Friday, October 22, 2021

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नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत ओपन एंड शट केस नहीं, आत्महत्या से आगे जा रही तफ्तीश

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ऐसा प्रतीत हो रहा है कि महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत की सीबीआई जांच आत्महत्या से सम्भावित हत्या की और बढ़ रही है। प्रयागराज की पुलिस और एसआईटी को जिस तरह से महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत सुसाइड नोट मिलने से आत्महत्या का ओपन एंड शट केस लग रहा था वैसा सीबीआई को नहीं लग रहा है क्योंकि सीबीआई जांच की प्रक्रिया ही बता रही है कि बहुत कठिन है डगर पनघट की। आखिर लगातार दो दिन से क्राइम सीन को लगातार रीक्रिएट क्यों करा रही है?क्या सीबीआई का सेवादारों पर शक गहराता जा रहा है कि वे सच नहीं बोल रहे हैं?आखिर सीबीआई ने बाघंबरी मठ में रहने वालों को यह निर्देश क्यों जारी किया है कि वे अगले कुछ दिन मठ छोड़कर कहीं न जाएं?जबकि महंत के कथित सुसाईड नोट में दर्ज़ तीनों लोग आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार करके नैनी जेल भेज दिया है। हालांकि आनंद गिरि समेत तीनों आरोपियों को सात दिन की सीबीआई रिमांड पर अदालत ने दे दिया है।

अभी तक प्रयागराज की पुलिस? एसआईटी ने जो काम नहीं किया था उसे सीबीआई ने कल किया है। सीबीआई ने महंत के निजी कक्ष समेत तीन कमरों को सील कर दिया है। उनके निजी कक्ष से अंगूठी, माला, सोने की चेन, बाजू अनंत और घड़ी समेत तमाम निजी चीजों को कब्जे में लिया है। कमरे से कई दस्तावेज भी मिले हैं जिनकी छानबीन की जा रही है। इन दस्तावेजों के बारे में मठ के लोगों से पूछताछ की गई। सीबीआई टीम ने रविवार रात को भी महंत के कमरे की जांच की थी।

यह पता नहीं चल सका कि महंत नरेंद्र गिरि के पास हर समय मठ में खर्च चलाने के लिए जो लाखों रुपये नकद और लेटे हनुमान जी पर चढ़ाये जाने वाले आभूषण रहते थे वे बरामद हुए या नहीं? फिर बंधवा के हनुमान मन्दिर में रोज नगद लाखों का जो चढ़ावा आता है, उसका हिसाब किताब कौन रखता है?इसका खजांची कौन है और किसके पास चढ़ावे की रकम है?

महंत नरेंद्र गिरि खुदकुशी प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई सोमवार को सुबह दस बजे ही मठ पहुंच गई थी। सीबीआई ने मठ प्रशासन देख सेवादारों और शिष्यों को बुलाकर साफ कहा कि आने वाले कुछ दिनों तक कोई भी मठ छोड़कर नहीं जा सकता। सीबीआई ने यह भी कहा कि बहुत जरूरी हो तो सिर्फ सीबीआई को जानकारी देकर वे बाहर जाएंगे।

टीम ने आज नरेंद्र गिरि के निजी कक्ष समेत अगल बगल के तीन कमरों को सील कर दिया। इससे पहले निजी कक्ष से अंगूठी, माला सोने की चेन, बाजू अनंत, घड़ी और कुछ कपड़ों को कब्जे में लिया है। उनके कमरे से तमाम दस्तावेज भी मिले हैं।

सीबीआई को महंत के निजी कमरे से उनकी तमाम व्यक्तिगत चीजों के साथ बाजू में पहनने वाला अनंत भी मिला था। अनंत को बाजू से साल में सिर्फ एक बार उतारकर पूजा की जाती है। घटना वाले दिन नरेंद्र गिरि ने अनंत उतारकर अपने निजी कमरे में रख दिया था या किसी और ने रखा था? इस पर भी विवाद है।

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई की टीम एक ही जांच कई बार करके हर एंगल से मामले की पड़ताल करने का प्रयास कर रही है। रविवार को टीम ने बोरे में नरेंद्र गिरि के वजन के बराबर बाट को भरकर पंखे से लटकवाया था। सोमवार को टीम ने फिर वही सीन दोहरवाया। इस बार कुछ अलग तरीके से जांच की गई। टीम ने महंत नरेंद्र गिरि के बराबर वजन के एक पुतले को तैयार कराया था। पुतले को रस्सी के सहारे लटकवाया और महंत का शव पंखे से उतारने वाले सेवादारों और शिष्यों से पुतले को भी उसी तरह उतरवाया गया।

सेवादारों से उसी तरह से दरवाजे को धक्का देकर खोलवाया गया, जिस तरह उन लोगों ने घटना के दिन धक्का देकर कमरे को खोला था। सेवादारों और शिष्यों से सोमवार को भी पूछताछ की गई। उन्हें अगले आदेश तक मठ के बाहर न जाने के लिए कहा गया है।सोमवार को सारे सेवादारों को फिर बुलाया गया। 85 किलो का पुतला पंखे से लटकाकर सेवादारों को फिर बुलाया। सर्वेश, सुमित और धनंजय से दरवाजे को धक्का दिलवाकर खुलवाया गया फिर कहा कि पुतले को रस्सी काटकर नीचे उतारें। जैसे उस दिन किया था। उस दिन जिस जगह रस्सी काटी गई, वहीं से रस्सी काटी जाय। सेवादारों ने रस्सी काटी और पुतले को नीचे उतारकर रखा गया।

सीबीआई की जाँच टीम ने बेहद गौर से पूरे घटनाक्रम को देखा। इसके बाद सेवादारों से कहा गया कि उन्होंने जिसे भी पहली बार फोन किया था। उन्हें फिर फोन करें। क्राइम सीन दोहराने के बाद सीबीआई वहां से हटी। सीबीआई ने रविवार और सोमवार को हुए क्राइम सीन रीक्रिएशन की तुलना की। देखा कि सेवादारों के व्यवहार में क्या क्या अंतर आया था। अब देखने वाली बात होगी किसीबीआई क्राइम सीन का रीक्रिएशन एक दो और कराती है या नहीं।इससे ऐसा लगता है कि कोई बात सीबीआई को खटक रही है,जिसका खुलासा आने वाले दिनों में संभव हो सकता है।

प्रयागराज में सीजेएम हरेंद्र नाथ की अदालत ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में गिरफ्तार आनंद गिरि समेत तीनों आरोपियों को सात दिन की सीबीआई रिमांड पर देने का आदेश दिया है। अदालत ने रिमांड का आदेश देने से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीनों आरोपियों आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी से बात भी की। तीनों आरोपियों ने रिमांड का विरोध नहीं किया लेकिन कोर्ट से दो या तीन दिन का ही रिमांड देने की गुजारिश की।

अदालत ने सीबीआई को आदेश दिया है कि रिमांड के दौरान थर्ड डिग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जेल से तीनों को कस्टडी में लेने और वापस पहुंचाने के दौरान मेडिकल भी कराया जाएगा। रिमांड की अवधि 28 सितम्बर सुबह 9 बजे से 4 अक्टूबर की शाम 5 बजे तक तय की गई है। तीनों की रिमांड को लेकर आरोपियों के वकील और सीबीआई की तरफ से दोपहर दो बजे तक बहस चली। कोर्ट में आनंद गिरि के वकील ने कस्टडी का विरोध किया, जबकि जज ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से आनंद गिरि से बात की तो उन्होंने कस्टडी का विरोध नहीं किया बल्कि दो या तीन दिन की ही रिमांड स्वीकार करने की अपील की।

बाघंबरी मठ में ठीक एक हफ्ते पहले नरेंद्र गिरि का शव पंखे से लटका मिला था। उनके कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था। इसमें शिष्य आनंद गिरि के अलावा लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी रहे आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी पर परेशान करने का आरोप लगाया गया था। सुसाइड नोट में किसी लड़की के साथ महंत नरेंद्र गिरि का वीडियो बनाने और उसके जरिये ब्लैकमेल करने का आरोप आनंद गिरि पर लगाया गया था। घटना के दिन ही हरिद्वार से आनंद गिरि को गिरफ्तार कर लिया गया था। आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप को अगले दिन गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। गिरफ्तारी के बाद से आनंद गिरि ने नरेंद्र गिरि की हत्या का आरोप लगाते हुए खुद को फंसाने की बात कही थी।

सीबीआई ने सोमवार को लगातार तीसरे दिन सेवादारों और अन्य लोगों से पूछताछ की। सीबीआई टीम ने निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्रपुरी महाराज से पूछताछ की। सीबीआई के साथ केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।इसके साथ ही महंत नरेंद्र गिरि की वसीयत में उत्तराधिकारी घोषित बलवीर गिरी से भी पूछताछ की।

सीबीआई ने सेवादार सुमित तिवारी से महंत नरेंद्र गिरि को फांसी के फंदे पर देखने के बाद क्या प्रतिक्रिया थी, सबसे पहले किसको सूचना दी पहले वहां कौन बाहरी व्यक्ति मौके पर पहुंचा। मौत से पहले दो-तीन दिन में कौन व्यक्ति मिलने आया के बारे में पूछताछ भी की।इससे पहले रविवार को सीबीआई ने वसीयत के मुताबिक घोषित उत्तराधिकारी बलवीर गिरि, अमर गिरि, निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्रपुरी और अन्य सेवादारों के साथ ही लेटे हनुमान मंदिर पहुंचकर पूछताछ किया था।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और आजकल इलाहाबाद में रहते हैं।)

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