मिर्जापुर: महिला नेता पर जानलेवा-यौन हमला, माले ने किया 4 जुलाई को राज्यव्यापी विरोध का ऐलान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सीपीआई एमएल की राज्य कमेटी सदस्य और ऐपवा नेता जीरा भारती पर जानलेवा यौन हमला हुआ है। यह घटना मिर्जापुर में घटित हुई है। आपको बता दें कि जीरा भारती मिर्जापुर की लोकप्रिय नेता हैं। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस हमले की कड़ी निंदा की गयी है। साथ ही पार्टी ने घटना की एफआईआर दर्ज करने और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चार जुलाई को राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है।

पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने बताया कि हमला उस समय हुआ जब कामरेड भारती एक जुलाई की शाम मिर्जापुर से अपने घर जा रही थीं। उन पर पटेहरा में सामंती लम्पटों ने हमला कर दिया। प्राइवेट पार्ट पर लात मारी गई। उन्हें गंभीर चोट आई है। उन्होंने बताया कि घटना स्थल पर लगभग आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची। एक घंटे बाद एम्बुलेन्स भी आयी। उसके बाद पटेहरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्राथमिक इलाज हुआ।

राज्य सचिव ने बताया कि संबंधित थाना मड़िहान में तहरीर देने पर अगले दिन दोपहर बाद तक उक्त हमले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। हमलावर पक्ष भी ‘मैनेज’ करने में लगा हुआ था। पार्टी द्वारा एसपी-डीएम की जानकारी में लाया गया है। चोटिल होने के बावजूद कामरेड जीरा भारती (गुरुवार दो जुलाई को) यह बयान जारी करने तक थाने में पार्टी साथियों के साथ डटी हुई थीं। उनकी एफआईआर दर्ज कर हमलावरों को गिरफ्तार करने की मांग है।

जीरा भारती दलित सामाजिक पृष्ठभूमि से आती हैं और जिले में खेत मजदूरों की लोकप्रिय नेता हैं। उन्होंने मजदूरी बढ़ाने, कोटेदारों की मनमानी और मनरेगा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ी हैं।

राज्य सचिव ने कहा कि योगी सरकार में महिलाओं व दलितों पर हमले की एफआईआर भी दर्ज कराना मुश्किल है, अपराधियों, दबंगों की गिरफ्तारी तो और भी मुश्किल है।

राज्य सचिव ने कहा कि चंदौली समेत कुछ अन्य जिलों में भी हाल में माले नेताओं और दलितों पर शारीरिक हमले की घटनाएं हुई हैं, लेकिन हमलावर सत्ता-संरक्षण में आजाद हैं।

This post was last modified on July 2, 2020 9:11 pm

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