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भदोही के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा सहित तीन के ख़िलाफ़ बलात्कार का मामला दर्ज

निषाद पार्टी के विधायक विजय मिश्रा और उनके बेटे समेत तीन लोगों के खिलाफ एक गायिका की शिकायत पर रविवार को बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है। ज्ञानपुर सीट से बाहुबली विधायक विजय मिश्रा के खिलाफ भदोही के गोपीगंज कोतवाली में गैंगरेप की धाराओं 376 डी, 342, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरे की संपत्ति और कारोबार पर जबरन कब्जा करने के आरोप में विधायक मिश्रा आगरा जेल में बंद हैं।

प्राथमिकी के अनुसार वाराणसी निवासी 25 साल की एक गायिका ने आरोप लगाया है कि विधायक विजय मिश्रा ने साल 2014 में उन्हें अपने यहां एक कार्यक्रम में बुलाया था और उसी दौरान उनके साथ बलात्कार किया। उन्होंने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। गायिका का आरोप है कि उसके बाद वर्ष 2015 में वाराणसी के एक होटल में बुलाकर बलात्कार किया।

आरोप है कि एक बार विधायक मिश्रा ने चार लोग भेज कर गायिका को वाराणसी से उठवा लिया और कौलापुर (भदोही जिला) स्थित घर में बलात्कार करने के बाद अपने बेटे विष्णु मिश्रा और भतीजे विकास मिश्रा से उन्हें घर तक छोड़ने को कहा था, मगर विष्णु और विकास ने भी उन्हें घर छोड़ने से पहले विधायक के घर के सामने एक मकान में ले जा कर बलात्कार किया।

पीड़िता का आरोप है कि विधायक ने प्रयागराज और वाराणसी में भी उसके साथ रेप किया था। पीड़िता ने कहा है  कि बाहुबली विधायक विजय मिश्र 2014 में रेप के बाद लगातार उससे वीडियो कॉल पर न्यूड होने की जिद करते थे। ऐसा नहीं करने पर वह पीड़िता को जान से मारने की धमकी देते थे। पीड़िता ने बताया कि इस दौरान विधायक विजय मिश्र खुद भी न्यूड होते थे।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके जैसी और भी कई लड़कियों को विधायक ने हैवानियत का शिकार बनाया है, लेकिन उनके रुतबे के कारण कोई भी सामने आकर उनकी शिकायत नहीं करता। पीड़िता का कहना है कि मैं भी इसी डर से इतने दिनों तक चुप रही, लेकिन जब आज वह जेल चले गए तो मैंने हिम्मत जुटा कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पीड़िता ने कहा कि सभी लड़कियों को आवाज उठानी चाहिए। ऐसे राक्षस और महिषासुर का नाश होना चाहिए। पीड़िता ने बताया कि भदोही के अलावा प्रयागराज और वाराणसी के एक होटल में विजय मिश्रा ने बलात्कार किया था। जब वह विजय मिश्रा का फोन नहीं उठाती थी तो विधायक के लोग मेरे घर आ जाते थे। पीड़िता ने पुलिस को वीडियो क्लिप, व्हाट्सऐप चैट और स्क्रीनशॉट आदि भी उपलब्ध कराए हैं। गौरतलब है कि विजय मिश्रा भदोही जिले के ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार विधायक हैं। तीन बार सपा से विधायक रहे और सपा में विधायक रहते हुए अपनी बेटी सीमा मिश्रा को लोकसभा चुनाव में भदोही से टिकट दिलाया। पीड़िता के मुताबिक उसी चुनाव में वह प्रचार करने आईं थीं और चुनावी कार्यक्रमों में वह गाना गाकर प्रत्याशी के लिए वोट मांगती थी।

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक गायिका का कहना है कि मिश्रा के लगातार यौन शोषण से तंग आकर वह मुंबई चली गईं, मगर वहां भी विधायक ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और वीडियो कॉल करके परेशान करने लगे। रविवार को गायिका ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि विजय मिश्रा जेल में बंद हैं, तो उन्होंने गोपीगंज थाने में 18 अक्तूबर को मामला दर्ज कराया।

ज्ञानपुर सीट से निषाद पार्टी के विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली और बेटे विष्णु के खिलाफ उनके रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी ने पिछली चार अगस्त को संपत्ति पर जबरन कब्जा करने, फर्म को हथियाने और सब कुछ अपने बेटे विष्णु मिश्रा के नाम करने के लिए जबरदस्ती बंधक बना कर रखने का मुकदमा दर्ज कराया है। मामला दर्ज होने के बाद फरार विधायक विजय मिश्रा को बीते सितंबर महीने में मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। वहीं, रामलली को हाई कोर्ट से अग्रिम सशर्त जमानत मिली है, जबकि विष्णु मिश्रा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अदालत ने उन्हें फरार घोषित कर दिया है।

इस नए मुकदमे के बाद जेल में बंद बाहुबली विधायक की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विजय मिश्रा को बीते दिनों मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने बताया की वाराणसी की रहने वाली एक युवती की शिकायत पर विधायक और उनके बेटे विष्णु मिश्रा के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया गया है।

मामले की छानबीन की जा रही है। गौरतलब है कि गोपीगंज थाना क्षेत्र के धनापुर गांव निवासी विधायक के रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी ने चार अगस्त को गोपीगंज थाने में विधायक, उनकी पत्नी एमएलसी रामलली और पुत्र विष्णु मिश्र के खिलाफ मकान कब्जा करने और अन्य आरोपों में एफआईआर कराई थी। विजय मिश्रा पर मकान समेत अन्य संपत्ति अपने बेटे के नाम वसीयत कराने के प्रयास और उनकी फर्म को अवैध ढंग से कब्जा करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। विधायक इस समय आगरा की जेल में बंद हैं। अपनी गिरफ्तारी के बाद विजय मिश्रा ने प्रदेश सरकार पर उनके खिलाफ साजिश का आरोप लगाया था।

पुलिस के अनुसार विजय मिश्रा के खिलाफ आपराधिक आरोपों में 73 मुकदमे दर्ज हैं। विजय मिश्रा इससे पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं। एक बार पुलिस की पकड़ से खुद को बचाने के लिए हेलिकॉप्टर से भागे तो कभी साधु वेश में समर्पण किया था। 2017 विधानसभा चुनाव में विजय मिश्रा ने जो शपथपत्र दिया है, उसके अनुसार हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश रचने जैसे तमाम गंभीर मामलों के 16 मुकदमे उन पर चल रहे हैं। विजय मिश्रा पर 2010 में तत्कालीन बसपा सरकार में मंत्री नंद कुमार नंदी पर जान लेवा हमला करने का आरोप है। इलाहाबाद (प्रयागराज) में नंदी पर बम से हमला किया गया था, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी और एक पत्रकार मारे गए थे। नंदी इस समय योगी सरकार में मंत्री हैं। घटना के बाद विजय मिश्रा फरार हो गए, 2012 चुनावों से पहले कोर्ट में सरेंडर किया और इसके बाद हुए चुनाव में वह आराम से जीत गए। उनके ऊपर पूर्व सांसद गोरखनाथ पाण्डेय के भाई की हत्या करने जैसा संगीन अपराध दर्ज है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और कानूनी मामलों के जानकार हैं। वह इलाहाबाद में रहते हैं।)

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This post was last modified on October 20, 2020 12:13 pm

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