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कोविड-19: नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के आरोप और प्रोटेस्ट के बीच इजराइल में दूसरी बार देशव्यापी लॉकडाउन

इजराइल में कोरोना के मामलों में जबर्दस्त उछाल, प्रधानमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर पिछले 12 सप्ताह से लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शन और कोरोना महामारी से निपटने के तरीके की देशव्यापी आलोचना के बीच रविवार 13 सितंबर को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दूसरी बार देशव्यापी लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी है।

18 सितंबर से शुरु होने वाला ये लॉकडाउन तीन सप्ताह की अवधि के लिए होगा। ऐसा करने वाला इजराइल दुनिया का पहला विकसित देश होगा। इजराइल के मंत्रिमंडल ने तीन सप्ताह के लॉकडाउन को मंजूरी दी है। जिसमें विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी को भी घर से 500 मीटर की दूर के दायरे के बाहर जाने की पूर्ण पाबंदी होगी।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मार्च अप्रैल में इजराइल के निम्न मृत्यु दर की प्रशंसा करते हुए कहा-क्योंकि हमने सबसे पहले शटडाउन किया और अर्थव्यवस्था को सबसे पहले खोला था। बता दें कि इजराइल में अभी प्रतिदिन 4000 नए मामले आ रहे हैं।

नेतन्याहू ने प्रेस कान्फ्रेंस में बोलते हुए एविनु मलकीनू (Avinu Malkeinu) की लिखी आईकॉनिक हाई हॉलीडे प्रार्थना को कोट किया- “ हमारे पिता हमारे राजा कृपया अपनी जमीन से प्लेग दूर रखना।”

उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए आगे कहा- “मुझे पता है इस तरह के कदम हमसे सबसे ज़्यादा कीमत मांगते हैं। ये कोई छुट्टी का समय नहीं है जिसे हम चाहें या उम्मीद करें। हम अपने परिवार के साथ सेलीब्रेट नहीं कर सकते। धार्मिक, सेकुलर, यहूदी, मुस्लिम, ड्रूज हम इस में एक साथ जा रहे हैं। हमें खुद को और अपने दादी दादा की सुरक्षा के लिए इसकी पाबंदियों जैसे कि मास्क पहनना, सैनिटाइजर, हाईजीन, सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करना है।”

बता दें कि दूसरे देशव्यापी लॉकडाउन में सार्वजनिक क्षेत्र के वर्कफोर्स को कम से कम रखा गया है। प्राइवेट क्षेत्र सामान्य तौर पर कोई पब्लिक रिसेप्शन नहीं रखेंगे। सभी शैक्षणिक संस्थाएं बंद रहेंगी। घर के अंदर 10 लोगों से ज़्यादा इकट्ठे नहीं हो सकते। बाहर 20 लोगों से ज़्यादा नहीं इकट्ठा हो सकते। घर से 500 मीटर से आगे की मूवमेंट पर पाबंदी है।

इजराइल में 13 सितंबर को 24 घंटे में कोविड-19 के 2506 नए मामले दर्ज़ किए गए।

बता दें कि 90 लाख की आबादी वाले इजराइल में अब तक 1,56,823 मामले दर्ज़ किए गए हैं जिसमें से 1,15,128 रिकवर हो चुके हैं। यानि इजराइल में कोरोना से रिकवरी रेट 73.4% है। 1,126 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय वहां 40,569 एक्टिव मामले हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिया इस्तीफा

हाउसिंग मिनिस्टर याकोव लिटमैन (Yaakov Litzman) जिन्होंने कोविड-19 वैश्विक महामारी के समय बतौर स्वास्थ्य मंत्री भी देश को अपनी सेवाएं दीं, ने रविवार को पूरे देश में पूर्ण लॉकडाउन लगाए जाने और लॉकडाउन के कठोर मापदंडों की ये कहकर आलोचना करते हुए कि इससे लोगों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

लिटमन की मुख्य आपत्ति आने वाले हॉलीडे में यहूदियों को लॉकडाउन की पाबंदियों से उन्हें सामूहिक प्रार्थना में शामिल होने से वंचित किए जाने से है। अपने रेजिनेशन लेटर में उन्होंने लिखा- “ मेरा हृदय सैंकड़ों हजारों यहूदियों के साथ है जो साल में एक बार सिनगॉग (यहूदी प्रार्थनास्थल) में आते हैं अब की बार लॉक डाउन की पाबंदियों के चलते नहीं आ पाएंगे।”

भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के आवास के सामने विशाल विरोध-प्रदर्शन

दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू भी अपने समकक्षी दक्षिणपंथी राष्ट्राध्यक्षों नरेंद्र मोदी (भारत), जेयर बोल्सोनारो (ब्राजील) और डोनाल्ड ट्रंप (यूएसए) की भांति भ्रष्टाचार और कोविड-19 वैश्विक महामारी से सही से न निपटने का आरोप झेल रहे हैं। बेंजामिन नेतान्याहू के खिलाफ़ पिछले 12 सप्ताह से लगातार ये साप्ताहिक विरोध प्रदर्शन हो रहा है। हर शनिवार जेरुसलम में बेंजामिन नेतान्याहू के Balfour स्थित आवास के सामने जुटते हैं और हाथों में पोस्टर बैनर व इस्तीफा देने के नारे लगाते हुए अपना विरोध प्रदर्शित करते हैं। 12 सितंबर शनिवार को हुए पिछले विरोध प्रदर्शन में अनुमानतः 25 हजार प्रदर्शनकारी शामिल हुए थे।

प्रदर्शनकारी नेतन्याहू के आवास के बाहर रैली निकालते हैं, सीटी मारते हैं, नारे लगाते हैं, पोस्टर बैनर और झंडे लहाराते हैं और प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगते हैं। इसके समानांतर पूरे जेरुसलम के कई शहरों को जोड़ने वाले पुलों पर कई छोटे विरोध प्रदर्शन भी होते हैं।

ये विरोध प्रदर्शन गर्मियों में कोविड-19 के विस्फोट के साथ ही शुरु हुआ था। इजराइल में अब तक कोविड-19 से एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि डेढ़ लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।

महामारी के समय देश आर्थिक मंदी से भी गुज़र रहा है। इजराइल में बेरोजगारी दर 20 प्रतिशत से ऊपर पहुँच चुकी है।

इजराइल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट द्वारा अगस्त में करवाए गए सर्वे में लगभग 61 प्रतिशत लोगों ने माना है कि नेतन्याहू ने कोविड-19 महामारी को ठीक ढंग से नहीं मैनेज किया।

इसके अलावा उनके शहर के लोगों की उनके बारे में धारणा है कि वो घूसखोर, भ्रष्टाचारी, फ्रॉड और गैर भरोसेमंद हैं।

वहीं नेतन्याहू अपने खिलाफ़ होने वाले विरोध प्रदर्शनों की निंदा करते हुए कहते हैं कि यह विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र कुचलने वाला हैं और कहते हैं कि ये सब लेफ्ट द्वारा आयोजित है।

मीडिया में आई प्रतिक्रियाओं के बाद कि नेतन्याहू ने इजराइल-यूएई समझौते के एक हस्ताक्षर समारोह के लिए रविवार को अपने परिवार के साथ एक विशेष जेट से यात्रा करने की योजना को टाल दिया था, जो कि इजराइल के प्रतिनिधिमंडल के लिए जा रहे चार्टर्ड एक एयर लाइनर से अलग था।

कुछ मीडिया टिप्पणीकारों ने यात्रा की योजना की ये कहते हुए आलोचना की थी कि एक ऐसे समय जब इजराइल मार्च के बाद अपने दूसरे लॉकडाउन में जा रहा है परिवार के साथ विदेश की यात्रा करना एक गैर जिम्मेदाराना फैसला है। प्रधानमंत्री के सहयोगियों ने बाद में प्रतिक्रिय़ा देते हुए कहा था कि अलग से यात्रा करने की योजना एक स्वास्थ्यगत एहतियात थी। लेकिन नेतन्याहू के कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि वह बाकी प्रतिनिधिमंडल के साथ यात्रा करेंगे।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

This post was last modified on September 15, 2020 11:28 am

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