Thursday, February 2, 2023

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देश के बैंकों का सबसे बड़ा कर्जदार है दुनिया में चौथे नंबर का अमीर अडानी समूह

यह भी एक विडंबना है कि अपने साठवें जन्मदिन पर ₹60,000 करोड़ दान करने की घोषणा करने वाले गौतम अडानी, ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ₹14,000 करोड़ का ऋण मांगा है। अडानी ग्रुप, गुजरात के मुंद्रा में पीवीसी...

मोदी राज में बैंकों ने माफ किए कारपोरेट के 8 लाख करोड़ रुपये

अपनी कथित फकीरी का ढिंढोरा पीटने वाले नरेंद्र मोदी नीत भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने अपने पहले पूर्णकालिक शासनकाल में पूंजीपतियों को वारे न्यारे करते हुए भारतीय बैंकों से पहले लोन दिलवाया और फिर करीब 8 लाख...

अन्ना भाऊ ने साहित्य को बनाया दलितों की लड़ाई का हथियार

सन 2020 दलित इतिहास के समृद्ध पुरालेख के लिए याद किया जाएगा। यह साल भारत की शक्तिशाली आवाज रहे तुकाराम भाऊराव उर्फ अन्ना भाऊ साठे का शताब्दी वर्ष है। अपने तरह की एक साहित्यिक खोज अन्ना भाऊ जो दलित...

मेरे लिए लिखना बंद करने से बेहतर जेल जाना होगा: अरुंधति

विश्व-प्रसिद्ध भारतीय लेखिका अरुंधति राय ने ऑडियो बुक्स स्ट्रीमिंग सेवा 'स्टोरीटेल' से बातचीत करते हुए कहा कि उनके लिए लिखना बंद करने से बेहतर जेल जाना होगा। 'स्टोरीटेल' ने बुधवार तीसरे पहर अरुंधति राय के अंग्रेजी उपन्यास `The Ministry of Utmost...

जाना समाज की नब्ज पर पकड़ रखने वाले एक संवेदनशील क़लमकार का

नई दिल्ली। चर्चित कथाकार, संपादक और प्रकाशक कैलाश चंद चौहान का 15 जून, 2020 की दोपहर अचानक निधन हो गया। मृत्यु से पहले उन्होंने सांस लेने में तकलीफ़ की शिकायत की थी। कुछ समय से वे पथरी का इलाज...

दो सावरकर नहीं हैं ‘1857’ और ‘हिन्दुत्व’ के लेखक

(सावरकर को लेकर यह भ्रम प्रगतिशील समझे जाने वाले बुद्धिजीवियों में भी आम रहा है कि `हिन्दुत्व का सिद्धांतकार` अपने शुरुआती दौर में धर्मनिरपेक्ष था। यह भ्रम 1909 में आई सावरकर की पुस्तक ‘वार ऑफ इंडिपेंडेंस, 1857’  की बुनियाद...

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जेल साहित्य को समृद्ध करती मनीष और अमिता की जेल डायरी

भारत में जेल साहित्य दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है, यह अच्छी बात भी है और बुरी भी। बुरी इसलिए...