Monday, October 18, 2021

Add News

पकड़ी गयी 21 हजार करोड़ हेरोइन की इनसाइड स्टोरी

ज़रूर पढ़े

यह घटनाक्रम शुरू होता है 15 सितंबर को। गुजरात के तट के पास से एक ईरानी नौका समुन्दर में देखी जाती है ‘‘जुम्मा’’ नामक नौका इस बड़ी नाव में सात लोग ड्रग्स की तस्करी करते हुए गुजरात राज्य ATS और तटरक्षक द्वारा चलाए एक संयुक्त अभियान में पकड़े जाते हैं, बीच समुद्र में 30 किलोग्राम हेरोइन की खेप को पकड़ा जाता है और बोट व सात तस्‍करों को गिरफ्तार कर लिया जाता है, नाव से कुल डेढ़ सौ करोड़ की हेरोइन जब्त की जाती है

वाहवाही के लिए तत्काल उसी दिन प्रेस के लिए यह सूचना रिलीज कर दी जाती है।

अब यहीं से कहानी में ट्विस्ट आता है। चूंकि नाव की जब्ती का ऑपरेशन देर रात तक चलता है सातों लोगों से सख्ती से पूछताछ करने पर वह बताते हैं कि माल तो और भी है जो पोर्ट पर पुहंच चुका है। पर उस वक्त तक प्रेस रिलीज जा चुकी होती है और यह बात भी उसमें चली जाती है कि ड्रग्स की सही मात्रा एक बार नाव के पास के बंदरगाह पर लंगर डालने और तलाशी लेने के बाद पता चलेगी, तटरक्षकों को भी लगता है कि बहुत ज्यादा माल नहीं होगा

लेकिन जब अगली सच्चाई पता चलती है कि नाव से पकड़ा गया माल मुंद्रा पोर्ट पर रखे गए माल का केवल एक परसेंट है और पोर्ट पर रखा हुआ माल का पैकेज कुल 3000 किलो है जिसकी कीमत 21 हजार करोड़ है तो सब हैरान रह जाते हैं। चूंकि प्रेस में वह बता चुके थे कि और माल पकड़ा जाना है इसलिए यह खुलासा करना ही पड़ता है कि माल अडानी के निजी पोर्ट मुंद्रा से पकड़ाया है।

जब पुलिस जाँच होती है तो पता लगता है कि यह माल दिल्ली की तरफ जाने वाला था, यह भी पता लगता है कि जिस विजयवाड़ा के आशी ट्रेडिंग कंपनी के आयात किए गए टेल्कम पाउडर पैकेज की शक्ल में यह 3 टन माल आया है वैसा ही 25 टन माल जून में भी आ चुका है, गिरी से गिरी हालत में इस 25 टन तथाकथित टेल्कम पाउडर का मूल्य 72 हजार करोड़ होना चाहिए।

यहां ये खबर भी बता देना समीचीन है कि जुलाई 2021 के पहले हफ्ते में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 2500 करोड़ रुपए की 354 किलो हेरोइन जब्त की थी जो ड्रग्स अफगानिस्तान से आई थी। उन्हें छिपे हुए कंटेनरों में समुद्र के रास्ते मुंबई से दिल्ली ले जाया गया।

इसके पहले मई महीने में भी दिल्ली पुलिस ने हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की थी। करीब 125 किलो हेरोइन के साथ दो अफगानिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था।

जिस आशी ट्रेडर्स के आयात निर्यात के लाइसेंस पर यह माल मंगाया जा रहा था उनके मालिक पति-पत्नी की तो कोई हैसियत ही नहीं है कि वह इतनी बड़ी डील करने की हिम्मत भी करें, यानी एक पूरा ड्रग कार्टेल है जो यह माल मंगा रहा है डिस्ट्रीब्यूशन कर रहा है, और दिल्ली पुलिस की जुलाई में की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि यह सिलसिला काफी महीनों से चल रहा है, बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी ड्रग डील के पीछे कौन लोग हैं? क्या वे कभी सामने आएंगे ?

इतनी बड़ी ड्रग डील के सामने आने पर और एक बड़ा सवाल उठता है कि जैसे लैटिन अमेरिका के देशों में ड्रग लार्ड वहां की राजनीति पर हावी हो चुके हैं वैसे ही कहीं अंदरखाने में यहां भी तो नहीं हो गया है?

(गिरीश मालवीय स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

पंजाब, हरियाणा और यूपी में रोकी गयी ट्रेनें, रायबरेली में किसान नेता नज़रबंद, यूपी के कई जिलों में धारा 144

तीन कृषि कानूनों को रद्द करने और लखीमपुर खीरी तिकुनिया में किसान जनसंहार कांड के मुख्य साजिशकर्ता केंद्रीय गृह...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.