24 नॉर्थ परगना: रेड डालने गयी ईडी पर टीएमसी समर्थकों का हमला, जान बचाकर भागे कई घायल अधिकारी

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नई दिल्ली। एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में राशन घोटाला मामले में रेड डालने गयी ईडी की टीम पर टीएमसी के समर्थकों ने हिंसक हमला किया है। घटना नॉर्थ 24 परगना जिले के संदेशखाली इलाके में शुक्रवार की सुबह घटित हुई। टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी की टीम सीआरपीएफ के कुछ सुरक्षाकर्मियों के साथ टीएमसी नेता शाहजहां शेख के आवास पर रेड डालने गयी थी। शेख को इसी मामले में गिरफ्तार राज्य मंत्री ज्योतिप्रियो मल्लिक का बेहद करीबी माना जाता है।

राशन वितरण घोटाले की जांच के सिलसिले में पहुंची ईडी की टीम को छानबीन करनी थी। आरोप है कि तकरीबन 30 फीसदी पीडीएस का राशन उसके लाभार्थियों तक पहुंचने की जगह सीधे बाजार में डायवर्ट कर दिया जाता है। 

ईडी टीम पर हमला टीएम के समर्थकों की ओर से किया गया। यहां तक कि टीम के साथ गए सीआरपीएफ के सुरक्षाकर्मियों और मीडिया टीम को भी उन्होंने नहीं बख्शा। रिपोर्ट के मुताबिक छापा डालने वाली टीम की गाड़ियों को बदमाशों ने ध्वस्त कर दिया इसके अलावा खबर को कवर करने गयी मीडिया टीम के कैमरों को भी उन्होंने तोड़ डाला। इसके साथ ही ढेर सारे पत्रकारों पर भीड़ ने हमला बोल दिया। जिसमें कई पत्रकार घायल हो गए हैं और उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ईडी के अधिकारियों के सिर से बहुत ज्यादा खून बहता दिख रहा था। ये सभी ध्वस्त हो चुकी अपनी गाड़ियों में भी सवार नहीं हो सकते थे। लिहाजा उन्हें मौके से अपनी जान बचाने के लिए आटो रिक्शा में बैठकर भागना पड़ा। और इस बीच वो कहां गए इसका भी लोगों को पता नहीं चल पाया। इसके साथ ही उनके साथ गये सुरक्षाकर्मी भी अपनी जान बचा करके भागे उन्हें अपनी टूटी गाड़ियों के साथ बसंती हाईवे पर अधिकारियों का इंतजार करते देखा गया। यह जगह हमले की घटना से बहुत ज्यादा दूरी पर थी।

सूत्रों का कहना है कि घायल ईडी अधिकारियों को कलकत्ता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटनाक्रम के मुताबिक शुक्रवार की सुबह ईडी की दो टीमों ने टीएमसी नेताओं शंकर अद्या और शाहजहां शेख के घरों पर रेड डाली। इन दोनों नेताओं को जेल में बंद टीएमसी मंत्री ज्योतिमल्लिक का बेहद करीबी बताया जाता है। आपको बता दें कि ज्योतिमल्लिक भी जेल में इसी घोटाले के सिलसिले में बंद हैं। ईडी की टीम ने अद्या के ससुराल वालों के यहां भी रेड डाला। संयोग से ईडी की रेड के समय दोनों अपने घरों पर मौजूद नहीं थे।

हिंसा उस समय शुरू हुई जब ईडी अफसरों की टीम शाहजहां के आवास पर सुबह 8 बजे पहुंची और उसने देखा कि उनका घर बंद है और इस तरह से प्रवेश के मुख्य द्वार का गेट खींच कर गिरा दिया गया है। इस पर महिलाओं समेत ढेर सारे स्थानीय लोग शेख के घर पर इकट्ठा हो गए और वो लोग इस बात को लेकर बेहद रोष में थे कि टीम ने आने से पहले अपने आने की सूचना क्यों नहीं दी।

स्थिति बहुत जल्दी नियंत्रण से बाहर हो गयी जब एक घंटे तक इंतजार के बाद ईडी के अधिकारियों ने दरवाजे को खोलने के लिए ताले को तोड़ने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि उसके बाद न केवल भीड़ की संख्या बढ़ गयी बल्कि वह अचानक और ज्यादा उग्र हो गयी और उसी बीच ढेर सारे टीएमसी समर्थक इकट्ठा हो गए। जिसमें कुछ अराजक तत्व भी शामिल थे। उन्होंने ईडी के अधिकारियों पर हमला बोल दिया। और लातों-जूतों से उनकी पिटाई शुरू कर दी। बाद में उन्हें शाहजहां के परिसर से खींच कर बाहर किया और उनकी और पिटाई की।

ईडी टीम की सुरक्षा में लगाए गए सीआरपीएफ कर्मी एकाएक भीड़ के बढ़ जाने से बिल्कुल असहाय पड़ गए और नतीजतन उन्हें पीछे हटना पड़ा। उसके बाग प्रदर्शनकारियों ने मीडिया को अपना निशाना बनाया जो टीम के साथ घटना को कवर करने गयी थी। उन्होंने न केवल उनकी गाड़ियां तोड़ीं बल्कि उनके कैमरे और साथ में मौजूद दूसरे सामानों को भी बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त कर दिया। गांव के प्रवेश द्वार को लकड़ियों से ब्लॉक कर दिया गया। और इसके साथ ही वहां रखे टायरों में आग लगा दी गयी। टीम के साथ मौजूद गाड़ियों की न केवल तलाशी ली गयी बल्कि उनमें मौजूद लोगों की बाकायदा एक-एक कर पहचान की गयी। 

घटना पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि भयानक है। पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति बिल्कुल ध्वस्त हो चुकी है। ईडी अधिकारियों और सीआरपीएफ के जवानों पर नॉर्थ 24 परगना के संदेशखाली में बर्बर तरीके से हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की आशंका है कि हमलावरों में रोहिंग्या भी मौजूद थे।

टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि संदेशखाली की घटना चिंता पैदा करने वाली और दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्रीय एजेंसियां छापे डाल रही हैं और लोगों को उकसा रही हैं। और यह सब कुछ टीएमसी को नीचा दिखाने के लिए बीजेपी के इशारे पर किया जा रहा है।

(ज्यादातर इनपुट टेलिग्राफ से लिए गए हैं।) 

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