Sunday, December 5, 2021

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लखनऊ: गरीब की झुग्गी कब्जा कर बीजेपी दफ्तर में बदला और फिर उसे ही जेल भिजवा दिया

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लखनऊ। योगी राज के दौरान उत्तर प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के ऊपर हमले तेज हो गए हैं। जगह-जगह गरीब लोगों को परेशान किया जा रहा है। इसी तरह का एक मामला लखनऊ में आया है। जहां मुख्यमंत्री की नाक के नीचे बीजेपी के लोगों ने एक गरीब महिला की झुग्गी पर कब्जा कर उसे अपने दफ्तर में बदल दिया। महिला का नाम मुन्नी देवी है। और वह चिनहट के पास हरदासी खेड़ा इलाके में रहती है। बाद में जब मुन्नी के नाबालिग बेटे ने पार्टी के झंडे और बैनर को हटाकर पुलिस को सूचित किया तो बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उसकी पिटाई कर दी। इस दौरान पूरे मामले पर पुलिस ने मौन धारण करे रखा। ऊपर से बताया जा रहा है कि बीजेपी की नेता ज्योत्सना सिंह के इशारे पर पीड़ित परिवार के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

भाकपा माले की राज्य स्थाई समिति के सदस्य का. रमेश सिंह सेंगर ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के ग्राम हर दासी खेड़ा की बंजर जमीन पर 15-20 वर्षों से कच्ची- पक्की झोपड़ियां बना कर रह रहे दलित और अति पिछड़ी जाति के मजदूरों को उजाड़ कर भाजपा से जुड़े भूमाफियाओं और अपराधियों का गठजोड़ थाना चिनहट पुलिस के साथ सांठ-गांठ करके उन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है।

भाजपा नेत्री ज्योत्सना सिंह इसके लिए पैसा पानी की तरह बहा रही हैं। उन्होंने कहा कि 15 जून को भाजपा नेत्री ज्योत्सना सिंह, कमल यादव, गौतम कुमार राजपूत की अगुवाई में मजदूर बस्ती में रहने वाली मुन्नी देवी की अनुपस्थिति में उनके पति जगदीश को डरा धमका कर उनकी झोपड़ी को उजाड़ दिया गया और फिर वहाँ भाजपा कार्यालय बनाने के लिए सभा की गई।

इस दौरान शासन-प्रशासन पूरा मूक दर्शक बना रहा। उनका कहना था कि उनकी पार्टी की नेता और स्थानीय कमेटी की सचिव का. मंजू गौतम के चिनहट थाने को सूचना देने के बाद भी कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। न ही गैर कानूनी आयोजन पर रोक लगाई गयी। उन्होंने बताया कि उसी दिन देर रात जब मुन्नी देवी ने आकर अपनी झोपड़ी में भाजपा के झंडे, बैनर और पोस्टर लगे देखा तो वह आग बबूला होकर अपने पति को खूब खरी खोटी सुनाईं और अपने नाबालिग पुत्र के साथ मिलकर तीनों ने सारे झंडे, बैनर और पोस्टर निकाल दिए।

घटना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि दूसरे दिन सुबह इसकी सूचना मिलने पर भाजपा नेत्री ज्योत्सना सिंह के निर्देश पर कमल यादव और गौतम कुमार राजपूत मोटर साइकिल से आये और लाशें बिछा देने तथा बस्ती फूंक देने  की धमकी देकर चले गए। मुन्नी देवी ने घटना की लिखित तहरीर थाना चिनहट में दी लेकिन पुलिस ने कानून की धज्जियां उड़ाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय फोर्स भेजकर पीड़िता की बहू मीनू, समधिन नीलू और पड़ोसी मीना को बस्ती से गिरफ्तार कर थाने के लॉकअप में बन्द कर दिया और शांति भंग की एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया। 

वहीं दूसरी तरफ थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज कमता भाजपा नेत्री ज्योत्सना सिंह और कमल यादव, गौतम कुमार राजपूत आदि के साथ बैठकर मजदूरों के दमन की योजना बनाते रहे। माले नेता ने बताया कि पुलिस लगातार मजदूर बस्ती में छापे मारी कर रही है और 70 वर्षीय जगत राम, मंजू गौतम के बड़े भाई जो घटना के दो दिन पहले बहराइच के अपने गाँव में पिता की तेरहवीं की तैयारी में गये हुए थे, समेत कई लोगों को देश द्रोह के आरोप में जेल भेजने की धमकी दे रही है।

कॉ. सेंगर ने कहा कि कमल यादव एक शातिर दिमाग का अपराधी है और सन 2014 में सपा से जुड़े भूमाफियाओं के इशारे पर आपराधिक कार्यवाहियां संचालित करता था। उसी समय उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर मंजू गौतम की छोटी बहन भानु मती के ऊपर जान लेना हमला किया था जिसका मुकदमा स्पेशल जज (एससी/एसटी एक्ट) लखनऊ के यहाँ चल रहा है। का. सेंगर ने कहा कि यह भूमाफिया-अपराधी गिरोह का. मंजू गौतम, उनके परिवार, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ जाना उनकी जान माल का खतरा पैदा कर सकता है।

      (प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।) 

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