। त्रिपुरा की...

बीजेपी आईटी सेल के ट्वीट से उमर खालिद पर दिल्ली पुलिस ने लगा दिया यूएपीए

क्या भारत सरकार के गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस, भाजपा आईटी सेल और उसके मुखिया अमित मालवीय तथा अर्णब गोस्वामी के चैनल रिपब्लिक और मुकेश अम्बानी ग्रुप के चैनल न्यूज़ 18 के बीच दुरभिसंधि है, कि एक्टिविस्टों को किस तरह...

सामान्य अपराधों में यूएपीए का इस्तेमाल इस कानून के पूरे उद्देश्य को कर देता है बेमानी

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आंदोलन करने के चलते यूएपीए (ग़ैरक़ानूनी गतिविधि निरोधक क़ानून, 1967) के तहत गिरफ्तार प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ इकबाल तनहा को एक साल से ज्यादा समय तक जेल में रहने के...

सुप्रीमकोर्ट के चार पूर्व जजों ने कहा-यूएपीए और राजद्रोह कानून का असहमति को दबाने के लिए हो रहा है दुरुपयोग

उच्चतम न्यायालय के चार पूर्व जजों ने राजद्रोह कानून और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) को रद्द करने की हिमायत करते हुए शनिवार को कहा कि असहमति और सरकार से सवाल पूछने वाली आवाजों को दबाने के लिए आम...

अदालतों से एक छोटा सा सवाल

सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज जब किसी लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील को सुनने के बाद अगर फैसले को खारिज करते हैं तो अक्सर कहते हैं कि जज डिड नॉट अप्लाई हिज माइंड, यानी जज...

असहमति को दबाने के लिए आतंक विरोधी कानून का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए:जस्टिस चंद्रचूड़

आतंकनिरोधी क़ानून, यूएपीए और राजद्रोह के प्रावधानों का इस्तेमाल कर जिस तरह विरोधियों को निशाने पर लिया जा रहा है और असहमति की आवाज़ों को कुचला जा रहा है, उस पर न्यायपालिका में चिंता बढ़ती जा रही है। लखनऊ में अलकायदा से...

राजनीतिक प्रतिशोध और असंतोष को दबाने में यूएपीए की धारा 43डी (5) का इस्तेमाल

भीमा कोरेगाँव मामले में अभियुक्त जेसुइट पादरी व मानवाधिकार कार्यकर्ता फ़ादर स्टैन स्वामी की हिरासत में मौत के सन्दर्भ में क्या भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के इस अनुरोध को स्वीकार करेगी जिसमें आग्रह किया गया है...

आखिर कौन है फादर स्टेन स्वामी की हत्या का जिम्मेदार?

फादर स्टेन स्वामी की अंतरिम जमानत की सुनवाई पूरी होने से पहले ही उनकी मौत हो गई । 84 वर्ष की उम्र तक पूरा जीवन आदिवासियों के बीच सेवा और संघर्ष करते हुए बिताने के बाद उन्हें यूएपीए के तहत राष्ट्रद्रोही...

अखिल गोगोई का एनआईए कोर्ट से बरी किया जाना असाधारण घटना

अखिल गोगोई अंततः जेल से छूट गए। जेल के बारे में मेरी यह स्थाई मान्यता है कि कोई भी जेल में स्थाई तौर पर नहीं रहता। समय कम ज्यादा लगता है लेकिन आरोपी जेल से बाहर आ ही जाता है।...
- Advertisement -spot_img

Latest News

पुस्तक समीक्षा: सर सैयद को समझने की नई दृष्टि देती है ‘सर सैयद अहमद खान: रीजन, रिलीजन एंड नेशन’

19वीं सदी के सुधारकों में, सर सैयद अहमद खान (1817-1898) कई कारणों से असाधारण हैं। फिर भी, अब तक,...
- Advertisement -spot_img